छत्तीसगढ़
बिलासपुर में बारिश के बाद बढ़ीं मुश्किलें, नलों से आने लगा मटमैला पानी, सड़कें धंसीं
Shantanu Roy
20 July 2026 12:34 AM IST

x
छग
Bilaspur. बिलासपुर। गुरुवार और शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश भले ही थम गई हो, लेकिन उसका असर अब पूरे बिलासपुर शहर में दिखाई देने लगा है। लगातार हुई बारिश के कारण कई इलाकों में पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो गई है। अमृत मिशन और निजी बोरवेल के नलों से गंदा और मटमैला पानी आने की शिकायतें सामने आई हैं। वहीं कई स्थानों पर सड़कें धंस गई हैं, जर्जर मकानों में दरारें पड़ गई हैं और बाउंड्री वॉल गिरने की घटनाएं भी हुई हैं। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार अब तक शहर में 135 घर बारिश से प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है और सभी विभागों को आपात स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के बाद बंधवापारा, देवनंदन नगर, गीतांजलि सिटी, विजयपुरम, तिफरा, यदुनंदन नगर और चांटीडीह समेत कई इलाकों में अमृत मिशन की पाइपलाइन से गंदा और मिट्टी मिला पानी सप्लाई हो रहा है। यही स्थिति कई निजी बोरवेल की भी है, जहां पानी पूरी तरह मटमैला हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पानी पीने या भोजन बनाने योग्य नहीं रह गया है। मजबूरी में कई परिवार बाजार से पानी के जार खरीदकर अपनी दैनिक जरूरतें पूरी कर रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से जल्द पेयजल आपूर्ति सामान्य करने की मांग की है।
बारिश का असर शहर की सड़कों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। लगातार पानी भरने और मिट्टी बहने के कारण कई स्थानों पर सड़कें धंस गई हैं। पावर हाउस चौक, मगरपारा स्थित अंबेडकर स्कूल के पास और सरकंडा के पेठा कारखाना क्षेत्र में सड़क के नीचे की मिट्टी बह जाने से बड़े गड्ढे बन गए हैं। इन स्थानों पर वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग की है।
तेज बारिश के कारण कई पुराने और जर्जर भवनों को भी नुकसान पहुंचा है। ईदगाह चौक के पास एक पुराने भवन का हिस्सा दरक गया, जबकि मध्यनगरीय चौक के समीप एक जर्जर मकान का छज्जा गिर पड़ा। राहत की बात यह रही कि इन घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई। वहीं तोरवा स्थित श्री गणेश एन्क्लेव कॉलोनी के प्रवेश द्वार के पास बनी बाउंड्री वॉल भी भरभराकर गिर गई। शहर के अन्य हिस्सों से भी दीवारें गिरने की घटनाओं की जानकारी सामने आई है।
प्रशासन द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार बिलासपुर अनुभाग में 55 घर बारिश से प्रभावित हुए हैं, जबकि नगर निगम क्षेत्र में 80 घरों को नुकसान पहुंचा है। इस तरह कुल 135 मकान प्रभावित होने की पुष्टि हुई है। सबसे अधिक परेशानी बंधवापारा क्षेत्र में देखने को मिली, जहां कई घरों में दूसरे दिन भी पानी भरा रहा। प्रभावित परिवार दिनभर घरों से पानी निकालने और सामान बचाने में जुटे रहे। जलभराव के कारण लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई।
मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटे के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। साथ ही बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर भी रोक लगा दी गई है।
कलेक्टर ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे तैयार रहें। नगर निगम को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने, पुलिस विभाग को संवेदनशील मार्गों पर बैरिकेडिंग करने, जल संसाधन विभाग को बांधों की लगातार निगरानी रखने, स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों और एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा बिजली विभाग को फॉल्ट सुधार दल चौबीसों घंटे तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन या कंट्रोल रूम को दें। लगातार बदलते मौसम और रेड अलर्ट को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
Tagsबिलासपुर बारिशबिलासपुर रेड अलर्टअमृत मिशन गंदा पानीबिलासपुर सड़क धंसी135 घर प्रभावितबिलासपुर जलभरावकलेक्टर संजय अग्रवालछत्तीसगढ़ मानसूनबिलासपुर मौसमबारिश का असरBilaspur rainBilaspur red alertAmrit Mission dirty waterBilaspur road caved in135 houses affectedBilaspur waterloggingCollector Sanjay AgarwalChhattisgarh monsoonBilaspur weathereffect of rain
Next Story





