छत्तीसगढ़

खरसिया और घरघोड़ा में बनेंगे 9 हजार मीट्रिक टन क्षमता के पांच आधुनिक गोदाम

Shantanu Roy
14 Jun 2026 6:55 PM IST
खरसिया और घरघोड़ा में बनेंगे 9 हजार मीट्रिक टन क्षमता के पांच आधुनिक गोदाम
x
छग
Raigarh. रायगढ़। खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को भी नई मजबूती देने की दिशा में रायगढ़ जिले को एक और बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) रायगढ़ द्वारा कृषि अधोसंरचना के विकास के लिए 4 करोड़ 19 लाख 52 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। इस राशि से जिले में कुल 9 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले पांच आधुनिक गोदामों एवं कार्यालय भवनों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे किसानों को अपनी उपज के सुरक्षित भंडारण और बेहतर विपणन की सुविधा उपलब्ध होगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि एवं अन्य संबद्ध गतिविधियां सेक्टर के अंतर्गत उच्च प्राथमिकता वाले कार्य के रूप में स्वीकृत इस परियोजना के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग रायगढ़ को कार्य एजेंसी बनाया गया है। सभी निर्माण कार्यों को एक वर्ष अर्थात 365 दिनों में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परियोजना के तहत विकासखंड खरसिया के ग्राम पंचायत टेमटेमा में 1800 मीट्रिक टन क्षमता वाले चार गोदामों का निर्माण किया जाएगा। इनमें गोदाम क्रमांक-1 एवं कार्यालय भवन निर्माण के लिए 85 लाख 17 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

जबकि गोदाम क्रमांक-02, 03 और 04 के निर्माण हेतु प्रत्येक के लिए 79 लाख 15 हजार रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है। इसी प्रकार विकासखंड घरघोड़ा में 1800 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम एवं कार्यालय भवन निर्माण कार्य के लिए 96 लाख 90 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन आधुनिक भंडारण सुविधाओं के निर्माण से किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने की बेहतर व्यवस्था मिलेगी। इससे फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आएगी, भंडारण क्षमता बढ़ेगी तथा किसानों को उपज बेचने के लिए उचित समय का इंतजार करने का अवसर मिलेगा। कृषि उत्पादों के संग्रहण, संरक्षण और विपणन की सुविधाएं मजबूत होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। जिला प्रशासन ने परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और
पारदर्शी क्रियान्वयन
के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कार्य स्थल पर स्थायी सूचना फलक लगाना अनिवार्य किया गया है, जिसमें योजना का नाम, स्वीकृत राशि, डीएमएफ का लोगों तथा कार्य प्रारंभ और पूर्णता की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। निर्माण कार्य की प्रत्येक अवस्था की फोटोग्राफी तथा नियमित प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करना भी अनिवार्य होगा। निर्माण गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर सुधार कार्य का पूरा व्यय संबंधित कार्य एजेंसी द्वारा वहन किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्माण के लिए चयनित भूमि विवाद रहित हो तथा किसी भी प्रकार की वन भूमि या न्यायालयीन प्रतिबंध वाली भूमि का उपयोग न किया जाए। कृषि अधोसंरचना को मजबूत बनाने की यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि रायगढ़ जिले में कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा प्रदान करेगी।
Next Story