छत्तीसगढ़

हाथी ने महिला पर किया जानलेवा हमला, इलाज के दौरान मौत

Shantanu Roy
20 Oct 2026 2:54 PM IST
हाथी ने महिला पर किया जानलेवा हमला, इलाज के दौरान मौत
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छग
Surguja. सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। उदयपुर थाना क्षेत्र के ग्राम महेशपुर में हाथी के हमले से गंभीर रूप से घायल 60 वर्षीय बुजुर्ग मोहन कुजूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। बुजुर्ग को गंभीर हालत में रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। मंगलवार को उनके गृहग्राम महेशपुर में अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। वहीं, क्षेत्र में लगातार हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

तालाब के पास हाथियों से हुआ था सामना
जानकारी के अनुसार, ग्राम महेशपुर निवासी मोहन कुजूर 6 अक्टूबर को गांव के तालाब के पास गए हुए थे। इसी दौरान उनका सामना हाथियों के एक दल से हो गया। अचानक सामने आए हाथी ने बुजुर्ग पर हमला कर दिया। हाथी की लात लगने से मोहन कुजूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले में उनके सीने में गंभीर चोट आई थी और जबड़ा भी टूट गया था। घटना के बाद घायल बुजुर्ग को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।

रायपुर में इलाज के दौरान तोड़ा दम
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के बाद भी मोहन कुजूर की हालत गंभीर बनी हुई थी। इसके चलते चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें रायपुर रेफर कर दिया। रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में उनका उपचार जारी था, लेकिन अंदरूनी चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। सोमवार को उपचार के दौरान बुजुर्ग की मौत हो गई। मंगलवार को उनका शव गृहग्राम महेशपुर लाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना ने क्षेत्र में मानव और हाथियों के बीच बढ़ते संघर्ष को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

उदयपुर क्षेत्र में 25 हाथियों का डेरा
सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र में वर्तमान में करीब 25 हाथी डटे हुए हैं। हाथियों की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हाथी आए दिन खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा कुछ ग्रामीणों के मकानों को भी हाथियों ने क्षतिग्रस्त किया है। ग्रामीणों के अनुसार, खेतों में धान की फसल पूरी तरह तैयार हो चुकी है। ऐसे समय में हाथियों के खेतों में घुसने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। महीनों की मेहनत से तैयार फसल बर्बाद होने के कारण किसान परेशान हैं।

फसल बर्बाद होने से किसानों की चिंता बढ़ी
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की गतिविधियों के कारण खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। किसानों को अपनी तैयार फसल की चिंता सता रही है। हाथियों के लगातार खेतों में पहुंचने से ग्रामीणों में डर बना हुआ है। वन विभाग की ओर से प्रभावित किसानों की फसलों के नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रकरण तैयार किया जा रहा है। विभाग हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी भी रख रहा है, ताकि ग्रामीणों को संभावित खतरे से आगाह किया जा सके।

वन विभाग ने ग्रामीणों को किया सतर्क
क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश दी है। अधिकारियों की ओर से लोगों को हाथियों के नजदीक नहीं जाने और उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। महेशपुर में हुई बुजुर्ग की मौत के बाद ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। लगातार फसलों और मकानों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के बीच मानव-हाथी संघर्ष को रोकना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। ग्रामीणों को अब हाथियों से सुरक्षा के साथ अपनी फसलों को बचाने की भी चिंता सता रही है।
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