छत्तीसगढ़

नशीली दवाओं के कारोबार का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

Shantanu Roy
29 Oct 2026 3:39 PM IST
नशीली दवाओं के कारोबार का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार
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Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तांदुला नदी किनारे रामघाट मंदिर के पास दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से Nitrosun-10 की 1500 टैबलेट बरामद की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा पुलिस ने नकदी, दोपहिया वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी नशीली गोलियों को बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहे थे। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री, परिवहन और तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 27 अक्टूबर 2026 को बालोद थाने में पदस्थ निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली। सूचना के मुताबिक, तांदुला नदी के किनारे स्थित रामघाट मंदिर के आसपास कुछ संदिग्ध व्यक्ति बाइक और स्कूटी में नशीली दवाइयां लेकर घूम रहे थे और उन्हें बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान तीन संदिग्धों को पकड़ा गया और उनकी तलाशी ली गई।

तीन आरोपियों के कब्जे से मिलीं 1500 नशीली गोलियां
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवीन चावला, आशीष निर्मलकर और किशन बहादुर उर्फ नेपाली के रूप में की है। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से Nitrosun-10 (Nitrazepam Tablets IP) की कुल 1500 टैबलेट बरामद हुईं। पुलिस ने बरामद गोलियों की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास इतनी बड़ी मात्रा में नशीली दवाइयां मिलने के बाद उनके स्रोत और बिक्री से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में भी जुटी है कि इन गोलियों की आपूर्ति किन लोगों को की जानी थी।

ओडिशा के भुवनेश्वर से लाई गई थीं गोलियां
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे नशीली गोलियां ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से ला रहे थे। इस जानकारी के आधार पर पुलिस अब नशीली दवाइयों की आपूर्ति करने वालों के संबंध में जांच कर रही है। मामले में यह भी पता लगाया जा रहा है कि गोलियों की खरीद किससे की गई थी और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाने की योजना थी। हालांकि, भुवनेश्वर से दवाइयां लाए जाने का दावा आरोपियों की पूछताछ पर आधारित है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि और आपूर्ति से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है।

बाइक, स्कूटी, मोबाइल और नकदी भी जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नशीली दवाइयों के अलावा नकदी रकम, दोपहिया वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस जब्त मोबाइल फोन और अन्य सामग्री की जांच के जरिए नशीली दवाओं के कथित कारोबार से जुड़े संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपियों का संबंध किसी बड़े आपूर्ति नेटवर्क से है या नहीं। पुलिस ने फिलहाल इस मामले में किसी अतिरिक्त आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज
बालोद थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 की धारा 22(ग) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस के मुताबिक, जब्त Nitrosun-10 टैबलेट में नाइट्राजेपाम नामक औषधीय पदार्थ होता है। यह चिकित्सकीय उपयोग की दवा है, लेकिन इसका गैरकानूनी कारोबार और दुरुपयोग गंभीर चिंता का विषय है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से संबंधित जानकारी, दवाइयों के स्रोत, परिवहन और संभावित खरीदारों के संबंध में जांच कर रही है। एसपी किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन में जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अवैध नशीली दवाओं की तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
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