
एमसीबी। आगामी मानसून-2026 को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़, अतिवृष्टि एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के परिपालन में जिले के सभी विभागों को पूर्व तैयारियों की समीक्षा कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष कलेक्ट्रेट परिसर के कक्ष क्रमांक-14 में स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष क्रमांक 07771-299055 है। यह नियंत्रण कक्ष मानसून अवधि के दौरान 24 घंटे संचालित रहेगा। आपातकालीन स्थिति में अपर कलेक्टर एवं जिला आपदा प्रबंधन समिति की नोडल अधिकारी नम्रता आनंद डोंगरे (मो. 9617845121), जिला सेनानी एवं प्रभारी फायर ब्रिगेड अधिकारी संजय गुप्ता (मो. 8319140403) तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे (मो. 6265140005) से भी तत्काल संपर्क किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त पुलिस सहायता हेतु डायल-100 एवं डायल-112 सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी।
जिला प्रशासन ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों, नगरीय निकायों एवं संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने तथा इसकी जानकारी तीन दिवस के भीतर जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
राहत एवं बचाव के लिए अग्रिम तैयारी
बाढ़ प्रभावित एवं पहुंच विहीन क्षेत्रों में खाद्यान्न, नमक, केरोसीन, जीवन रक्षक दवाइयों एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सकों की क्विक रिस्पांस टीम गठित करने तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम सहित आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष फोकस
मानसून के दौरान जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए कुओं, हैंडपंपों एवं अन्य जल स्रोतों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव तथा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। राहत शिविरों में अतिरिक्त शौचालय, नियमित सैनिटाइजेशन और स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी।
संवेदनशील क्षेत्रों की होगी सतत निगरानी
प्रत्येक वर्ष बाढ़ प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए स्कूल, धर्मशाला, गोदाम एवं अन्य शासकीय-अशासकीय भवनों को राहत शिविर के रूप में चिन्हित किया जा रहा है।
जलाशयों एवं नदियों की निगरानी के निर्देश
जल संसाधन विभाग को सभी बांधों, जलाशयों एवं सिंचाई परियोजनाओं के जलस्तर की नियमित निगरानी करने तथा जल निकासी की स्थिति में निचले क्षेत्रों को कम से कम 12 घंटे पूर्व सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित बाढ़ की स्थिति में राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष को भी तत्काल सूचित किया जाएगा।
नगरीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता
नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों को सभी नालों एवं नालियों की नियमित सफाई, जलभराव वाले क्षेत्रों में पंपों की व्यवस्था, असुरक्षित पेड़ों की कटाई तथा होर्डिंग्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
तहसील एवं नगरीय स्तर पर नियुक्त किए गए बाढ़ नियंत्रण अधिकारी
जिले में बाढ़ एवं अतिवृष्टि की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए निम्न अधिकारियों को बाढ़ नियंत्रण अधिकारी नियुक्त किया गया है-
तहसील स्तर-
श्रुति धुर्वे, तहसीलदार मनेन्द्रगढ़ 9981052224, श्रीमती सिद्धी गबेल, तहसीलदार खड़गवां 9907168559, नीरजकांत तिवारी, तहसीलदार भरतपुर 9926191827, श्रीमती सतरूपा साहू, तहसीलदार केल्हारी 7999604752, समीर शर्मा, तहसीलदार चिरमिरी एवं उप तहसील नागपुर 9039883202, महेन्द्र कुमार साहू, तहसीलदार कोटाडोल एवं उप तहसील कुंवारपुर 7389220267
नगरीय निकाय स्तर
आर.पी. अचला, आयुक्त नगर पालिक निगम चिरमिरी 9589673040, अजय राजपूत, मुख्य नगर पालिका अधिकारी मनेन्द्रगढ़ 6263186512, संजय दुबे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी लेदरी 7694055133, राजेन्द्र पात्रे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी झगराखाण्ड 8815038818, श्रीमती अंजना वायक्लिप, मुख्य नगर पालिका अधिकारी खोंगापानी 8770156218, अजय तिवारी, मुख्य नगर पंचायत अधिकारी जनकपुर 9479181100
जिला प्रशासन ने सभी विभागों को उपलब्ध बाढ़ राहत एवं बचाव सामग्री की अद्यतन सूची तत्काल उपलब्ध कराने तथा वर्षा, बाढ़ एवं राहत कार्यों से संबंधित जानकारी प्रतिदिन जिला राहत शाखा को भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तहसील स्तर पर नियुक्त अधिकारियों को प्रतिदिन वर्षा संबंधी जानकारी भू-अभिलेख शाखा की अधीक्षक श्रीमती उमंग जैन (मो. 7049427006) को प्रातः 8 बजे तथा बाढ़/अतिवृष्टि से हुई क्षति की जानकारी राहत शाखा की प्रभारी लिपिक श्रीमती आशीष देवी (मो. 9713700311) को निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मानसून अवधि के दौरान जनहानि एवं संपत्ति की क्षति को न्यूनतम करने के लिए सभी विभाग पूर्ण सतर्कता, समन्वय और जवाबदेही के साथ कार्य करेंगे।





