छत्तीसगढ़

गांव की महिला सरपंच को सांप ने डसा, मौत

Shantanu Roy
11 Sept 2026 1:14 PM IST
गांव की महिला सरपंच को सांप ने डसा, मौत
x
छग
Surguja. सरगुजा। ग्राम पंचायत बतौली की महिला सरपंच जगरमती पैकरा की सर्पदंश से मौत हो गई। घर में मेहमान आने के कारण उन्होंने अपना पलंग मेहमानों को सोने के लिए दे दिया था और खुद पति के साथ जमीन पर बिस्तर लगाकर सो गई थीं। देर रात करैत सांप ने उन्हें डस लिया। करीब ढाई बजे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन पहले उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली और फिर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। जानकारी के मुताबिक बतौली पंचायत की सरपंच जगरमती पैकरा (48) गुरुवार रात अपने परिवार और घर आए मेहमानों के साथ खाना खाने के बाद सोने चली गई थीं। घर में मेहमान होने के कारण जगरमती ने उन्हें अपना पलंग दे दिया था। इसके बाद वह अपने पति विशुन पैकरा के साथ कमरे में जमीन पर बिस्तर बिछाकर सो गईं।
रात करीब ढाई बजे जगरमती अचानक बेचैन होकर उठीं। इसके कुछ देर बाद उन्हें उल्टी होने लगी और पेट में मरोड़ की शिकायत हुई। शुरुआत में परिजनों को सर्पदंश की जानकारी नहीं थी। पेट में तकलीफ होने पर परिजन उनकी मालिश करने लगे। इसी दौरान पेट पर सांप के काटने जैसे निशान दिखाई दिए। निशान देखकर परिजनों को सर्पदंश की आशंका हुई। इसके बाद कमरे की तलाशी ली गई तो वहां करैत सांप दिखाई दिया। परिजनों ने सांप को एक टब से ढंक दिया और बिना देर किए जगरमती को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला सरपंच को एंटी स्नेक वेनम दिया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें तत्काल अंबिकापुर लेकर पहुंचे, लेकिन मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि परिजनों को जब तक यह पता चला कि जगरमती को सांप ने डसा है, तब तक काफी समय बीत चुका था और जहर शरीर में फैल गया था। उनकी हालत तेजी से बिगड़ती चली गई। अस्पताल पहुंचाने और उपचार की कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। महिला सरपंच की मौत की खबर सामने आने के बाद ग्राम पंचायत बतौली में शोक का माहौल है। अंबिकापुर में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जगरमती पैकरा के तीन बच्चे हैं। उनके दो बेटों की शादी हो चुकी है, जबकि बेटी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है। अचानक हुई इस घटना से परिवार सदमे में है। बारिश के मौसम में क्षेत्र में सर्पदंश की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। खासकर करैत सांप के काटने के मामलों में पीड़ित की हालत तेजी से गंभीर हो सकती है।
कई बार
सोते समय सांप के काटने का तुरंत अहसास नहीं होने के कारण उपचार मिलने में देरी हो जाती है। ऐसे में सर्पदंश की आशंका होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है। सरगुजा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीएस मार्को के अनुसार जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने समय पर इलाज को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए।
Next Story