छत्तीसगढ़
अस्पताल बंद मिला तो एंबुलेंस में हुआ प्रसव, नर्स बर्खास्त
Shantanu Roy
22 Oct 2026 9:47 PM IST

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Balrampur. बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ताला लगे होने के कारण प्रसव पीड़ा से जूझ रही गर्भवती महिला को महतारी एक्सप्रेस में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की जांच के बाद एक स्टाफ नर्स को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दूसरी नर्स को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर सहित अन्य चिकित्सकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
अस्पताल पहुंची गर्भवती महिला, गेट पर लटका मिला ताला
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन महतारी एक्सप्रेस से रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर मुख्य दरवाजे पर ताला लगा मिला। उस समय अस्पताल में न तो ड्यूटी डॉक्टर मौजूद थे और न ही नर्स। महिला को तेज प्रसव पीड़ा हो रही थी और उसकी हालत ऐसी नहीं थी कि उसे किसी दूसरे अस्पताल ले जाया जा सके। ऐसे में परिजनों को मजबूर होकर महतारी एक्सप्रेस में ही प्रसव कराना पड़ा। करीब एक घंटे बाद अस्पताल का ताला खोला गया, जिसके बाद जच्चा और बच्चा दोनों को अस्पताल में उपचार उपलब्ध कराया गया।
वायरल वीडियो के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। बुधवार को राजपुर के बीएमओ डॉ. दीपक गुप्ता जांच के लिए रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जांच में सामने आया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजे अस्पताल बंद था। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स अपूर्वा सिंह भदौरिया और जीवन दीप समिति के माध्यम से नियुक्त नर्स विभा रानी पैकरा अस्पताल में मौजूद नहीं थीं। बताया गया कि महतारी एक्सप्रेस में महिला के प्रसव की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर को फोन पर दी थी। इसके बाद नर्सों ने अस्पताल पहुंचकर ताला खोला।
एक नर्स सस्पेंड, दूसरी नौकरी से बर्खास्त
बीएमओ डॉ. दीपक गुप्ता ने जांच पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट बलरामपुर सीएमएचओ को भेजी। रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की। सीएमएचओ की अनुशंसा पर संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. कपिल देव पैकरा ने स्टाफ नर्स अपूर्वा सिंह भदौरिया को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय बीएमओ कार्यालय राजपुर निर्धारित किया गया है। वहीं, जीवन दीप समिति से नियुक्त स्टाफ नर्स विभा रानी पैकरा को बीएमओ डॉ. दीपक गुप्ता ने बर्खास्त कर दिया। जांच में उनके खिलाफ अन्य गंभीर शिकायतें भी सामने आने की जानकारी दी गई है।
प्रभारी डॉक्टर को नोटिस, अनुपस्थित चिकित्सक पर भी कार्रवाई की तैयारी
मामले में राजपुर एसडीएम ने अस्पताल के प्रभारी डॉ. ईश्वरी धृतलहरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बताया गया कि घटना के समय वे अवकाश पर रायपुर गए हुए थे। वहीं, जांच के दौरान डॉ. रमेश जायसवाल बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। अस्पताल के अन्य कर्मचारियों ने भी उनके नियमित ड्यूटी पर नहीं आने की शिकायत की। बीएमओ ने उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए प्रतिवेदन सीएमएचओ को भेज दिया है। हालांकि, डॉ. विद्या शंकर खलखो जांच के समय अस्पताल में मौजूद मिले। उनकी अनुपस्थिति की पुष्टि नहीं हुई है।
17 कर्मचारी पदस्थ, फिर भी बंद मिला अस्पताल
रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन डॉक्टरों सहित कुल 17 कर्मचारी पदस्थ हैं। इसके बावजूद अस्पताल बंद मिलने की घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी शिकायत की कि अस्पताल में डॉक्टर और नर्स नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते। कई बार स्वास्थ्य केंद्र बंद रहने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बीएमओ डॉ. दीपक गुप्ता ने स्वास्थ्यकर्मियों को चेतावनी दी है कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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