छत्तीसगढ़

महतारी वंदन योजना की ई-केवाईसी में रायगढ़ प्रदेश में अव्वल

Shantanu Roy
10 Jun 2026 8:19 PM IST
महतारी वंदन योजना की ई-केवाईसी में रायगढ़ प्रदेश में अव्वल
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Raigarh. रायगढ़। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी एवं प्राथमिकता वाली महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों की ई-केवाईसी की सफल क्रियान्वयन में रायगढ़ जिले ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि अपने नाम की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित इस महत्वपूर्ण योजना के तहत ई-केवाईसी अभियान में रायगढ़ जिले ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। राज्य स्तरीय प्रगति रिपोर्ट के अनुसार जिले ने 96.47 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण करते हुए सभी 33 जिलों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। शेष बचे लाभार्थियों का अमले द्वारा लाभार्थियों के घर घर पहुंचकर ई केवाईसी कराई जा रही है। यह उपलब्धि जिला प्रशासन की प्रभावी रणनीति, सतत मार्गदर्शन, विभागीय समन्वय तथा जमीनी स्तर पर किए गए अथक प्रयासों का परिणाम है।

लगातार समीक्षा, नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्ययोजना के माध्यम से रायगढ़ ने राज्य के बड़े जिलों को पीछे छोड़ते हुए यह मुकाम हासिल किया है। उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना प्रदेश सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना तथा समाज में महिलाओं की भागीदारी और सम्मान को बढ़ावा देना है। योजना का लाभ वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य किया गया है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

जिला प्रशासन की नियमित समीक्षा, हर स्तर पर हुई मॉनिटरिंग
रायगढ़ जिले में ई-केवाईसी अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन द्वारा लगातार इसकी समीक्षा की गई। जिला स्तरीय बैठकों में महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, राजस्व विभाग तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि कोई भी पात्र हितग्राही ई-केवाईसी से वंचित न रहे। कलेक्टर ने विकासखंडवार, परियोजनावार तथा सेक्टरवार प्रगति की समीक्षा करते हुए शेष हितग्राहियों तक पहुंचने, लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने तथा प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। प्रशासन की इसी सतत निगरानी का परिणाम है कि रायगढ़ आज प्रदेश में प्रथम स्थान पर पहुंचा है।

प्रदेश के औसत से लगभग पांच प्रतिशत अधिक उपलब्धि
राज्य स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार रायगढ़ जिले को कुल 2 लाख 81 हजार 135 हितग्राहियों के ई-केवाईसी का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। इसके विरुद्ध 2 लाख 71 हजार 220 हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण किया जा चुका है। वर्तमान में केवल 9 हजार 915 प्रकरण लंबित हैं। इस अभियान में सबसे उल्लेखनीय तथ्य यह भी रही कि जहां प्रदेश का औसत ई-केवाईसी प्रतिशत 91.72 है, वहीं रायगढ़ जिले ने 96.47 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। यह प्रदेश के औसत से लगभग पांच प्रतिशत अधिक है, जो जिले की उत्कृष्ट कार्यशैली और प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था को दर्शाता है। राज्य की रैंकिंग में रायगढ़ पहले स्थान पर है, जबकि कबीरधाम 96.32 प्रतिशत, बालोद 95.64 प्रतिशत, कांकेर 94.45 प्रतिशत और रायपुर 94.44 प्रतिशत उपलब्धि के साथ क्रमशः दूसरे, तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर हैं।

लगभग तीन लाख हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूरा
महिला एवं बाल विकास विभाग की 10 जून 2026 की सेक्टरवार रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 2 लाख 98 हजार 941 हितग्राही चिन्हांकित हैं। इनमें से 2 लाख 89 हजार 634 हितग्राहियों का ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। केवल 9 हजार 307 हितग्राही शेष हैं, जिनका ई-केवाईसी कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। इस प्रकार विभागीय स्तर पर जिले की कुल उपलब्धि 96.89 प्रतिशत दर्ज की गई है।

पुसौर, खरसिया, लैलूंगा और धरमजयगढ़ बने प्रदर्शन के मॉडल
परियोजनावार प्रगति पर नजर डालें तो पुसौर परियोजना ने 98.54 प्रतिशत उपलब्धि के साथ जिले में सर्वोच्च प्रदर्शन किया है। इसके बाद खरसिया परियोजना ने 98.10 प्रतिशत, लैलूंगा ने 97.03 प्रतिशत तथा धरमजयगढ़ परियोजना ने 97 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है। इसी प्रकार रायगढ़ शहरी परियोजना में 96.65 प्रतिशत, रायगढ़ ग्रामीण में 96.59 प्रतिशत, मुकडेगा में 96.07 प्रतिशत, घरघोड़ा में 95.75 प्रतिशत, तमनार में 95.64 प्रतिशत तथा कापू परियोजना में 95.48 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण किया जा चुका है।

कई सेक्टरों ने 99 प्रतिशत तक पहुंचकर बनाई अलग पहचान
सेक्टरवार प्रदर्शन में भी कई क्षेत्रों ने उत्कृष्ट उपलब्धियां दर्ज की हैं। पुसौर परियोजना के कोण्डातराई सेक्टर ने 99.21 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर जिले में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा गरुमरिया सेक्टर ने 99.03 प्रतिशत, बर्रा सेक्टर ने 98.95 प्रतिशत, फरकनारा ने 98.87 प्रतिशत, दुमरमुड़ा ने 98.79 प्रतिशत, भूपदेवपुर ने 98.72 प्रतिशत, मुनुंद ने 98.68 प्रतिशत तथा चापले सेक्टर ने 98.60 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण कर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों, परियोजना अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों ने घर-घर पहुंचकर हितग्राहियों का सत्यापन और ई-केवाईसी कार्य सुनिश्चित किया जा रहा। ई-केवाईसी अभियान को सफल बनाने में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, राजस्व विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा पर्यवेक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हितग्राहियों से व्यक्तिगत संपर्क, विशेष शिविरों का आयोजन, दस्तावेज सत्यापन तथा तकनीकी सहायता के माध्यम से अभियान को निरंतर गति प्रदान की जा रही है।

शत-प्रतिशत उपलब्धि की ओर बढ़ रहा रायगढ़
जिला प्रशासन अब अभियान के अंतिम चरण में शेष लंबित प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दे रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र हितग्राही का ई-केवाईसी पूर्ण कर जिले को शत-प्रतिशत उपलब्धि की श्रेणी में लाया जाए।
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