
चंडीगढ़: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा का परिणाम गुरुवार देर रात जारी कर दिया। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में देशभर के लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हुआ। इस साल कुल 11.21 लाख परीक्षार्थियों ने नीट यूजी परीक्षा में सफलता हासिल की है। परिणाम में छात्राओं का प्रदर्शन एक बार फिर शानदार रहा। सफल अभ्यर्थियों में करीब 58 प्रतिशत छात्राएं शामिल हैं।
नीट यूजी परीक्षा में हरियाणा के पांशुल बंसल और पंजाब के आर्यन गुप्ता ने संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान हासिल किया है। दोनों अभ्यर्थियों को सबसे अधिक 715 अंक मिले हैं, जिसके आधार पर उन्हें संयुक्त टॉपर घोषित किया गया। उनकी इस उपलब्धि से दोनों राज्यों में खुशी का माहौल है।
नीट यूजी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसके माध्यम से देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलता है। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं और डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने के लिए मेहनत करते हैं।
इस बार परीक्षा परिणाम में हरियाणा और पंजाब के विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। टॉप रैंक हासिल करने वाले पांशुल बंसल और आर्यन गुप्ता ने अपनी मेहनत और लगन से राज्य का नाम रोशन किया है।
वहीं, पंचकूला के सेक्टर-12 निवासी हर्षुल गर्ग ने भी नीट यूजी परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 50 हासिल की है। हर्षुल की इस उपलब्धि से उनके परिवार, शिक्षकों और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
हर्षुल गर्ग की सफलता की कहानी मेहनत और अनुशासन का उदाहरण है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पटेल पब्लिक स्कूल, राजपुरा (पटियाला) से पूरी की। इसके बाद मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में लगातार मेहनत करते हुए उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।
हर्षुल के पिता पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में आयुष्मान भारत परियोजना के तहत चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े परिवार से आने वाले हर्षुल ने डॉक्टर बनने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शुरुआत से ही पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया।
अपनी सफलता पर हर्षुल ने कहा कि यह उपलब्धि उनके माता-पिता, शिक्षकों और उनकी नियमित मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान समय प्रबंधन, नियमित अभ्यास और विषयों की मजबूत समझ पर विशेष ध्यान दिया।
परिवार के सदस्यों ने हर्षुल की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि उसकी मेहनत और लगन ने पूरे परिवार को गौरवान्वित किया है। उन्होंने बताया कि हर्षुल ने पढ़ाई के साथ-साथ आत्मविश्वास बनाए रखा और लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किए।
नीट यूजी परिणाम जारी होने के बाद अब सफल अभ्यर्थी काउंसलिंग प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। इसके माध्यम से उन्हें उनकी रैंक और पसंद के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में सीट आवंटित की जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही रणनीति और लगातार अभ्यास भी जरूरी होता है। इस साल सफल हुए विद्यार्थियों ने अपनी तैयारी में नियमित पढ़ाई, मॉक टेस्ट और विषयों की दोहराई को महत्वपूर्ण बताया।
एनटीए ने परीक्षा परिणाम जारी करने के साथ ही आगे की प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित जानकारी भी साझा की है। मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए जल्द ही काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
नीट यूजी परिणाम ने देशभर के मेडिकल aspirants के लिए नई उम्मीदें पैदा की हैं। जहां टॉपर्स ने अपनी उपलब्धि से प्रेरणा दी है, वहीं पंचकूला के हर्षुल गर्ग जैसे विद्यार्थियों ने साबित किया है कि सही दिशा, मेहनत और दृढ़ संकल्प से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
हरियाणा और पंजाब के विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन इस बार की नीट यूजी परीक्षा की खास उपलब्धियों में शामिल रहा। टॉप रैंक से लेकर ऑल इंडिया रैंक 50 तक, इन विद्यार्थियों ने अपने राज्यों का गौरव बढ़ाया है।





