छत्तीसगढ़

जर्जर सड़क से परेशान मंत्री भी नाराज, PWD अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश

Shantanu Roy
6 Sept 2026 2:13 PM IST
जर्जर सड़क से परेशान मंत्री भी नाराज, PWD अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश
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छग
Balrampur. बलरामपुर। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच सड़कों की खराब हालत अब आम लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों के लिए भी बड़ी परेशानी बन गई है। अंबिकापुर से प्रतापपुर होते हुए सेमरसोत को जोड़ने वाले NH-343 मार्ग की बदहाली का असर अब सरकारी कार्यक्रमों पर भी पड़ने लगा है। इसी सड़क की खराब स्थिति के कारण कृषि मंत्री रामविचार नेताम शिक्षक दिवस कार्यक्रम में करीब दो घंटे देरी से पहुंचे। बताया जा रहा है कि मंत्री जब इस मार्ग से गुजर रहे थे, तब सड़क की हालत देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने मौके से ही कलेक्टर से चर्चा कर सड़क की खराब स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने को कहा।

कुछ महीने पहले हुआ था पेंच रिपेयर
जानकारी के अनुसार, बरसात शुरू होने से कुछ महीने पहले ही लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा इस सड़क पर पेंच रिपेयर का काम कराया गया था। लेकिन बारिश शुरू होते ही सड़क की स्थिति फिर खराब हो गई। कई जगह सड़क उखड़ गई और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। सड़क पर बने गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। इससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रात में सफर करना हुआ मुश्किल
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के समय तो किसी तरह वाहन चालक गड्ढों से बचकर निकल जाते हैं, लेकिन रात के समय यह मार्ग बेहद खतरनाक हो जाता है। पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। लोगों ने बताया कि इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, कर्मचारी, विद्यार्थी और व्यापारी आवागमन करते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण समय की बर्बादी के साथ वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है।

निर्माण कार्य के चलते बढ़ी परेशानी
वर्तमान में बलरामपुर-अंबिकापुर NH-343 का निर्माण कार्य भी चल रहा है। इसके चलते मुख्यालय से अंबिकापुर की ओर आने-जाने के लिए यह PWD मार्ग काफी महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे में सड़क की खराब हालत ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मुख्य मार्ग का निर्माण चल रहा है, तब वैकल्पिक सड़क को बेहतर स्थिति में रखना जरूरी था।

गुणवत्ता पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने सड़क मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कुछ समय पहले कराया गया पेंच रिपेयर का काम मजबूत नहीं था, जिसके कारण बारिश में सड़क दोबारा खराब हो गई। लोगों का कहना है कि यदि मरम्मत कार्य की नियमित निगरानी की जाती और गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता तो सड़क की यह स्थिति नहीं बनती। कृषि मंत्री रामविचार नेताम की नाराजगी के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में गंभीरता से कदम उठाएगा। मंत्री ने अधिकारियों को सड़क सुधारने के साथ-साथ लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन की कार्रवाई कितनी जल्द सामने आती है और लोगों को खराब सड़क से कब तक राहत मिल पाती है।
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