झारखंड

हर वार्ड में जरूरत के हिसाब से बने वेंडर मार्केट मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिए निर्देश

Kavita2
3 Sept 2026 9:26 AM IST
हर वार्ड में जरूरत के हिसाब से बने वेंडर मार्केट मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिए निर्देश
x

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को नगर विकास एवं आवास विभाग तथा पथ निर्माण विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विकास योजनाओं का प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने पर विशेष जोर देते हुए प्रत्येक वार्ड में जरूरत के अनुसार वेंडर मार्केट विकसित करने की दिशा में काम करने को कहा। मुख्यमंत्री ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को चिह्नित कर कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने नगर विकास एवं आवास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शहरों के विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए। योजनाओं में गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। विकास कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं ताकि लोगों को लंबे समय तक निर्माण कार्यों के कारण परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में फुटपाथ पर दुकान लगाकर आजीविका चलाने वाले लोगों के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार करने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर के प्रत्येक वार्ड की आवश्यकता का आकलन किया जाए और उसी के आधार पर वेंडर मार्केट विकसित किए जाएं। इससे फुटपाथी दुकानदारों को कारोबार करने के लिए निर्धारित और व्यवस्थित स्थान मिल सकेगा।

वेंडर मार्केट विकसित होने से शहरों में यातायात व्यवस्था सुधारने में भी मदद मिल सकती है। कई प्रमुख सड़कों और बाजार क्षेत्रों में फुटपाथ तथा सड़क किनारे दुकानें लगने के कारण वाहनों के आवागमन के लिए जगह कम हो जाती है। इससे व्यस्त समय में जाम की स्थिति पैदा होती है। मुख्यमंत्री ने इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए वेंडर मार्केट के निर्माण की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने को कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि फुटपाथी दुकानदारों की आजीविका का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। शहरों को व्यवस्थित करने के नाम पर छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी प्रभावित न हो, इसके लिए उन्हें उचित स्थान उपलब्ध कराना जरूरी है। वेंडर मार्केट में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से छोटे व्यापारियों को स्थायी और व्यवस्थित तरीके से अपना व्यवसाय संचालित करने में मदद मिलेगी।

बैठक में शहरों की सरकारी जमीन पर किए गए कब्जों का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसी जमीन की पहचान करने और नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि का उपयोग सार्वजनिक और विकास कार्यों के लिए होना चाहिए। ऐसे में सरकारी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने और कब्जे वाले स्थानों को चिह्नित करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग के अधिकारियों से शहरों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए। किसी परियोजना में देरी होने पर उसके कारणों की पहचान कर समस्या का तत्काल समाधान किया जाए।

इसके साथ ही पथ निर्माण विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण और उससे संबंधित परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क किसी भी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए सड़क परियोजनाओं में निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

शहरी क्षेत्रों में सड़क निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखने का निर्देश भी दिया गया। सड़कों पर अनावश्यक अतिक्रमण और अव्यवस्थित व्यावसायिक गतिविधियों के कारण अक्सर जाम की समस्या उत्पन्न होती है। वेंडर मार्केट तैयार होने से फुटपाथी दुकानदारों को निर्धारित जगह दी जा सकेगी और प्रमुख सड़कों पर यातायात के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखने बल्कि धरातल पर उनके प्रभाव का आकलन करने को कहा। किसी भी योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उससे आम नागरिकों को कितना लाभ मिल रहा है। इसलिए विभागीय अधिकारी नियमित रूप से परियोजनाओं का निरीक्षण करें और कमियों को समय रहते दूर करें।

उन्होंने विकास योजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता को प्राथमिकता देने का निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं होने से परियोजनाओं की लागत बढ़ने के साथ आम लोगों को भी परेशानी होती है। संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं को तेजी से पूरा किया जाना चाहिए।

वेंडर मार्केट की योजना को शहरी व्यवस्था सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रत्येक वार्ड में जरूरत के अनुसार बाजार तैयार होने से छोटे दुकानदारों को सुरक्षित व्यावसायिक स्थान मिलने के साथ सड़कों और फुटपाथों पर दबाव कम किया जा सकेगा। इससे पैदल चलने वाले लोगों को भी सुविधा होगी और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद अब नगर विकास एवं आवास विभाग के सामने विभिन्न वार्डों में वेंडर मार्केट की जरूरत का आकलन करने और उसके लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करने की जिम्मेदारी होगी। वहीं सरकारी जमीन पर कब्जों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समीक्षा के दौरान स्पष्ट संदेश दिया कि विकास योजनाओं में गुणवत्ता, समयबद्धता और आम लोगों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। फुटपाथी दुकानदारों के लिए व्यवस्थित वेंडर मार्केट, सड़कों पर जाम की समस्या कम करने और सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त कराने के निर्देश इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

Next Story