हिमाचल प्रदेश

बद्दी के दवा उद्योग में NCB की बड़ी कार्रवाई 2 हजार किलो से ज्यादा टेपेंटाडोल बरामद

Kavita2
3 Sept 2026 11:25 AM IST
बद्दी के दवा उद्योग में NCB की बड़ी कार्रवाई 2 हजार किलो से ज्यादा टेपेंटाडोल बरामद
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सोलन। हिमाचल प्रदेश का औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (BBN) एक बार फिर नशीली दवाओं के उत्पादन और अवैध सप्लाई को लेकर चर्चा में आ गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) चंडीगढ़ की टीम ने नालागढ़ के जगातखाना के पास स्थित सारिका बायोटेक नामक दवा उद्योग में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में दवाएं बरामद की हैं। इस कार्रवाई के दौरान करीब दो हजार किलो से अधिक टेपेंटाडोल बरामद किया गया है।

टेपेंटाडोल एक ऐसी दवा है जिसका इस्तेमाल गंभीर दर्द के इलाज में किया जाता है। हालांकि इसके गलत इस्तेमाल और अवैध बिक्री को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी रखती हैं। NCB की कार्रवाई के बाद अब यह जांच की जा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में टेपेंटाडोल उद्योग परिसर में कैसे पहुंचा और इसका इस्तेमाल या सप्लाई किस उद्देश्य से की जानी थी।

NCB चंडीगढ़ की टीम ने बुधवार रात उद्योग परिसर में दबिश दी। जांच एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि उद्योग के पास टेपेंटाडोल के उत्पादन या इस्तेमाल से जुड़ी आवश्यक अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद परिसर में इतनी बड़ी मात्रा में यह दवा मिलने के बाद एजेंसी ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

छापेमारी के दौरान NCB को उद्योग परिसर में करीब 25 लाख अन्य दवाएं भी मिली हैं। इन दवाओं की भी जांच की जा रही है कि उनका उत्पादन किस उद्देश्य से किया गया था और क्या इनके लिए सभी जरूरी नियमों और अनुमति का पालन किया गया था। जांच एजेंसी बरामद दवाओं के दस्तावेज, उत्पादन रिकॉर्ड और सप्लाई से जुड़े विवरण खंगाल रही है।

कार्रवाई के बाद NCB ने सारिका बायोटेक उद्योग को सील कर दिया है। इसके साथ ही उद्योग से जुड़े मालिक के गोदामों पर भी छापेमारी की गई। एजेंसी ने उद्योग मालिक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के जरिए दवा के स्रोत, उत्पादन प्रक्रिया और संभावित सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

NCB के मुताबिक यह कार्रवाई एक चल रही जांच का हिस्सा है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद टेपेंटाडोल और अन्य दवाओं की सप्लाई कहां-कहां की जानी थी। इसके अलावा इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।

टेपेंटाडोल जैसी दवाओं का इस्तेमाल चिकित्सा क्षेत्र में किया जाता है, लेकिन इनका अनधिकृत इस्तेमाल गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। इसी वजह से ऐसी दवाओं के उत्पादन, बिक्री और वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जाती है। बिना अनुमति या नियमों के उल्लंघन के साथ ऐसी दवाओं का निर्माण और सप्लाई कानून के तहत गंभीर अपराध माना जाता है।

बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में फार्मा कंपनियां और दवा निर्माण इकाइयां संचालित होती हैं। दवा उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में पहचान रखने वाले इस क्षेत्र में समय-समय पर नियमों के उल्लंघन और अवैध गतिविधियों से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं।

NCB की इस कार्रवाई के बाद फार्मा उद्योग से जुड़े निगरानी तंत्र पर भी सवाल उठने लगे हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संबंधित उद्योग में इतनी बड़ी मात्रा में दवा सामग्री कैसे मौजूद थी और नियामकीय स्तर पर कौन-कौन सी चूक हुई।

जांच के दौरान उद्योग के दस्तावेजों, स्टॉक रिकॉर्ड, उत्पादन क्षमता और खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है। इसके अलावा जिन लोगों या कंपनियों से दवा सामग्री का लेन-देन हुआ है, उनसे भी पूछताछ की संभावना है।

NCB को आशंका है कि बरामद सामग्री के पीछे एक बड़ा सप्लाई नेटवर्क हो सकता है। इसी वजह से एजेंसी केवल उद्योग तक सीमित जांच नहीं कर रही है, बल्कि संभावित खरीदारों, सप्लायरों और जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।

अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे अवैध सप्लाई चेन से जुड़े नए नाम सामने आने की संभावना है। एजेंसी बरामद दवाओं के नमूनों की जांच भी करवा सकती है ताकि उनकी गुणवत्ता और उपयोग से जुड़ी जानकारी हासिल की जा सके।

इस कार्रवाई ने हिमाचल प्रदेश के फार्मा सेक्टर में एक बार फिर सतर्कता बढ़ा दी है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं कि दवा निर्माण की आड़ में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बढ़ावा न मिले।

विशेषज्ञों के अनुसार दवा उद्योगों में रिकॉर्ड प्रबंधन, उत्पादन प्रक्रिया और लाइसेंस व्यवस्था की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी होने पर न केवल कानून व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा पैदा हो सकता है।

फिलहाल NCB की जांच जारी है और बरामद टेपेंटाडोल व अन्य दवाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। उद्योग सील किए जाने के बाद एजेंसी यह पता लगाने में लगी है कि इस पूरे मामले का दायरा कितना बड़ा है।

सारिका बायोटेक पर हुई कार्रवाई ने BBN क्षेत्र में दवा निर्माण और निगरानी व्यवस्था को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। अब जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई से ही स्पष्ट होगा कि यह मामला केवल एक उद्योग तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।

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