छत्तीसगढ़
नैनो उर्वरकों से बढ़ रहा उत्पादन, मिट्टी संरक्षण को भी मिल रही मजबूती
Shantanu Roy
13 Jun 2026 8:37 PM IST

x
छग
Raipur. रायपुर। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों के बढ़ते उपयोग से किसानों को उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसे उन्नत उर्वरक किसानों के लिए एक प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रहे हैं, जो कम मात्रा में अधिक दक्षता के साथ फसलों को आवश्यक पोषण उपलब्ध करा रहे हैं। सरगुजा जिले के ग्राम भगवानपुर के प्रगतिशील किसान सत्यनारायण ने नैनो उर्वरकों के उपयोग से प्राप्त अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी लगभग तीन एकड़ कृषि भूमि में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार इस तकनीक से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है तथा उत्पादन में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।
सत्यनारायण ने बताया कि नैनो उर्वरकों का उपयोग पर्णीय छिड़काव (फोलियर स्प्रे) के रूप में किया जाता है, जिससे पोषक तत्व सीधे पौधों तक पहुंचते हैं और उनका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होता है। इससे फसलों को आवश्यक पोषण समय पर प्राप्त होता है तथा उत्पादन क्षमता में वृद्धि देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से समय के साथ मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जबकि नैनो उर्वरकों के उपयोग से पोषक तत्वों का अनावश्यक अपव्यय कम होता है। इससे मिट्टी की उर्वरता और उत्पादक क्षमता को बनाए रखने में सहायता मिलती है, जो टिकाऊ कृषि के लिए महत्वपूर्ण है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नैनो उर्वरकों की उपयोग दक्षता अधिक होने के कारण किसानों को कम मात्रा में बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। इससे खेती की लागत में कमी आने के साथ-साथ पर्यावरणीय प्रभाव भी कम होता है। यही कारण है कि प्रदेश में किसानों का रुझान नैनो उर्वरकों की ओर लगातार बढ़ रहा है। राज्य सरकार और कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण, प्रदर्शन और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। किसानों को नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी देकर उन्हें कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सत्यनारायण ने अन्य किसानों से भी नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग कर किसान बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के साथ-साथ अपनी कृषि भूमि की उर्वरता को भी लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं। इससे खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ और भविष्य के लिए सुरक्षित बन सकती है।
Tagsछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsNews of ChhattisgarhChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi NewsChhattisgarh News Liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





