
यमुनानगर (हरियाणा): हरियाणा के यमुनानगर जिले के साढौरा थाना क्षेत्र से एक बेहद हैरान और शर्मसार करने देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर अगवा किया गया और फिर उसे एक घर में बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म की खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़िता के पिता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला पुलिस थाने में मुख्य आरोपी, उसके परिवार के सदस्यों और साथियों समेत कुल 7 लोगों के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता (पीड़िता के पिता) के अनुसार, उनकी तीन बेटियां साढौरा क्षेत्र के एक गांव में स्थित राजकीय स्कूल में पढ़ाई करती हैं। काफी समय से कुछ युवक उनकी बेटियों को परेशान कर रहे थे। आरोप है कि यासीन माजरी गांव के निवासी अंसुल, वंश, मनदीप और खेरड़ा खुर्द का रहने वाला एक अन्य युवक वंश, उनकी बेटियों का स्कूल आते-जाते समय पीछा करते थे। ये युवक न सिर्फ रास्ते में छेड़खानी करते थे, बल्कि उन पर अश्लील टिप्पणियां भी कसा करते थे।
यही नहीं, आरोपियों का हौसला इतना बढ़ चुका था कि वे शाम के समय पीड़िता के गांव आकर उसके घर के बाहर बाइकों पर चक्कर लगाते थे और परिवार को ललकारते थे। जब परिवार के सदस्यों ने इस गुंडागर्दी का विरोध किया, तो आरोपियों ने पीड़िता के भतीजे को जान से मारने की सीधी धमकी तक दे डाली।
परिजनों से शिकायत का भी नहीं हुआ असर
परेशान होकर पीड़िता के पिता ने मुख्य आरोपी अंसुल के परिवार से संपर्क किया। उन्होंने अंसुल की मां किरण और उसके दो भाइयों—आर्यन व अनुज—को लड़कों की इन हरकतों के बारे में बताया और उनसे अपने बच्चों को समझाने की मिन्नत की। लेकिन अंसुल के परिजनों ने इस गंभीर शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया और न ही लड़कों को रोकने के लिए कोई हस्तक्षेप किया। परिजनों की इस बेरुखी के कारण आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए।
14 जुलाई को वारदात को दिया गया अंजाम
मामले ने 14 जुलाई की सुबह बेहद गंभीर रूप ले लिया। लोकलाज और डर के साए में जी रही 17 वर्षीय नाबालिग बेटी जब हमेशा की तरह स्कूल गई, तो आरोपी अंसुल वहां पहुंच गया। वह छात्रा को किसी बहाने से बहला-फुसलाकर अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने घर ले गया।
आरोप है कि घर ले जाने के बाद अंसुल ने पीड़िता को एक कमरे में बंद कर दिया और बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस घिनौनी वारदात के दौरान अंसुल के दोनों भाई (आर्यन और अनुज) तथा उसके अन्य साथी घर के बाहर पहरा दे रहे थे ताकि कोई अंदर न आ सके और न ही पीड़िता की आवाज बाहर जा सके। करीब डेढ़ घंटे तक छात्रा को बंधक बनाकर रखने के बाद, आरोपी उसे वापस स्कूल के बाहर छोड़कर फरार हो गए।
घर लौटकर रोते हुए बताई आपबीती
जब नाबालिग छात्रा किसी तरह सहमी और डरी हुई अपने घर पहुंची, तो उसने रोते हुए अपने माता-पिता को पूरी आपबीती सुनाई। पीड़िता ने यह भी चौंकाने वाला आरोप लगाया कि आरोपी पहले भी एक सोची-समझी साजिश के तहत उसके साथ दो-तीन बार दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे चुके हैं, जिसके बारे में वह डर के मारे किसी को बता नहीं पाई थी। बेटी की बात सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई, जिसके बाद उन्होंने बिना देरी किए पुलिस का रुख किया।
पॉक्सो एक्ट के तहत 7 नामजद, पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही महिला थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। पीड़िता के पिता के बयानों और शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी अंसुल, उसकी मां किरण, उसके भाई आर्यन व अनुज, और उसके साथियों वंश (यासीन माजरी), मनदीप तथा वंश (खेरड़ा खुर्द) के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (संरक्षण अधिनियम) और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि महिला सुरक्षा और नाबालिगों के खिलाफ अपराधों को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और पुलिस हर पहलू से इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।





