
रामगढ़। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता और रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के पूर्व प्रत्याशी पानेश्वर महतो के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। मंगलवार देर रात रामगढ़ थाना क्षेत्र के कैथा चौक के पास से कुछ लोग उन्हें जबरन अपने साथ ले गए। घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ पुलिस सक्रिय हुई और रातभर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। बुधवार सुबह पानेश्वर महतो को हजारीबाग से सकुशल बरामद कर लिया गया। रामगढ़ के एसपी मुकेश कुमार लूणायत ने उनकी बरामदगी की पुष्टि की है।
घटना के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पानेश्वर महतो को जबरन ले जाने वाले लोग कौन थे और इसके पीछे उनका मकसद क्या था। आरोपियों द्वारा खुद को पुलिसकर्मी बताने की बात भी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है।
रात करीब 10 बजे की घटना
जानकारी के अनुसार मंगलवार रात करीब 10 बजे पानेश्वर महतो कैथा-गोबरदरहा चौक के पास मौजूद थे। इसी दौरान काले रंग की बोलेरो में कुछ लोग वहां पहुंचे।
बताया जा रहा है कि बोलेरो सवार लोगों ने खुद को कुजू ओपी का पुलिसकर्मी बताया। इसके बाद उन्होंने पानेश्वर महतो को जबरन वाहन में बैठा लिया।
अचानक हुई इस घटना के बाद आसपास के लोगों और पानेश्वर महतो के परिचितों में हड़कंप मच गया। शुरुआत में यह स्पष्ट नहीं था कि उन्हें वास्तव में पुलिस किसी मामले में लेकर गई है या कोई दूसरा मामला है।
कुजू ओपी पुलिसकर्मी बताकर ले जाने का आरोप
मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि पानेश्वर महतो को ले जाने वाले लोगों ने कथित तौर पर खुद को कुजू ओपी का पुलिसकर्मी बताया था।
इसके बाद जब स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई गई तो स्थिति संदिग्ध नजर आई। मामले की सूचना रामगढ़ पुलिस को दी गई और पुलिस ने तत्काल उनकी तलाश शुरू कर दी।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने पुलिसकर्मी होने का दावा क्यों किया और क्या उन्होंने पानेश्वर महतो को आसानी से वाहन में बैठाने के लिए ऐसा किया था।
फोरलेन से हजारीबाग की ओर ले गए
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पानेश्वर महतो को बोलेरो में बैठाने के बाद आरोपी नेशनल हाईवे के फोरलेन रास्ते से हजारीबाग की ओर निकल गए।
इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने संभावित रास्तों पर तलाश शुरू की। आसपास के थाना क्षेत्रों को भी मामले की सूचना दिए जाने की संभावना है।
पुलिस के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता पानेश्वर महतो को सुरक्षित बरामद करना थी। इसके लिए रातभर अलग-अलग संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई।
रातभर चली पुलिस की छापेमारी
पानेश्वर महतो के कथित अपहरण की सूचना मिलते ही रामगढ़ पुलिस की कई टीमें सक्रिय हो गईं। पुलिस ने उनके संभावित लोकेशन और बोलेरो के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।
रामगढ़ से हजारीबाग की ओर जाने वाले रास्तों पर भी नजर रखी गई। तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस लगातार तलाश करती रही।
रातभर चले अभियान के बाद बुधवार सुबह पुलिस को सफलता मिली और पानेश्वर महतो को हजारीबाग क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया गया।
एसपी ने की बरामदगी की पुष्टि
रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लूणायत ने पानेश्वर महतो के सकुशल बरामद होने की पुष्टि की है।
उनकी सुरक्षित बरामदगी की खबर मिलने के बाद परिवार, समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने राहत की सांस ली। हालांकि पूरे घटनाक्रम से जुड़े कई सवालों के जवाब अभी सामने आना बाकी हैं।
पुलिस अब पानेश्वर महतो से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी लेकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
आरोपियों की पहचान सबसे बड़ी चुनौती
पुलिस के सामने अब पानेश्वर महतो को जबरन बोलेरो में बैठाकर ले जाने वाले लोगों की पहचान करना प्रमुख चुनौती है।
काले रंग की बोलेरो के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। कैथा-गोबरदरहा चौक से हजारीबाग तक के रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच में अहम साबित हो सकती है।
पुलिस वाहन के नंबर और उसमें सवार लोगों के हुलिए से जुड़ी जानकारी भी जुटा सकती है। पानेश्वर महतो के बयान से आरोपियों की पहचान में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
पुलिसकर्मी बनकर अपहरण ने बढ़ाई गंभीरता
आरोपियों द्वारा कथित तौर पर खुद को पुलिसकर्मी बताकर पानेश्वर महतो को अपने साथ ले जाने की बात ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है तो यह स्पष्ट करना जरूरी होगा कि आरोपियों ने पुलिस की पहचान का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया।
पुलिस यह भी जांच करेगी कि क्या आरोपियों को पानेश्वर महतो की गतिविधियों और उनके कैथा क्षेत्र में मौजूद होने की पहले से जानकारी थी।
राजनीतिक रंजिश समेत सभी पहलुओं की जांच
पानेश्वर महतो जेएलकेएम से जुड़े नेता हैं और रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के प्रत्याशी भी रह चुके हैं। ऐसे में पुलिस घटना के पीछे राजनीतिक रंजिश समेत अन्य संभावित कारणों को भी जांच के दायरे में रख सकती है।
हालांकि अभी तक घटना के पीछे राजनीतिक कारण होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए किसी विशेष वजह को लेकर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
व्यक्तिगत विवाद, पुरानी रंजिश, आर्थिक लेनदेन या अन्य किसी कारण की संभावना को भी जांच के बाद ही स्पष्ट किया जा सकेगा।
पानेश्वर महतो से पूछताछ में मिल सकते हैं अहम सुराग
सकुशल बरामदगी के बाद पानेश्वर महतो का बयान पुलिस जांच के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा। उनसे यह जानकारी ली जाएगी कि उन्हें वाहन में बैठाने के बाद कहां-कहां ले जाया गया और रास्ते में आरोपियों ने उनसे क्या बातचीत की।
यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि आरोपियों ने उनके साथ किसी तरह की मारपीट, धमकी या अन्य दबाव बनाया था या नहीं।
उनके बयान के आधार पर पुलिस अपहरण के मकसद और आरोपियों की पहचान तक पहुंच सकती है।
CCTV और तकनीकी जांच पर जोर
कैथा चौक और आसपास के क्षेत्र के साथ नेशनल हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस के लिए अहम हो सकती है। काले रंग की बोलेरो की पहचान के लिए अलग-अलग स्थानों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा सकती है।
मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी जानकारियों की मदद से भी घटनाक्रम का समय और रास्ता स्पष्ट किया जा सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि मंगलवार रात कथित तौर पर अगवा किए गए पानेश्वर महतो को पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर हजारीबाग से सुरक्षित बरामद कर लिया। अब पुलिस की जांच का केंद्र आरोपियों की पहचान, घटना का मकसद और पुलिसकर्मी बनकर उन्हें ले जाने के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा करना है।





