छत्तीसगढ़
खेत में करंट बिछाने से बच्चे की मौत, किसान को 10 साल की सजा
Shantanu Roy
25 Jun 2026 8:57 PM IST

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Gaurela-Pendra-Marwahi. गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। खेत की सुरक्षा के नाम पर बिना अनुमति बिजली प्रवाहित कर लगाए गए तारों की चपेट में आने से एक मासूम बच्चे की मौत के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल की अदालत ने आरोपी स्वरूप सिंह धुर्वे को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह कृत्य आपराधिक मानव वध की श्रेणी में आता है और इसे सामान्य लापरवाही नहीं माना जा सकता।
मामला 28 अगस्त 2025 का है, जब करगीकला मरवाही के नदिया टोला क्षेत्र में सार्वजनिक गणेश पंडाल के पास यह दर्दनाक घटना हुई थी। पंडाल से लगभग 50 मीटर दूरी पर स्थित खेत में अभियुक्त स्वरूप सिंह धुर्वे ने अपने घर से अवैध रूप से बिजली का कनेक्शन लेकर खेत की बाड़ में करंट प्रवाहित कर रखा था। आरोप है कि उसने बिजली विभाग की अनुमति और सुरक्षा मानकों के बिना पूरे खेत में हाई वोल्टेज करंट छोड़ दिया था। इसी दौरान खेलते हुए 10 वर्षीय गीतराम सारथी अपने साथियों के साथ पंडाल के पास मौजूद था। खेलते-खेलते बच्चे खेत की ओर पहुंच गए और जैसे ही गीतराम का हाथ खेत की बाड़ से लगे करंट प्रवाहित तार से छू गया, वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश फैल गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में मर्ग जांच रिपोर्ट, गवाहों के बयान और घटनास्थल से जुड़े सबूत प्रस्तुत किए। अदालत में मृतक की मां पूनम सारथी सहित चश्मदीद गवाह बेदराम घसिया, गणेश सिंह और राजेन्द्र सिंह के बयान महत्वपूर्ण रहे, जिन्होंने आरोपी के कृत्य की पुष्टि की। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी एक किसान है और उसने केवल अपने खेत की फसल को जानवरों से बचाने के उद्देश्य से ऐसा किया था। वकील ने यह भी कहा कि यह उसका पहला अपराध है, इसलिए उसे नरमी दिखाई जानी चाहिए। हालांकि अभियोजन पक्ष ने इस दलील का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि बिना अनुमति खुले तारों में करंट प्रवाहित करना गंभीर अपराध है, जो किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकता है।
न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल ने अपने फैसले में कहा कि कोई भी सामान्य व्यक्ति यह समझ सकता है कि बिना सुरक्षा उपायों के खुले तारों में करंट प्रवाहित करना जीवन के लिए अत्यंत खतरनाक है। अदालत ने कहा कि यह कार्य जानबूझकर किया गया गंभीर कृत्य है, जो आपराधिक मानव वध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में सख्त सजा आवश्यक है ताकि समाज में गलत संदेश न जाए। कोर्ट ने आरोपी का जमानत मुचलका तुरंत निरस्त करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया और सजा काटने के लिए जिला जेल पेण्ड्रारोड भेजने का आदेश दिया। साथ ही अदालत ने कहा कि यदि आरोपी जुर्माना राशि जमा नहीं करता है तो उसे तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे एक नजीर के तौर पर देखा जा रहा है कि खेत की सुरक्षा के नाम पर की गई लापरवाही भी गंभीर आपराधिक परिणाम दे सकती है।
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