गोवा

रूस में न्यूमोनिक प्लेग की आशंका से गोवा में अलर्ट की मांग

Kavita2
8 Oct 2026 10:22 AM IST
रूस में न्यूमोनिक प्लेग की आशंका से गोवा में अलर्ट की मांग
x

पणजी। रूस के साइबेरिया स्थित इरकुत्स्क क्षेत्र में एक 28 वर्षीय महिला लैब कर्मचारी की मौत के बाद न्यूमोनिक प्लेग की आशंका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस मामले का असर भारत के प्रमुख पर्यटन राज्य गोवा में भी दिखाई देने लगा है। गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस विधायक यूरी अलेमाओ ने रूस से आने वाले सभी पर्यटकों की एहतियाती स्वास्थ्य जांच कराने की मांग की है। उन्होंने राज्य सरकार से कहा है कि पर्यटन सीजन शुरू होने के बीच सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। हालांकि, रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों ने महिला की मौत का संबंध प्लेग से होने की पुष्टि नहीं की है और क्षेत्र में महामारी फैलने के खतरे से इनकार किया है।

रूस में 28 वर्षीय लैब कर्मचारी की मौत से चिंता

रूस के इरकुत्स्क क्षेत्र में स्थित एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट की कर्मचारी दरिया शिपिलोवा की 2 अक्टूबर 2026 को मौत हो गई थी। वह 28 वर्ष की थीं और संक्रामक बीमारियों से जुड़े अनुसंधान संस्थान में कार्यरत थीं।

रूसी अधिकारियों के अनुसार, महिला की मौत अज्ञात कारणों से हुए गंभीर निमोनिया के कारण हुई। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में न्यूमोनिक प्लेग के संभावित संक्रमण की आशंका जताई गई है।

महिला की मौत के बाद रूसी स्वास्थ्य एजेंसियों ने एहतियाती कदम उठाए और उनके संपर्क में आए करीब 200 लोगों को चिकित्सा निगरानी में रखा गया।

रूस की स्वास्थ्य निगरानी एजेंसी ने कहा है कि जांच में मृतका के संपर्क में आए लोगों में प्लेग संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार, इलाके में स्वास्थ्य संबंधी स्थिति नियंत्रण में है।

गोवा में रूसी पर्यटकों की स्क्रीनिंग की मांग

रूस में सामने आए इस मामले के बाद गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ ने राज्य सरकार से तत्काल एहतियाती कदम उठाने की अपील की है।

उन्होंने बुधवार, 7 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर रूस से गोवा आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य जांच शुरू करने की मांग की।

अलेमाओ ने कहा कि गोवा में पर्यटन अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसके साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा भी जरूरी है।

उन्होंने राज्य सरकार से केंद्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर रूस से आने वाले यात्रियों की निगरानी करने की अपील की।

कांग्रेस नेता ने कहा कि किसी भी संभावित स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए पहले से तैयारी करना आवश्यक है। उनका कहना है कि स्थिति गंभीर होने का इंतजार करने के बजाय एहतियाती उपाय किए जाने चाहिए।

पर्यटन सीजन की शुरुआत, रूस से पहुंची पहली फ्लाइट

गोवा में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में रूस से पहली चार्टर फ्लाइट गोवा पहुंची थी।

30 सितंबर को रूस के येकातेरिनबर्ग शहर से 162 यात्रियों को लेकर एक चार्टर विमान गोवा के डाबोलिम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा था।

इसके बाद 4 अक्टूबर को रूस की राजधानी मॉस्को से 285 यात्रियों को लेकर दूसरी चार्टर फ्लाइट गोवा पहुंची।

पर्यटन सीजन के दौरान रूस से नियमित रूप से पर्यटकों के आने की संभावना है। इसी वजह से विपक्ष ने संभावित संक्रामक बीमारी को लेकर सतर्कता बरतने की मांग उठाई है।

रूसी पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए अलेमाओ चाहते हैं कि राज्य सरकार स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था पर तत्काल निर्णय ले।

