छत्तीसगढ़
उदयपुर में 27 हाथियों का दल, कई गांवों के रास्ते बंद, हमले में बुजुर्ग घायल
Shantanu Roy
6 Oct 2026 11:11 PM IST

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छग
Surguja. सरगुजा। जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में 27 हाथियों के दल के विचरण से कई गांवों में दहशत का माहौल है। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने महेशपुर-लक्ष्मणगढ़ मार्ग सहित कई गांवों की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी है। मंगलवार सुबह महेशपुर क्षेत्र में एक हाथी ने 65 वर्षीय बुजुर्ग मोहन कुजूर पर हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए। उनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर में किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करमकटरा जंगल से निकले 27 हाथी अलग-अलग पांच झुंडों में क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं। हाथियों को अलकापुरी, लक्ष्मणगढ़, महेशपुर, मानपुर जजगी और फूनगी गांवों के आसपास देखा गया है। हाथियों की गतिविधि बढ़ने के बाद वन विभाग ने इन गांवों के पहुंच मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी है। वन विभाग का अमला सुबह से ही जजगी चौक, उपका, मानपुर, फूनगी, लक्ष्मणगढ़ और महेशपुर के आसपास तैनात है। चौक-चौराहों पर बैरिकेड लगाए गए हैं और लोगों को हाथियों के विचरण क्षेत्र में नहीं जाने की समझाइश दी जा रही है। मंगलवार सुबह हाथियों का एक दल ऐतिहासिक स्थल महेशपुर के मुंगरी तालाब के पास पहुंचा था। इसी दौरान शौच के लिए निकले मोहन कुजूर हाथियों के नजदीक पहुंच गए।
बताया गया कि एक हाथी ने उन पर हमला करते हुए पैर से ठोकर मार दी। हमले में मोहन कुजूर घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि हाथी ने दोबारा हमला नहीं किया। इसके बाद घायल बुजुर्ग किसी तरह अपने घर पहुंचे। परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर लेकर गए, जहां उनका उपचार जारी है। हाथियों के लगातार मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के गांवों में मुनादी भी कराई है। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की चेतावनी दी जा रही है। वन विभाग ने हाथियों के विचरण वाले इलाकों में वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी है। विभाग का कहना है कि हाथियों के रास्ते में भीड़ या वाहन आने से उनके उग्र होने का खतरा बढ़ सकता है। मंगलवार शाम अलकापुरी के पास हाथियों का एक दल खेत में घुस गया। हाथियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए। वन विभाग ने लोगों को तत्काल वहां से हटाया और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी। अलकापुरी क्षेत्र पहले भी हाथियों की गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहा है। यहीं करंट की चपेट में आने से एक हाथी के शावक की मौत हो चुकी है। इसे देखते हुए विभाग अब ज्यादा सतर्कता बरत रहा है। फिलहाल 27 हाथियों के पांच अलग-अलग दलों की निगरानी की जा रही है। वन विभाग की टीमें लगातार उनकी लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है कि हाथियों को देखने के लिए भीड़ न लगाएं और किसी भी स्थिति में उन्हें उकसाने या उनके पास जाने की कोशिश न करें।
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