छत्तीसगढ़
सुकमा पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन, SP मयंक गुर्जर ने की पूजा-अर्चना
Shantanu Roy
20 Oct 2026 11:41 PM IST

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छग
Sukma. सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में विजयादशमी का पर्व श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। मंगलवार को पुलिस लाइन सुकमा में शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर (IPS) ने विधि-विधान से अस्त्र-शस्त्रों की पूजा-अर्चना की। उन्होंने जिले में सुख-शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ पुलिस विभाग के सभी अधिकारियों और जवानों की सुरक्षा एवं सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीष कुंवर सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे।
पुलिस लाइन में विधि-विधान से हुआ शस्त्र पूजन
विजयादशमी के पावन अवसर पर सुकमा पुलिस लाइन में पारंपरिक शस्त्र पूजा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर शस्त्रों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। पुलिस विभाग में दशहरे के अवसर पर शस्त्र पूजन की परंपरा का विशेष महत्व है। इस दिन पुलिस अधिकारी और जवान अपने कर्तव्यों के निर्वहन में इस्तेमाल होने वाले अस्त्र-शस्त्रों का पूजन करते हैं। यह परंपरा शक्ति, साहस और अनुशासन का प्रतीक मानी जाती है। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पुलिस की जिम्मेदारी को भी दर्शाती है।
SP मयंक गुर्जर ने जवानों की सुरक्षा की कामना की
शस्त्र पूजन कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की प्रार्थना की। उन्होंने पुलिस बल के सभी अधिकारियों और जवानों की सुरक्षा, सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। सुकमा जैसे जिले में पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में विजयादशमी पर आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम पुलिस बल के लिए विशेष महत्व रखता है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीष कुंवर विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी और जवान भी आयोजन में शामिल हुए। सभी ने पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विभागीय परंपराओं, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के महत्व को रेखांकित किया गया।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है विजयादशमी
विजयादशमी का पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर सत्य और धर्म की विजय स्थापित की थी। विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा भी लंबे समय से चली आ रही है। इस अवसर पर शस्त्रों को शक्ति और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है।
कर्तव्य और अनुशासन का दिया संदेश
सुकमा पुलिस द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शस्त्र पूजन के माध्यम से कर्तव्य, साहस, अनुशासन और जनसेवा के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया। पुलिस विभाग के लिए शस्त्र केवल सुरक्षा के साधन नहीं, बल्कि नागरिकों की रक्षा और कानून का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी के भी प्रतीक हैं। कार्यक्रम के माध्यम से पुलिसकर्मियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग और समर्पित रहने का संदेश मिला।
जनसुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है सुकमा पुलिस
सुकमा पुलिस ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की सुरक्षा, जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना और कानून का पालन सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। विजयादशमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस विभाग ने जनसेवा और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन का आयोजन पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और जवानों की सहभागिता रही।
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