छत्तीसगढ़
सुबह 4 बजे रूआबांधा कॉलोनी में दुर्ग पुलिस की दबिश, 2 वारंटी पकड़े गए
Shubhra Nandy
23 Oct 2026 11:35 AM IST

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60 जवानों ने चलाया कॉम्बिंग अभियान
दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अपराधों की रोकथाम और संदिग्ध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस ने शुक्रवार तड़के बड़ा अभियान चलाया। भिलाई की रुआबांधा कॉलोनी में सुबह चार बजे से आठ बजे तक पुलिस की कई टीमों ने संयुक्त रूप से सघन चेकिंग और कॉम्बिंग गश्त की। इस अभियान में दो राजपत्रित अधिकारी, चार निरीक्षक सहित कुल 60 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। चार घंटे तक चले अभियान में पुलिस ने बाहरी किरायेदारों, संदिग्ध व्यक्तियों और आदतन अपराधियों की गतिविधियों की जांच की। इस दौरान लंबे समय से तलाशे जा रहे दो वारंटियों को भी पकड़ा गया। दुर्ग पुलिस के अनुसार, अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों की रोकथाम करना और अवैध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों पर निगरानी बढ़ाना था।
तड़के पहुंची पुलिस की टीम
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को जब अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे, उसी दौरान दुर्ग पुलिस ने भिलाई की रुआबांधा कॉलोनी में विशेष कॉम्बिंग अभियान शुरू किया। सुबह चार बजे पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी अभियान में शामिल हुए। अलग-अलग टीमों ने क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जांच और वारंटियों की तलाश की। अभियान सुबह आठ बजे तक चला। इस दौरान पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर जांच की और संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस के मुताबिक, ऐसे अभियान अपराध नियंत्रण और क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के लिए चलाए जाते हैं।
60 अधिकारी-कर्मचारियों ने संभाली जिम्मेदारी
दुर्ग पुलिस ने इस विशेष अभियान के लिए व्यापक स्तर पर बल तैनात किया था। इसमें दो राजपत्रित अधिकारी और चार निरीक्षक समेत कुल 60 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पुलिस टीमों ने समन्वय के साथ चेकिंग अभियान चलाया। इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी का उद्देश्य निर्धारित समय में क्षेत्र की जांच करना और वारंटियों की तलाश करना था।
दो वारंटियों को पकड़ा
कॉम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस को दो वारंटियों को पकड़ने में सफलता मिली। अभियान के दौरान पुलिस टीम ने वारंटियों की तलाश की और उनकी पहचान होने पर आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी में पकड़े गए वारंटियों के नाम, संबंधित मामलों और वारंट की प्रकृति का विवरण नहीं दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, वारंटियों की तलाश अपराध नियंत्रण अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रुआबांधा कॉलोनी में चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस ने बाहरी किरायेदारों और संदिग्ध व्यक्तियों से संबंधित जानकारी की जांच की। इसके अलावा आदतन अपराधियों की गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने क्षेत्र में रहने वाले लोगों से आवश्यक पूछताछ कर संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल की। विभाग का कहना है कि किरायेदारों के सत्यापन से पुलिस रिकॉर्ड को अपडेट रखने और अपराधों की जांच में सहायता मिल सकती है। हालांकि, किसी व्यक्ति का दूसरे शहर या राज्य से आकर किराए पर रहना अपने आप में संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि नहीं है।
अवैध हथियार और मादक पदार्थों की तलाश
अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने मादक पदार्थों और अवैध हथियारों की तलाश के लिए भी सघन जांच की। क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों की रोकथाम के लिए संदिग्ध स्थानों और व्यक्तियों से संबंधित जानकारी एकत्रित की गई। दुर्ग पुलिस के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों पर नियंत्रण के प्रयासों को मजबूत करना था। हालांकि, उपलब्ध पुलिस विवरण में किसी मादक पदार्थ या अवैध हथियार की बरामदगी का उल्लेख नहीं है। इसलिए अभियान में ऐसी जब्ती होने की पुष्टि नहीं की जा सकती।
अपराधों की रोकथाम के लिए चलाया गया विशेष अभियान
दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया कि रुआबांधा कॉलोनी में चलाया गया अभियान अपराधों की रोकथाम और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। पुलिस का मानना है कि नियमित चेकिंग और संदिग्ध गतिविधियों की जांच से अपराध संबंधी सूचनाएं जुटाने में मदद मिलती है। इसके साथ ही फरार वारंटियों की तलाश और आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी ऐसे अभियानों का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। पुलिस ने कहा कि अभियान में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारियां निभाईं।
किरायेदारों का सत्यापन कराने की अपील
अभियान के बाद दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है। पुलिस ने मकान मालिकों से कहा है कि वे अपने यहां रहने वाले किरायेदारों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पुलिस सत्यापन जरूर कराएं। इसके अलावा क्षेत्र में मादक पदार्थों की बिक्री, अवैध हथियारों की मौजूदगी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। पुलिस के अनुसार, आम नागरिकों का सहयोग अपराधों की रोकथाम और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
चार घंटे की कार्रवाई में दो वारंटी गिरफ्तार
शुक्रवार सुबह चार बजे शुरू हुआ विशेष अभियान आठ बजे तक चला। इस दौरान पुलिस ने रुआबांधा कॉलोनी में व्यापक जांच की। अभियान में कुल 60 अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे और दो वारंटियों को पकड़ा गया। दुर्ग पुलिस ने कहा कि ऐसे अभियानों का उद्देश्य आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ाना और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखना है।
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