छत्तीसगढ़
नैनो उर्वरक बना किसानों की पसंद, उत्पादन बढ़ाने में मिल रही सफलता
Shantanu Roy
23 Jun 2026 8:26 PM IST

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Raipur. रायपुर। कृषि में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों के बढ़ते उपयोग से किसानों को बेहतर उत्पादन और लागत में कमी का लाभ मिल रहा है। रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पी. जामगांव के किसान नारायण साहू नैनो उर्वरक के उपयोग से खेती में सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर रहे हैं। श्री साहू ने बताया कि पिछले खरीफ सीजन में उन्होंने अपनी 2 एकड़ कृषि भूमि में नैनो डीएपी का छिड़काव किया था। इसके उपयोग से फसलों के उत्पादन में वृद्धि हुई तथा गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
सकारात्मक परिणामों से उत्साहित श्री साहू ने बताया कि इस वर्ष सहकारी समिति केंद्रों में नैनो उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। अतः वे इस खरीफ सीजन में भी नैनो डीएपी का उपयोग जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन की तैयारियों के दौरान सहकारी समिति से उन्हें समय पर बीज एवं उर्वरक उपलब्ध हो गए, जिससे खेती संबंधी सभी कार्य सुचारू रूप से संपन्न हुए। उन्होंने अन्य किसानों से भी नैनो डीएपी के उपयोग की अपील करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक परिणामों ने उनके विश्वास को और मजबूत किया है तथा यह तकनीक किसानों के लिए लाभदायक सिद्ध हो सकती है। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों के बढ़ते उपयोग से किसानों को बेहतर उत्पादन के साथ-साथ लागत में कमी का लाभ मिल रहा है। रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पी. जामगांव के किसान नारायण साहू नैनो उर्वरक के उपयोग से खेती में सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर रहे हैं।
किसान नारायण साहू ने बताया कि पिछले खरीफ सीजन में उन्होंने अपनी 2 एकड़ कृषि भूमि में नैनो डीएपी का छिड़काव किया था। इसके उपयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई और उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली। साथ ही फसल की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से फायदा हुआ। उन्होंने बताया कि नैनो डीएपी के उपयोग से न केवल फसल बेहतर हुई बल्कि पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में खर्च में भी कमी आई। इससे खेती अधिक लाभकारी साबित हुई और उन्हें कृषि कार्य में नई दिशा मिली। सकारात्मक अनुभव के कारण वे इस तकनीक से काफी संतुष्ट हैं।
नारायण साहू ने बताया कि इस वर्ष खरीफ सीजन की तैयारियों के दौरान सहकारी समिति केंद्रों में नैनो उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। समय पर बीज और उर्वरक मिलने से उनकी खेती संबंधी सभी तैयारियां सुचारू रूप से पूरी हो सकीं। उन्होंने बताया कि सहकारी समिति से आवश्यक सामग्री समय पर मिलने से खेती में किसी प्रकार की बाधा नहीं आई। अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने कहा कि वे इस खरीफ सीजन में भी नैनो डीएपी का उपयोग जारी रखेंगे। उनके अनुसार यह उर्वरक न केवल फसल उत्पादन बढ़ाने में सहायक है, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।
किसान नारायण साहू ने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी नैनो डीएपी के उपयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि उनके व्यक्तिगत अनुभव से यह स्पष्ट हुआ है कि आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने से खेती अधिक लाभकारी बन सकती है। यदि किसान वैज्ञानिक तरीकों और उन्नत उर्वरकों का उपयोग करें तो कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलते समय में पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाना आवश्यक है, ताकि कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभदायक बनाया जा सके। नैनो उर्वरक जैसे नवाचार किसानों के लिए एक नई संभावना लेकर आए हैं, जो उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन में भी सहायक हैं।
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