छत्तीसगढ़

पंडरिया में सुशासन तिहार समाधान शिविर

Shantanu Roy
8 Jun 2026 8:41 PM IST
पंडरिया में सुशासन तिहार समाधान शिविर
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Pandariya. पंडरिया। पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत दामापुर में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विधायक भावना बोहरा मुख्य रूप से शामिल हुईं। उन्होंने शिविर में पहुंचकर क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान विधायक ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया और योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
इस अवसर पर 25 से अधिक ग्रामों से आए हितग्राहियों को शासन की योजनाओं के तहत भू-स्वामित्व पट्टा एवं राशन कार्ड वितरित किए गए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लाभ प्राप्त किया और शासन की योजनाओं के प्रति संतोष व्यक्त किया। कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहित किया गया। विभिन्न कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाना बताया गया।
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक वंचित न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि समाधान शिविर जैसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में सीधे जनता से संवाद स्थापित करने का माध्यम हैं, जिससे समस्याओं का त्वरित निराकरण संभव हो पाता है। इससे शासन और जनता के बीच दूरी कम होती है और पारदर्शिता बढ़ती है।
कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को जनहित में उपयोगी बताया और शासन की योजनाओं की सराहना की। शिविर के दौरान कई लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिन पर मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए और किसी भी हितग्राही को अनावश्यक परेशान न होना पड़े। यह आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की पहुंच और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
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