छत्तीसगढ़
धान खरीदी में गड़बड़ी करने वालों पर शिकंजा, 8 अफसरों का उड़नदस्ता गठित
Shubhra Nandy
7 Nov 2026 8:14 AM IST

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वाहन और धान होंगे जब्त
एमसीबी : छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले जिला प्रशासन ने अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की तैयारी तेज कर दी है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान धान के अवैध परिवहन, भंडारण, रिसाइक्लिंग और बिचौलियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए जिला स्तरीय जांच कमेटी एवं उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के निर्देश पर गठित इस दल में आठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। धान खरीदी में अनियमितता मिलने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अवैध धान और उसके परिवहन में इस्तेमाल वाहनों को भी जब्त किया जा सकेगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और वास्तविक किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ दिलाना प्राथमिक उद्देश्य है। इसके लिए उपार्जन केंद्रों की नियमित निगरानी की जाएगी। साथ ही शिकायतों की जांच और शासन से प्राप्त अलर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आठ अधिकारियों को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
जिला स्तरीय जांच कमेटी एवं उड़नदस्ता दल में अपर कलेक्टर लिंगराज सिदार, डिप्टी कलेक्टर स्वप्निल वर्मा, जिला खाद्य अधिकारी विष्णु नारायण शुक्ला, जिला विपणन अधिकारी विनिता चौरासे, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित मनेंद्रगढ़ के नोडल अधिकारी राजेश मिश्रा, कृषि उपज मंडी के मंडी सचिव राहुल कुमार साहू, वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक जोवाकिम मिज और ई-जिला प्रबंधक नारायण केवट को शामिल किया गया है। इन अधिकारियों को धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं पर निगरानी रखने के साथ अवैध गतिविधियों की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। जांच दल को प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण भी सुनिश्चित करना होगा।
दूसरे राज्यों से आने वाले धान पर विशेष नजर
धान खरीदी के दौरान अन्य राज्यों से जिले में धान की संभावित अवैध आवक रोकने के लिए प्रशासन ने विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। जांच दल नियमित रूप से धान के परिवहन, भंडारण और विक्रय से संबंधित गतिविधियों की जांच करेगा। किसी भी स्थान पर अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था का लाभ वास्तविक पंजीकृत किसानों को मिले और अवैध रूप से लाए गए धान को खरीदी केंद्रों में नहीं खपाया जा सके।
कोचियों और बिचौलियों की बनेगी सूची
धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले मंडी अधिकारियों को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चिल्हर रूप से धान खरीदने वाले कोचियों और बिचौलियों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को ऐसे व्यक्तियों की जानकारी जिला कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी, ताकि उनकी गतिविधियों पर आवश्यक निगरानी रखी जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध धान खरीदी और उसे समर्थन मूल्य पर बेचने की कोशिश करने वालों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
दूसरे किसानों के पंजीयन पर धान खपाया तो कार्रवाई
जिला प्रशासन ने जांच दल को निर्देश दिए हैं कि कोचियों और बिचौलियों द्वारा अवैध रूप से खरीदे गए धान को अन्य पंजीकृत किसानों के नाम पर उपार्जन केंद्रों में बेचने के प्रयासों पर कड़ी नजर रखी जाए। यदि कोई व्यक्ति दूसरे किसान के पंजीयन का इस्तेमाल कर अवैध धान बेचने का प्रयास करता पाया जाता है, तो संबंधित प्रकरण में वाहन और धान जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। धान की रिसाइक्लिंग, अवैध परिवहन और विक्रय सहित खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
हर सप्ताह देनी होगी जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट
जिला प्रशासन ने गठित जांच दल को नियमित निरीक्षण करने और प्रत्येक सप्ताह अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस रिपोर्ट में जांच और कार्रवाई से संबंधित जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे धान खरीदी केंद्रों की निगरानी और प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा की जा सकेगी। अपर कलेक्टर लिंगराज सिदार द्वारा जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
वास्तविक किसानों को लाभ दिलाने पर जोर
जिला प्रशासन की इस व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में पारदर्शिता बनाए रखना है। अवैध धान की आवक, बिचौलियों की गतिविधियों और दूसरे किसानों के पंजीयन के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए विशेष जांच दल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। खरीदी केंद्रों पर निगरानी के साथ नियमित जांच और साप्ताहिक रिपोर्ट की व्यवस्था से प्रशासन को अनियमितताओं की जानकारी समय पर मिल सकेगी। फिलहाल जिले में धान खरीदी को लेकर निगरानी व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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