छत्तीसगढ़
ब्रांडेड चाय के नाम पर नकली माल बेचने का शक, माधव ट्रेडर्स में छापा 23 पैकेट जब्त
Shantanu Roy
19 Sept 2026 1:04 PM IST

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छग
Bilaspur. बिलासपुर। शहर के चांटीडीह स्थित माधव ट्रेडर्स में ब्रांडेड कंपनी के नाम पर संदिग्ध चाय बेचे जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने कंपनी के प्रतिनिधि के साथ दुकान में छापेमारी की। जांच के दौरान ब्रूक बॉन्ड ताजा चाय के 250 ग्राम वाले 23 पैकेटों पर कंपनी प्रतिनिधि ने आपत्ति जताई। इसके बाद विभाग ने पैकेट जब्त कर नमूना जांच के लिए भेज दिया है। कार्रवाई के दौरान फर्म संचालक संबंधित चाय पैकेटों की खरीदी का बिल मौके पर पेश नहीं कर सका।
इसके बाद विभाग ने खरीदी से जुड़े दस्तावेजों और स्टॉक के स्रोत की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नमूने की जांच रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। विभाग को माधव ट्रेडर्स में संदिग्ध उत्पाद बेचे जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम हिंदुस्तान यूनिलीवर के प्रतिनिधि के साथ दुकान पहुंची। जांच के दौरान चाय के पैकेटों की पैकिंग सहित अन्य पहलुओं को देखा गया। कंपनी प्रतिनिधि ने संबंधित ब्रांड के 23 पैकेटों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें जांच के दायरे में लिया।
खरीदी का बिल नहीं दिखा सका संचालक
जांच के दौरान अधिकारियों ने फर्म संचालक से संबंधित चाय के स्टॉक की खरीदी का बिल मांगा, लेकिन वह मौके पर बिल पेश नहीं कर सका। अब विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि संबंधित स्टॉक कहां से खरीदा गया और इसकी सप्लाई किसके माध्यम से हुई थी। हालांकि, जांच रिपोर्ट आने से पहले जब्त चाय को निश्चित रूप से नकली कहना उचित नहीं होगा। विभाग ने फिलहाल पैकेटों को संदिग्ध मानते हुए नमूना परीक्षण के लिए भेजा है। जांच रिपोर्ट के बाद ही उत्पाद की गुणवत्ता और प्रामाणिकता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। इस कार्रवाई में अभिहित अधिकारी आरआर देवांगन, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अविषा मरावी और प्रतीक तिवारी मौजूद रहे।
चार महीने पहले संदिग्ध मसाले हुए थे जब्त
बिलासपुर में इससे पहले भी ब्रांडेड उत्पाद के नाम पर संदिग्ध सामान मिलने का मामला सामने आया था। करीब चार महीने पहले खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने व्यापार विहार स्थित एक ट्रांसपोर्ट परिसर में छापेमारी की थी। उस दौरान एवरेस्ट मीट मसाला के संदिग्ध पैकेट मिले थे। विभाग की टीम ने व्यापार विहार स्थित श्री मारुति गुड्स गैरेज में जांच की थी। कार्रवाई के दौरान एवरेस्ट मसाला कंपनी का प्रतिनिधि भी मौजूद था। जांच में मीट मसाला के नौ बॉक्स संदिग्ध पाए गए थे। कंपनी प्रतिनिधि ने पैकिंग और उत्पाद को देखकर उनके नकली होने की आशंका जताई थी, जिसके बाद विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई की थी।
सप्लाई नेटवर्क की तलाश
लगातार संदिग्ध ब्रांडेड उत्पाद सामने आने के बाद शहर में इनके सप्लाई नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्ध उत्पाद कहां से आ रहे हैं, कौन इनकी सप्लाई कर रहा है और इन्हें किन बाजारों में भेजा जा रहा है। विभाग की ओर से इस स्तर पर किसी संगठित रैकेट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जानकारी जुटाई जा रही है और दस्तावेजों के साथ सप्लाई चैन की भी जांच की जाएगी। फिलहाल माधव ट्रेडर्स से जब्त चाय के नमूने की परीक्षण रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट में उत्पाद के नकली या मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर संबंधित फर्म और सप्लाई से जुड़े लोगों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
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