छत्तीसगढ़

रायपुर में जूनियर डॉक्टर्स ने निकाला कैंडल मार्च

Shantanu Roy
22 Sept 2026 9:37 PM IST
रायपुर में जूनियर डॉक्टर्स ने निकाला कैंडल मार्च
x
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में जूनियर डॉक्टर्स ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कैंडल मार्च निकाला। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) रायपुर के बैनर तले मेडिकल कॉलेज बिल्डिंग से कैजुअल्टी तक डॉक्टर हाथों में मोमबत्तियां लेकर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपनी तीन प्रमुख मांगों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए जल्द निर्णय लेने की मांग की। जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि स्टाइपेंड में उचित वृद्धि, सेवा बॉण्ड की अवधि कम करने और प्रदेश में सुपर-स्पेशियलिटी कैडर के गठन की मांग लंबे समय से की जा रही है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कैंडल मार्च आयोजित किया गया।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
JDA रायपुर की पहली प्रमुख मांग MBBS इंटर्न, बॉण्डेड मेडिकल ऑफिसर, PG रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट के स्टाइपेंड में उचित वृद्धि करने की है। जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि चिकित्सा व्यवस्था में अलग-अलग स्तर पर सेवाएं दे रहे डॉक्टरों के स्टाइपेंड में समय और परिस्थितियों के अनुरूप वृद्धि की जानी चाहिए। डॉक्टर्स ने इस मुद्दे पर शासन से सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं में जूनियर एवं रेजिडेंट डॉक्टरों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
दो साल का सेवा बॉण्ड एक साल करने की मांग
दूसरी प्रमुख मांग UG और PG डॉक्टरों के सेवा बॉण्ड से जुड़ी है। JDA ने वर्तमान में दो वर्ष की सेवा-बॉण्ड अवधि को घटाकर एक वर्ष करने की मांग रखी है। इसके साथ ही एसोसिएशन चाहता है कि यदि बॉण्ड की अवधि कम करने का फैसला लिया जाता है तो इसका लाभ केवल आगामी बैचों को नहीं बल्कि वर्तमान और मौजूदा बैचों को भी दिया जाए। जूनियर डॉक्टर्स ने इसे लेकर समान व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
सुपर-स्पेशियलिटी कैडर के गठन की मांग
जूनियर डॉक्टर्स की तीसरी प्रमुख मांग छत्तीसगढ़ में सुपर-स्पेशियलिटी कैडर बनाने की है। एसोसिएशन के मुताबिक विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए स्पष्ट कैडर और दीर्घकालिक सेवा व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से इसका गठन जरूरी है। JDA का मानना है कि अलग सुपर-स्पेशियलिटी कैडर बनने से विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए सेवा से जुड़ी व्यवस्था अधिक स्पष्ट हो सकेगी। साथ ही प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और दीर्घकालिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।
शासन का ध्यान खींचने कैंडल मार्च
अपनी मांगों को सामने रखने के लिए जूनियर डॉक्टर्स मेडिकल कॉलेज बिल्डिंग में एकत्र हुए। इसके बाद हाथों में मोमबत्तियां लेकर कैजुअल्टी तक मार्च निकाला गया। कैंडल मार्च के माध्यम से डॉक्टरों ने अपनी लंबित मांगों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। जूनियर डॉक्टर्स ने उम्मीद जताई है कि शासन उनकी मांगों पर विचार कर जल्द उचित निर्णय लेगा। फिलहाल JDA की ओर से स्टाइपेंड वृद्धि, सेवा बॉण्ड की अवधि घटाने और सुपर-स्पेशियलिटी कैडर बनाने की तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं।
Next Story