छत्तीसगढ़

वन भूमि पर बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान, 17 अवैध मकान बुलडोजर से ध्वस्त

Shantanu Roy
14 Jun 2026 9:50 PM IST
वन भूमि पर बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान, 17 अवैध मकान बुलडोजर से ध्वस्त
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Ambikapur. अंबिकापुर। शहर से लगे तकिया पावर हाउस क्षेत्र में रविवार सुबह प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन भूमि पर बने अवैध कब्जों को हटाया। इस दौरान 17 अवैध मकानों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के समय भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, वन विभाग और प्रशासन द्वारा लंबे समय से वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में तकिया पावर हाउस क्षेत्र में भी जांच के दौरान यह पाया गया कि लगभग 20 लोगों ने वन भूमि पर अवैध रूप से मकान बनाकर कब्जा कर रखा है।
वन विभाग ने पहले ही सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे। कुछ लोगों ने नोटिस मिलने के बाद अपना सामान हटा लिया था, लेकिन कई परिवारों ने अपने मकान नहीं खाली किए, जिसके बाद यह सख्त कार्रवाई की गई। रविवार सुबह वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और चिन्हित 17 मकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान कई परिवार अपने सामान को बचाने की कोशिश करते दिखे, जबकि कुछ लोगों ने प्रशासन से अतिरिक्त समय देने की मांग भी की।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे पिछले 20 से 30 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे थे और कई बार उन्होंने वन भूमि के पट्टे की मांग भी की थी। उनका आरोप है कि उन्हें स्थायी समाधान नहीं मिला और अचानक मकान तोड़ दिए गए, जिससे वे बेघर हो गए हैं। लोगों ने यह भी कहा कि बारिश का मौसम नजदीक होने के कारण उनके सामने रहने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में हाईकोर्ट द्वारा भी जांच के निर्देश दिए गए थे। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित भूमि वन विभाग की है और वहां पर अतिक्रमण कर मकान बनाए गए थे। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कांग्रेस के पूर्व पार्षद दीपक मिश्रा ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रभावित लोग कई वर्षों से यहां रह रहे थे और उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर उन्हें गलत आश्वासन दिए गए, जिससे कई लोग न्यायिक प्रक्रिया में नहीं जा सके। फिलहाल कार्रवाई के बाद तकिया क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। बेघर हुए परिवार अपने भविष्य और पुनर्वास को लेकर चिंतित हैं। प्रशासन ने हालांकि स्पष्ट किया है कि सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी तरह के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई कानून के तहत की गई है और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना उनकी प्राथमिकता है।
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