छत्तीसगढ़

सूरजपुर में जादू-टोने के शक में युवक की हत्या; आरोपी ने भी फांसी लगाकर दी जान

Triveni
18 Oct 2026 11:25 AM IST
सूरजपुर में जादू-टोने के शक में युवक की हत्या; आरोपी ने भी फांसी लगाकर दी जान
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नाले में मिली थी लाश
सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक युवक की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बसदेई पुलिस चौकी क्षेत्र में नाले से मिले युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जादू-टोना करने के संदेह में युवक की धारदार हथियार से हत्या की गई थी। वारदात को अंजाम देने वाले संदिग्ध आरोपी ने भी बाद में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आरोपी की मौत हो जाने के कारण पुलिस उसकी गिरफ्तारी नहीं कर सकी। मृतक की पहचान सोनपुर गांव निवासी नाहर सिंह के रूप में हुई है, जबकि हत्या के मामले में बालगोविंद का नाम सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, जादू-टोने के शक में बालगोविंद ने नाहर सिंह पर टांगी से हमला किया था। इस हमले में नाहर सिंह की मौत हो गई।
नाले में मिली थी नाहर सिंह की लाश
जानकारी के अनुसार, पूरा मामला 12 अक्टूबर का है। बसदेई पुलिस चौकी क्षेत्र के कोल्हुआ नाले में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। शव मिलने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। मृतक की पहचान सोनपुर गांव के रहने वाले नाहर सिंह के रूप में की गई। शव पर चोट के निशान मिलने से मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा था। ऐसे में पुलिस ने मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य पहलुओं की जांच की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से हमला कर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या मानते हुए जांच आगे बढ़ाई।
जादू-टोने के शक में टांगी से किया जानलेवा हमला
हत्या की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नाहर सिंह और बालगोविंद से जुड़ा मामला जादू-टोने के संदेह से संबंधित था। पुलिस के मुताबिक, बालगोविंद को शक था कि नाहर सिंह जादू-टोना करता है। इसी संदेह के कारण उसने नाहर सिंह पर टांगी से हमला कर दिया। धारदार हथियार से किए गए हमले में नाहर सिंह की जान चली गई। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर बालगोविंद को हत्या का आरोपी माना गया। हालांकि, आरोपी की मौत होने के कारण उससे पूछताछ नहीं की जा सकी। यह घटना इस बात को भी सामने लाती है कि जादू-टोने से जुड़ा संदेह किस तरह हिंसक वारदात का कारण बन सकता है। बिना किसी वैज्ञानिक आधार के किसी व्यक्ति पर जादू-टोना करने का आरोप लगाना गंभीर सामाजिक समस्या है।
हत्या के बाद आरोपी भी फंदे पर लटका मिला
नाहर सिंह की हत्या की जांच जारी थी कि इसी बीच एक और घटना सामने आई। 14 अक्टूबर को गांव में खेत के किनारे स्थित एक पेड़ पर युवक का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान बालगोविंद के रूप में हुई। यह वही युवक था, जिसका नाम नाहर सिंह की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान सामने आया। पुलिस के अनुसार, हत्या करने के बाद बालगोविंद आत्मग्लानि से परेशान था और इसी कारण उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, उसकी मानसिक स्थिति और आत्महत्या के कारणों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। एक तरफ नाहर सिंह की हत्या और दूसरी तरफ बालगोविंद की मौत ने इस मामले को और गंभीर बना दिया।
आरोपी की मौत से गिरफ्तारी नहीं कर सकी पुलिस
इस मामले में पुलिस ने जांच के आधार पर हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। जांच में बालगोविंद को हत्या का आरोपी पाया गया, लेकिन उसकी मौत हो जाने के कारण गिरफ्तारी संभव नहीं हो सकी। आमतौर पर हत्या के मामलों में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ करती है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाती है। लेकिन इस मामले में आरोपी की मौत होने से जांच की परिस्थितियां अलग हो गई हैं। अब जांच में उपलब्ध साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी का विशेष महत्व है। पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि हत्या से संबंधित सभी तथ्यों का विधिसम्मत तरीके से परीक्षण किया जाए।
12 अक्टूबर को मिला शव, 14 अक्टूबर को आरोपी की मौत
इस पूरे मामले में दो तारीखें महत्वपूर्ण हैं। 12 अक्टूबर को कोल्हुआ नाले में नाहर सिंह का शव मिला था। इसके दो दिन बाद यानी 14 अक्टूबर को बालगोविंद का शव पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला। पुलिस ने दोनों घटनाओं से जुड़े तथ्यों की जांच की, जिसके आधार पर नाहर सिंह की हत्या में बालगोविंद की संलिप्तता सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों को लेकर उपलब्ध जानकारी में विस्तृत विवरण नहीं है।
अंधविश्वास और जादू-टोने का संदेह बना हत्या की वजह
सूरजपुर में सामने आया यह मामला अंधविश्वास से जुड़ी हिंसा के खतरों को रेखांकित करता है। किसी व्यक्ति पर जादू-टोना करने का संदेह होने के कारण उसकी हत्या कर देना न केवल गंभीर अपराध है, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी चिंता का विषय है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता, वैज्ञानिक सोच और सामाजिक संवाद को बढ़ावा देना ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए जरूरी है। फिलहाल पुलिस ने नाहर सिंह हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है। लेकिन आरोपी बालगोविंद की मौत हो जाने के कारण उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। हत्या और उसके बाद आरोपी की आत्महत्या की घटनाओं ने इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीर बना दिया है।
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