छत्तीसगढ़
प्रॉपर्टी डीलर पर जानलेवा हमले का आरोपी प्रखर चंद्राकर गिरफ्तार
Shantanu Roy
22 Sept 2026 9:59 PM IST

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Durg. दुर्ग। भिलाई के डीपीएस चौक के पास प्रॉपर्टी डीलर योगेश सूर्यवंशी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने प्रखर चंद्राकर और उसके साथी सुधांशु उर्फ बॉम्सी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों करीब ढाई महीने से फरार चल रहे थे। इस मामले में अमन मूर्ति और हरीश यादव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके साथ ही प्रकरण में नामजद चारों आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है। पुलिस के अनुसार प्रखर चंद्राकर का संबंध महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले से जुड़े सौरभ चंद्राकर के रिश्तेदार के रूप में सामने आया है। हालांकि मौजूदा गिरफ्तारी प्रॉपर्टी डीलर पर हमले के मामले में की गई है।
डीपीएस चौक के पास हुआ था हमला
पुलिस के मुताबिक घटना 2 जुलाई की रात की है। प्रॉपर्टी डीलर योगेश सूर्यवंशी सेक्टर-6 स्थित पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाने के बाद बाइक से घर जा रहे थे। डीपीएस चौक के पास पहुंचने पर पीछे से बाइक पर आए आरोपियों ने कथित तौर पर उनका पीछा किया और बाइक के पहिए में डंडा फंसाकर उन्हें गिरा दिया। इसके बाद आरोपियों ने बेसबॉल के डंडे, चाकू और अन्य धारदार हथियार से योगेश पर हमला किया। पुलिस के मुताबिक उनके पैर और गर्दन के आसपास कई वार किए गए। हमले में गंभीर रूप से घायल योगेश को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों और योगेश के बीच पहले से विवाद और रंजिश होने की जानकारी मिली। पुलिस का दावा है कि इसी रंजिश के कारण पीछा कर हमला किया गया।
चारों आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में
योगेश की शिकायत पर भिलाई नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 296, 3(5) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने पहले अमन मूर्ति और हरीश यादव को गिरफ्तार किया था, जबकि प्रखर चंद्राकर और सुधांशु उर्फ बॉम्सी फरार थे। पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर दोनों की तलाश की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने मामले में इस्तेमाल किए जाने का दावा करते हुए धारदार हथियार, डंडा और बाइक भी जब्त की है।
प्रखर के खिलाफ 12 पुराने केस होने का दावा
दुर्ग पुलिस के मुताबिक प्रखर चंद्राकर के खिलाफ पहले से 12 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। उसका नाम इससे पहले रायपुर के तेलीबांधा इलाके में एक क्लब में हुई मारपीट के मामले में भी सामने आया था। इसके अलावा भिलाई के सुपेला थाना क्षेत्र में मारपीट के एक अन्य मामले में भी उसकी गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस ने उसकी पिछली गिरफ्तारी के दौरान मोबाइल की जांच में कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े लेनदेन के सुराग मिलने का दावा किया था। पुलिस के अनुसार उस समय करीब 60 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन से संबंधित जानकारी सामने आई थी। पुलिस ने तब प्रखर और पुलकित चंद्राकर के बीच कथित बातचीत के ऑडियो और किराए के बैंक खातों के जरिए रकम के लेनदेन की जांच करने की जानकारी भी दी थी। ये पुराने मामले और आरोप अलग-अलग जांच का विषय रहे हैं। फिलहाल डीपीएस चौक पर प्रॉपर्टी डीलर पर हुए हमले के मामले में चारों आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस जब्त हथियार, बाइक और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
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