छत्तीसगढ़
ऑपरेशन निश्चय के तहत सरायपाली पुलिस की बड़ी सफलता, 2 गांजा तस्कर गिरफ्तार
Shantanu Roy
4 Nov 2026 6:57 PM IST

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Mahasamund. महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अवैध नशे के सौदागरों और अंतरराज्यीय तस्करों के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत सरायपाली पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम ने गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सरायपाली थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले खम्हारपाली आरटीओ (RTO) बैरियर के पास त्वरित घेराबंदी करते हुए एक तेज रफ्तार कंटेनर को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान चावल की सैकड़ों बोरियों के बीच छुपाकर ले जाया जा रहा 120.960 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद किया गया। जब्त किए गए गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 60 लाख 48 हजार रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले दो शातिर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महासमुंद पुलिस को मुखबिर के जरिए एक पुख्ता और गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि ओडिशा की ओर से आ रहे एक बड़े कंटेनर (क्रमांक WB 19 L 3059) में अवैध रूप से मादक पदार्थ गांजे की बड़ी खेप लादकर उत्तर भारत की तरफ तस्करी के लिए ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही महासमुंद पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों पर एएनटीएफ (ANTF) और सरायपाली थाना पुलिस की संयुक्त टीम का गठन किया गया और खम्हारपाली आरटीओ चेकपोस्ट के पास नाकेबंदी कर वाहनों की सघन चेकिंग शुरू की गई।
चेकिंग के दौरान ओडिशा की तरफ से आ रहे उक्त संदिग्ध कंटेनर को पुलिस टीम ने सतर्कता बरतते हुए रोका। जब पुलिस जवानों ने कंटेनर के पिछले हिस्से को खोलकर जांच की, तो उसमें कमर्शियल सप्लाई के लिए करीब 300 बोरी चावल भरा हुआ दिखाई दिया। शुरुआती तौर पर सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन पुलिस टीम ने गहराई से तलाशी ली। चावल की बोरी की परतों को हटाने पर पुलिस को चावल के बीच छिपाकर रखी गई 4 अलग बोरियां मिलीं। इन बोरियों को खोलने पर खाकी रंग के टेप से लपेटे हुए गांजे के कुल 117 पैकेट बरामद हुए, जिनका वजन करने पर कुल 120.960 किलो गांजा पाया गया।
पुलिस ने मौके से ही वाहन में सवार दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 01. अमनदीप दीप (उम्र 27 वर्ष) और 02. लल्लू यादव (उम्र 24 वर्ष), दोनों निवासी जिला जौनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। तस्करों ने सोचा था कि चावल की बोरियों की आड़ में वे पुलिस को धोखा देने में कामयाब हो जाएंगे, लेकिन सघन जांच ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 60.48 लाख रुपये मूल्य का 120.960 किलो गांजा, तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा करीब 30 लाख रुपये कीमत का विशालकाय कंटेनर वाहन तथा 2 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस द्वारा जब्त की गई कुल मशरुका/संपत्ति की कीमत 1 करोड़ रुपये से भी अधिक आंकी गई है।
दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सरायपाली थाने में नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। आरोपियों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। सरायपाली पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि गांजे की यह विशाल खेप ओडिशा में कहां से लोड की गई थी और इसे उत्तर प्रदेश में किस मुख्य तस्कर को डिलीवर किया जाना था। पुलिस इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य मास्टरमाइंड और मददगारों की तलाश में जुटी है।
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