छत्तीसगढ़
कीटनाशक मिली शराब से दो की हत्या, दोषी को दो बार उम्रकैद
Shantanu Roy
4 Nov 2026 7:08 PM IST

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Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में कीटनाशक मिली शराब पिलाकर दो लोगों की हत्या करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग की अदालत ने आरोपी रामगोपाल खुंटे को दोहरे हत्याकांड का दोषी ठहराते हुए दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर कुल 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर प्रत्येक मामले में छह-छह महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतने का आदेश दिया गया है। यह मामला नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भठली का है।
अभियोजन के अनुसार, ग्राम भठली निवासी रामगोपाल खुंटे शराब बेचने का काम करता था। उसके घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर सुंदरलाल कुर्रे का मकान था। सुंदरलाल के घर लोगों का अक्सर आना-जाना लगा रहता था। इसी बात को लेकर रामगोपाल नाराज रहता था। दोनों के बीच पहले भी विवाद हो चुका था। घटना 6 मार्च 2025 की शाम करीब सात बजे की है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, रामगोपाल खुंटे ने देशी शराब की 180 मिलीलीटर की शीशी में कीटनाशक मिला दिया। इसके बाद वह शराब लेकर सुंदरलाल कुर्रे के घर पहुंचा। आरोपी ने सुंदरलाल को शराब पीने के लिए दी, लेकिन सुंदरलाल ने पीने से मना कर दिया। इसके बाद रामगोपाल ने घर की परछी में बैठे सीताराम लहरे और रोहित कुमार तेंदुलकर को वही शराब पीने के लिए दे दी। बताया गया कि शराब पीने के कुछ समय बाद ही दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ दो लोगों की मौत होने के बाद मामला गंभीर हो गया।
घटना की जानकारी मिलने पर नवागढ़ पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। शुरुआती जांच के दौरान मृतकों के शराब पीने और उसके बाद अचानक तबीयत बिगड़ने की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने आरोपी रामगोपाल खुंटे के घर की तलाशी ली। इस दौरान वहां से विभिन्न प्रकार की कीटनाशक दवाइयों के डिब्बे बरामद किए गए। इन सामग्रियों को मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया। मृतकों की मौत का वास्तविक कारण पता लगाने के लिए उनके विसरा के नमूने न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला, बिलासपुर भेजे गए। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में कार्बामेट समूह का कीटनाशक फेनोबुकार्ब पाया गया। इसके साथ ही इथाइल अल्कोहल और मिथाइल अल्कोहल की मौजूदगी भी सामने आई।
फॉरेंसिक रिपोर्ट ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांच में मिले वैज्ञानिक साक्ष्यों से कीटनाशक और शराब के सेवन की पुष्टि हुई। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने अन्य साक्ष्यों के साथ प्रयोगशाला की रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज कराए। खास बात यह रही कि घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं था। इसके बावजूद गवाहों के बयान, जब्त सामग्री, वैज्ञानिक रिपोर्ट और घटनाक्रम से जुड़े परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा गया।
अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ अपराध प्रमाणित करने में सफल रहा है। इसके आधार पर रामगोपाल खुंटे को दोनों व्यक्तियों की हत्या का दोषी ठहराया गया। प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने दोषी रामगोपाल खुंटे (34 वर्ष), निवासी ग्राम भठली, थाना नवागढ़ को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर कुल 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं चुकाने की स्थिति में छह-छह महीने के अतिरिक्त सश्रम कारावास का आदेश दिया गया है। इस मामले में प्रत्यक्षदर्शी नहीं होने के बावजूद वैज्ञानिक जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोष सिद्ध माना। दो लोगों की मौत से जुड़े इस प्रकरण में आया फैसला फॉरेंसिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों की अहमियत को भी रेखांकित करता है।
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