छत्तीसगढ़

जगराता की फ्लेक्सी हटाने पर बवाल, नगर पालिका अध्यक्ष पर आरोप

nidhi
12 Oct 2026 7:40 AM IST
जगराता की फ्लेक्सी हटाने पर बवाल, नगर पालिका अध्यक्ष पर आरोप
x
जगराता के पोस्टर पर बढ़ा विवाद

आरंग: धर्मनगरी आरंग में शारदीय नवरात्रि के पहले ही दिन से धार्मिक और राजनीतिक माहौल गरमा गया है। श्री सार्वजनिक नवदुर्गोत्सव समिति महामाया पारा (बड़ी दुर्गा मां) द्वारा आयोजित होने वाले जगराता कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार फ्लेक्सी (होर्डिंग्स) को हटाए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। आयोजक समिति ने नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन पर दुर्भावनावश होर्डिंग्स हटवाने का आरोप लगाया है, जिसके बाद आक्रोशित नागरिक और समिति पदाधिकारी पुलिस थाने पहुंचकर FIR दर्ज करने की मांग पर अड़ गए हैं।

क्या है पूरा मामला?
महामाया पारा (बड़ी दुर्गा माँ) समिति द्वारा पंचमी के पावन पर्व पर पद्मश्री अनुज शर्मा के विशेष जगराता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन समिति के संरक्षक एवं कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब के मार्गदर्शन में होना तय हुआ है। कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए समिति सदस्य दीपक सोनी ने अपने निजी खर्च से नगर के गौरवपथ (श्रीराम तिराहा से तहसील कार्यालय तक) में स्ट्रीट लाइट के खंभों पर लगभग 50 से अधिक फ्लेक्सी व प्लेक्स लगवाए थे। इन फ्लेक्सी में कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब, विधायक अनुज शर्मा, समिति अध्यक्ष लल्ला साहनी और दीपक सोनी की तस्वीरें छपी थीं।
फोटो न होने पर दुर्भावनापूर्वक कार्रवाई का आरोप
समिति के पदाधिकारियों का आरोप है कि नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन, जो स्वयं समिति के संरक्षक थे, फ्लेक्सी में अपनी तस्वीर न देखकर क्षुब्ध हो गए। आरोप है कि उन्होंने समिति के सदस्यों को शाम 5 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद जब समिति के सदस्य मूर्ति लाने के लिए नवागांव गए हुए थे, उसी दौरान उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर नगर पालिका कर्मियों द्वारा सभी फ्लेक्सी उतरवा दिए गए।
कचरा गाड़ी में फ्लेक्सी डालने का वीडियो वायरल, भड़का आक्रोश
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें नगर पालिका के कचरा वाहन में माँ दुर्गा और कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की तस्वीरों वाली फ्लेक्सी को फाड़कर फेंकते हुए देखा गया। इस घटना से नगरवासियों और माँ दुर्गा के भक्तों में भारी रोष व्याप्त हो गया है। लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजन के प्रचार सामग्री का इस तरह अपमान करना नगर की सबसे बड़ी देवी माँ का तिरस्कार है और ऐसे पवित्र आयोजन पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
समिति ने पद से हटाया, एफआईआर की मांग को लेकर थाने पहुंचे नागरिक
घटना के तुरंत बाद समिति की आपातकालीन बैठक बुलाई गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए डॉ. संदीप जैन को समिति के संरक्षक पद एवं प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया। बैठक के पश्चात समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नगरवासी आक्रोश व्यक्त करते हुए आरंग थाने पहुंचे। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष के कृत्य को अशोभनीय, निंदनीय और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए डॉ. संदीप जैन के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की। “15 अक्टूबर को होने वाले भव्य जगराता को लेकर पूरे नगर में उत्साह का माहौल है। प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए फ्लेक्सी को दुर्भावनावश हटाया गया और कचरा गाड़ी में फेंका गया। यह धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।”- आयोजक समिति पदाधिकारी
नगर पालिका अध्यक्ष का पक्ष
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि भ्रामक खबरें फैलाकर उनके पद की गरिमा को ठेस पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. जैन ने सभी नगरवासियों से अपील की है कि वे विवादों से ऊपर उठकर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के सहयोग से होने वाले पद्मश्री अनुज शर्मा के इस भव्य जगराता कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों और इसे सफल बनाएं।
भविष्य की स्थिति
नवरात्रि के पावन अवसर पर शुरू हुआ यह विवाद अब केवल प्रशासनिक ना रहकर एक बड़ा राजनीतिक और धार्मिक मुद्दा बन चुका है। पुलिस प्रशासन द्वारा एफआईआर की माँग पर क्या रुख अपनाया जाता है और नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से क्या सफाई आती है, इस पर पूरे आरंग नगर की नजरें टिकी हुई हैं।
Next Story