गोवा पर्यटन विभाग ने दी प्रतिक्रिया

गोवा पर्यटन विभाग के निदेशक केदार नाइक ने स्वास्थ्य जांच की मांग पर प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अभी तक विश्व स्वास्थ्य संगठन या किसी अन्य संबंधित स्वास्थ्य एजेंसी से इस मामले को लेकर कोई विशेष एडवाइजरी प्राप्त नहीं हुई है।

केदार नाइक के अनुसार, गोवा में पर्यटन सीजन सामान्य तरीके से चल रहा है और राज्य पर्यटकों का स्वागत कर रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि स्वास्थ्य नियामक संस्थाओं की ओर से कोई निर्देश या एडवाइजरी जारी की जाती है तो उसके अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल राज्य सरकार ने रूस से आने वाले सभी पर्यटकों के लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य जांच अनिवार्य करने की घोषणा नहीं की है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रूस से मांगी जानकारी

रूस में लैब कर्मचारी की मौत के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने भी मामले पर नजर रखी है।

संगठन ने रूस से महिला की मौत के कारण और संक्रमण की संभावित परिस्थितियों के बारे में अतिरिक्त जानकारी मांगी है।

डब्ल्यूएचओ यह स्पष्ट करना चाहता है कि महिला किस बीमारी से संक्रमित हुई थी और क्या अन्य लोगों में भी इसी तरह के लक्षण सामने आए हैं।

रूस के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने मामले की जानकारी निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन को उपलब्ध कराई है।

हालांकि, महिला की मौत को न्यूमोनिक प्लेग से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

क्या है न्यूमोनिक प्लेग?

न्यूमोनिक प्लेग एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो यर्सिनिया पेस्टिस नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। यह प्लेग का वह प्रकार है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है।

इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, खांसी, सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी शामिल हो सकते हैं।

संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने पर श्वसन बूंदों के माध्यम से इसका प्रसार संभव है। हालांकि, हर तरह का निमोनिया न्यूमोनिक प्लेग नहीं होता।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बीमारी की समय रहते पहचान होने पर एंटीबायोटिक दवाओं से इसका इलाज किया जा सकता है।

बिना उपचार के यह बीमारी गंभीर और जानलेवा हो सकती है। इसलिए संदिग्ध मामलों में शीघ्र चिकित्सकीय जांच महत्वपूर्ण है।

रूस ने महामारी फैलने की आशंका को किया खारिज

रूस की स्वास्थ्य निगरानी एजेंसी रोस्पोत्रेबनादजोर ने दावा किया है कि इरकुत्स्क क्षेत्र में महामारी फैलने का कोई खतरा नहीं है।

एजेंसी ने कहा कि मृत महिला के संपर्क में आए लोगों की जांच की गई है और उनमें प्लेग संक्रमण के प्रमाण नहीं मिले हैं।

रूसी अधिकारियों ने स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक एहतियाती उपाय लागू करने की भी जानकारी दी है।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस मामले में अधिक पारदर्शिता और विस्तृत जानकारी साझा करने की आवश्यकता बताई है।

अब तक रूस में व्यापक प्लेग संक्रमण फैलने की पुष्टि नहीं हुई है।

गोवा सरकार के अगले फैसले पर नजर

गोवा में पर्यटन सीजन शुरू होने के कारण रूस से आने वाले यात्रियों की आवाजाही बढ़ रही है। राज्य सरकार पर्यटन गतिविधियों को सामान्य रूप से जारी रखने के पक्ष में है, जबकि विपक्ष संभावित स्वास्थ्य जोखिम को देखते हुए एहतियाती जांच की मांग कर रहा है।

फिलहाल रूस से गोवा आने वाले किसी पर्यटक में इस घटना से जुड़े प्लेग संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।

ऐसे में स्वास्थ्य एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जाना महत्वपूर्ण होगा।

गोवा पर्यटन विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य संगठनों की ओर से निर्देश मिलने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अब इस मामले में विश्व स्वास्थ्य संगठन की आगामी जानकारी और राज्य सरकार के फैसले पर नजर बनी हुई है।

Next Story