झारखंड

साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, 9 आरोपी गिरफ्तार

Kavita2
17 July 2026 12:14 PM IST
साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, 9 आरोपी गिरफ्तार
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बोकारो: टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी के प्रतिनिधि और बैंक अधिकारी बनकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। ये लोग सेक्टर-12 थाना क्षेत्र के बारी को-ऑपरेटिव कॉलोनी में किराये का मकान लेकर साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपी काफी समय से इस मकान को साइबर अपराध के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। यहां से वे देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों को फोन कर ठगी का शिकार बनाते थे। गिरोह के सदस्य अलग-अलग पहचान बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और उनके बैंक खाते से पैसे निकाल लेते थे।

जांच में सामने आया कि आरोपी कभी टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी के कर्मचारी बनकर लोगों को आकर्षक यात्रा पैकेज और ऑफर का लालच देते थे, तो कभी बैंक अधिकारी बनकर खातों से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते थे। इसके बाद वे पीड़ितों के बैंक खाते से रकम निकाल लेते थे।

पुलिस को इस गिरोह के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर सेक्टर-12 थाना पुलिस ने छापेमारी की और किराये के मकान से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई सामान भी बरामद किए हैं।

बरामद सामानों में मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक खातों से जुड़ी जानकारी और अन्य डिजिटल उपकरण शामिल हैं। पुलिस इन सभी उपकरणों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और कितनी रकम की ठगी की गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियां अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके संपर्कों का पता लगाने में जुटी हैं। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और लोग भी सक्रिय हो सकते हैं।

साइबर अपराधियों का यह तरीका तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें वे आम लोगों को विश्वास में लेकर उनकी निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल करते हैं। कई बार आरोपी खुद को बैंक कर्मचारी, कस्टमर केयर अधिकारी या किसी प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक से जुड़ी जानकारी, ओटीपी, एटीएम पिन या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें। किसी भी तरह के संदिग्ध फोन या ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहने की जरूरत है।

अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। लोगों को यह समझना चाहिए कि बैंक या कोई भी आधिकारिक संस्था फोन पर गोपनीय जानकारी नहीं मांगती है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वे पहले भी किसी साइबर अपराध में शामिल रहे हैं या उनके खिलाफ अन्य राज्यों में मामले दर्ज हैं।

जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की भी जांच कर रही हैं। इससे ठगी से जुटाई गई रकम के प्रवाह और गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में मदद मिलेगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, ताकि आम लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाया जा सके।

इस मामले में पुलिस की कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी एक संगठित तरीके से अंतरराज्यीय स्तर पर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। किराये के मकान को ठगी के केंद्र के रूप में इस्तेमाल करना इस बात को दर्शाता है कि साइबर अपराधी अब नए तरीकों से अपने नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं।

फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है। आने वाले दिनों में गिरोह से जुड़े और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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