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गांधीनगर। गुजरात में आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक बार फिर विशेष पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में गुरुवार, 22 अक्टूबर को राज्य स्तरीय 'SWAGAT ऑनलाइन जन शिकायत निवारण कार्यक्रम' आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य के नागरिक अपनी समस्याएं, शिकायतें और आवेदन सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। मुख्यमंत्री स्वयं लोगों की शिकायतों को सुनेंगे और उनके समाधान को लेकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा करेंगे।राज्य सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, SWAGAT कार्यक्रम का आयोजन प्रत्येक महीने के चौथे गुरुवार को किया जाता है। इस पहल का उद्देश्य आम जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है।
22 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सुनेंगे जनता की समस्याएं
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल गुरुवार दोपहर गांधीनगर में आयोजित राज्य स्तरीय SWAGAT कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे। इस दौरान वे विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले नागरिकों की शिकायतों और आवेदनों को सुनेंगे।कार्यक्रम में नागरिक अपनी प्रशासनिक समस्याओं, सरकारी योजनाओं से संबंधित शिकायतों और अन्य सार्वजनिक मुद्दों को अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। शिकायतों के आधार पर संबंधित विभागों से जानकारी प्राप्त कर समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।इस कार्यक्रम को आम लोगों की समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।
स्वर्णिम संकुल-2 में जमा कर सकेंगे आवेदन
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, नागरिक राज्य स्तरीय SWAGAT कार्यक्रम में अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए गांधीनगर स्थित स्वर्णिम संकुल-2 में मुख्यमंत्री जनसंपर्क इकाई पहुंच सकते हैं।यहां नागरिक अपनी शिकायतें और संबंधित आवेदन जमा कर सकेंगे। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मामलों को कार्यक्रम में विचार के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों को अपनी समस्याएं उच्च प्रशासनिक स्तर तक पहुंचाने का अवसर मिल सके।
वर्ष 2003 में शुरू हुई थी योजना
SWAGAT कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2003 में नरेंद्र मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री रहने के दौरान की गई थी। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों का तकनीक आधारित माध्यम से निवारण करना और प्रशासन को अधिक पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाना था।SWAGAT का पूरा नाम 'स्टेट वाइड अटेंशन ऑन ग्रीवेंस बाय एप्लीकेशन ऑफ टेक्नोलॉजी' है। इसका हिंदी अर्थ तकनीक के उपयोग से राज्यव्यापी शिकायत निवारण व्यवस्था है।इस कार्यक्रम के जरिए नागरिकों को अपनी समस्याएं सरकार के सामने रखने और संबंधित विभागों से समाधान प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने पर जोर
SWAGAT कार्यक्रम के माध्यम से शिकायतों के निवारण में तकनीक का उपयोग किया जाता है। इससे संबंधित विभागों तक नागरिकों की समस्याएं पहुंचाने और उनके समाधान की प्रगति की समीक्षा करने में मदद मिलती है।पिछले महीनों में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जिला स्तर पर आयोजित शिकायत निवारण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की है। जुलाई 2026 में उन्होंने मेहसाणा, कच्छ और भावनगर के जिला स्तरीय कार्यक्रमों में वीडियो कॉल के माध्यम से भाग लेकर अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि को ध्यान में रखते हुए समस्याएं सुलझाने के निर्देश दिए थे।
आम नागरिकों को मिलेगा सीधा संवाद करने का अवसर
राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की मौजूदगी से नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि शिकायतों का वास्तविक समाधान प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर करेगा।SWAGAT पहल गुजरात में नागरिक-केंद्रित प्रशासन की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था के रूप में संचालित हो रही है। अब 22 अक्टूबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में प्राप्त शिकायतों और उन पर होने वाली कार्रवाई पर ध्यान रहेगा।
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