छत्तीसगढ़

रायपुर के मध्य जोन के सभी 7 थानों में ई-मालखाना प्रणाली लागू

Shantanu Roy
12 Aug 2026 10:40 PM IST
रायपुर के मध्य जोन के सभी 7 थानों में ई-मालखाना प्रणाली लागू
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Raipur. रायपुर। कमिश्नरेट रायपुर में पुलिस व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मध्य जोन के सभी थानों में अब ई-मालखाना प्रणाली शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में थाना सिविल लाइन में ई-मालखाना का शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित कांबले द्वारा किया गया। इसके साथ ही मध्य जोन के सभी सात थानों में यह डिजिटल प्रणाली लागू हो गई है। थाना सिविल लाइन में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान डीसीपी मध्य जोन तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला, एसीपी रमाकांत साहू, थाना प्रभारी सिविल लाइन यामन देवांगन सहित थाना स्टाफ मौजूद रहा। अधिकारियों ने ई-मालखाना प्रणाली के माध्यम से जब्त संपत्ति के रिकॉर्ड को डिजिटल तरीके से व्यवस्थित करने और उसके रख-रखाव की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

कोतवाली से शुरू हुई थी व्यवस्था
कमिश्नरेट रायपुर में ई-मालखाना प्रणाली की शुरुआत मध्य जोन के थाना कोतवाली से की गई थी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य थानों में भी इसे लागू किया गया। अब सिविल लाइन थाना में भी इस व्यवस्था की शुरुआत होने के साथ ही मध्य जोन के सभी सात थाने ई-मालखाना प्रणाली से जुड़ गए हैं। मध्य जोन के अंतर्गत कोतवाली, मौदहापारा, गोलबाजार, देवेंद्र नगर, गंज, तेलीबांधा और सिविल लाइन थाने शामिल हैं। इन सभी थानों में जब्त माल के रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से दर्ज और व्यवस्थित किया जा सकेगा।

जब्त माल की डिजिटल एंट्री
ई-मालखाना प्रणाली का सबसे बड़ा फायदा जब्त माल की डिजिटल एंट्री और उसके रिकॉर्ड के व्यवस्थित संधारण के रूप में सामने आएगा। पुलिस कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए सामान, दस्तावेजों और अन्य संपत्तियों से संबंधित जानकारी को डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे मालखाने में रखी जब्त संपत्ति की जानकारी जरूरत के समय आसानी से प्राप्त की जा सकेगी। किसी मामले में जब्त सामान की स्थिति, रिकॉर्ड और उससे जुड़ी जानकारी को ट्रैक करना भी पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगा।

मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भरता होगी कम
ई-मालखाना प्रणाली लागू होने से मालखाना संबंधी कार्यों में मैनुअल रिकॉर्ड पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। वर्तमान में जब्त संपत्तियों से संबंधित रिकॉर्ड के रख-रखाव में कागजी प्रक्रिया की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से इस प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाया जा सकेगा। पुलिस विभाग के अनुसार डिजिटल रिकॉर्ड के कारण जब्त माल से संबंधित जानकारी को आवश्यकता के अनुसार आसानी से खोजा और ट्रैक किया जा सकेगा। इससे रिकॉर्ड तैयार करने और उसकी निगरानी करने वाले कर्मचारियों के काम में भी सुविधा होगी।

पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा
ई-मालखाना व्यवस्था का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड को डिजिटल करना ही नहीं, बल्कि मालखाना प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना भी है। जब्त संपत्ति की डिजिटल एंट्री होने से उसके रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से संधारित किया जा सकेगा। इसके साथ ही जब्त माल के सुरक्षित रख-रखाव और उसकी निगरानी को भी बेहतर बनाया जा सकेगा। डिजिटल रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी आवश्यकता पड़ने पर आसानी से उपलब्ध होने के कारण मालखाना प्रबंधन में कार्यकुशलता बढ़ने की उम्मीद है।

पुलिस व्यवस्था में तकनीकी बदलाव
कमिश्नरेट रायपुर में ई-मालखाना प्रणाली की शुरुआत पुलिस विभाग के कामकाज में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाती है। पुलिसिंग से जुड़े रिकॉर्ड और प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से जोड़ने का उद्देश्य कामकाज को तेज, व्यवस्थित और अधिक पारदर्शी बनाना है। मध्य जोन के सभी सात थानों में ई-मालखाना लागू होने के बाद जब्त संपत्तियों के रिकॉर्ड और उनके रख-रखाव की प्रक्रिया को एक आधुनिक डिजिटल व्यवस्था के तहत संचालित किया जा सकेगा। इससे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी मामलों से संबंधित जब्त माल की जानकारी प्रबंधित करने में सुविधा मिलेगी। सिविल लाइन थाना में ई-मालखाना शुरू होने के साथ मध्य जोन में इस व्यवस्था का विस्तार पूरा हो गया है। अब सभी सात थानों में जब्त माल का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से संधारित और निगरानी योग्य होगा।
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