छत्तीसगढ़

खेत में काम कर रहे किसान पर बाघिन का हमला, हालत गंभीर

Shantanu Roy
13 Sept 2026 5:41 PM IST
खेत में काम कर रहे किसान पर बाघिन का हमला, हालत गंभीर
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Bilaspur. बिलासपुर। अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) से लगे कोटा थाना क्षेत्र के दवनपुर गांव में शनिवार सुबह वन्यजीव हमले की बड़ी घटना सामने आई। खेत में काम कर रहे एक ग्रामीण पर अचानक बाघिन ने हमला कर दिया। हमले के दौरान ग्रामीण ने हिम्मत नहीं हारी और पास रखे लोहे के तसले से बाघिन के सिर पर वार कर दिया। इसके बाद बाघिन पीछे हट गई और ग्रामीण की जान बच गई। घायल ग्रामीण को इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
खाद डालते समय अचानक सामने आई बाघिन
जानकारी के अनुसार, दवनपुर निवासी संजू मरकाम शनिवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे अपने खेत में काम कर रहे थे। वह खेत में खाद डालने का काम कर रहे थे, तभी अचानक वहां एक बाघिन पहुंच गई। संजू के अनुसार, उन्हें कुछ समझने का मौका नहीं मिला और बाघिन ने अचानक उन पर हमला कर दिया। बाघिन ने उनके बाएं पैर, चेहरे और हाथ पर हमला किया। इसके बाद उसने गले की ओर वार करने की कोशिश की।
तसले से किया बाघिन पर पलटवार
संजू मरकाम ने बताया कि उस समय उनके पास बचने का कोई रास्ता नहीं था। अपनी जान बचाने के लिए उन्होंने तुरंत पास रखा लोहे का तसला उठाया और पूरी ताकत से बाघिन के सिर पर वार कर दिया। तसले के वार से बाघिन कुछ पीछे हट गई। इसी दौरान खेत के आसपास मौजूद अन्य ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। लोगों की आवाज और हलचल सुनकर बाघिन वहां से जंगल की ओर भाग गई।
घायल ग्रामीण की हालत खतरे से बाहर
हमले के बाद घायल संजू मरकाम को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ. निखलेश गुप्ता ने बताया कि ग्रामीण की स्थिति फिलहाल सामान्य है और वह खतरे से बाहर है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण के चेहरे, हाथ और पैर पर बाघिन के नाखून के निशान और हल्की चोटें आई हैं। वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में उनका इलाज कराया जा रहा है।
गांवों में बढ़ी दहशत
बाघिन के हमले के बाद दवनपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में डर का माहौल बना हुआ है। खेतों में काम करने वाले किसान और मवेशी चराने वाले ग्रामीण अब सतर्क हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ATR से लगे इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। कई बार जंगली जानवर भोजन और पानी की तलाश में गांवों के आसपास पहुंच जाते हैं।
पीपरखुंटी के पास मिले बाघ के पगमार्क
बताया जा रहा है कि ग्राम पीपरखुंटी के पास भी बाघिन के पगमार्क मिले हैं। इसके बाद वहां भी ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। वन क्षेत्र से लगे कई गांवों में लोगों ने वन विभाग से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और समय-समय पर चेतावनी जारी करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि खेत और जंगल के आसपास जाने वाले लोगों को वन्यजीवों की मौजूदगी की जानकारी मिलनी चाहिए।
वन विभाग की निगरानी जारी
अचानकमार टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों में वन विभाग की टीम वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर वन क्षेत्र से लगे गांवों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को सामने ला दिया है। प्रशासन और वन विभाग के सामने अब ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी जिम्मेदारी बन गई है।
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