झारखंड

झामुमो का बड़ा आंदोलन 7 सितंबर को प्रखंड कार्यालयों पर होगा धरना प्रदर्शन

Kavita2
26 Aug 2026 3:55 PM IST
झामुमो का बड़ा आंदोलन 7 सितंबर को प्रखंड कार्यालयों पर होगा धरना प्रदर्शन
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जमशेदपुर (झारखंड)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम-2026 के विरोध में आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्वी सिंहभूम जिला समिति की बैठक बिष्टुपुर स्थित सर्किट हाउस सभागार में जिलाध्यक्ष विक्टर सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पार्टी के केंद्रीय कार्यसमिति के निर्देशों के अनुसार आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।

बैठक में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने खनिज संशोधन अधिनियम को लेकर विस्तार से चर्चा की। झामुमो नेताओं ने कहा कि इस कानून के प्रावधानों को लेकर जनता के बीच जागरूकता फैलाने की जरूरत है। इसके लिए पार्टी ने बूथ स्तर तक जनसंपर्क अभियान चलाने का फैसला लिया है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि 31 अगस्त तक पूरे जिले में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत झामुमो कार्यकर्ता गांव-गांव और बूथ स्तर तक पहुंचकर लोगों को अधिनियम के प्रभावों के बारे में जानकारी देंगे। पार्टी का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोगों को इस मुद्दे से जोड़ा जाए और आंदोलन को मजबूत बनाया जाए।

झामुमो नेताओं ने कहा कि खनिज संसाधन झारखंड की पहचान और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पार्टी का आरोप है कि नए संशोधन से राज्य के हितों और स्थानीय लोगों के अधिकारों पर असर पड़ सकता है। इसी को लेकर पार्टी जनता के बीच जाकर अपनी बात रखेगी।

बैठक में यह भी तय किया गया कि जनजागरण अभियान के बाद 7 सितंबर को जिले के सभी 11 प्रखंड कार्यालयों और चार अधिसूचित नगर प्राधिकरणों (NAAC) में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन के माध्यम से केंद्र सरकार के सामने पार्टी अपनी आपत्तियां दर्ज कराएगी।

जिलाध्यक्ष विक्टर सोरेन ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करती रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आंदोलन को सफल बनाने के लिए पूरी सक्रियता के साथ काम करें और आम लोगों तक पार्टी का संदेश पहुंचाएं।

बैठक में जिला समिति के पदाधिकारियों ने आंदोलन को लेकर जिम्मेदारियां भी तय कीं। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को अभियान की जानकारी देने और लोगों से संवाद स्थापित करने पर जोर दिया गया। पार्टी नेताओं का कहना है कि आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

झामुमो का कहना है कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां के प्राकृतिक संसाधनों पर पहला अधिकार स्थानीय जनता का होना चाहिए। पार्टी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।

बैठक में कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने और आंदोलन को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की। पार्टी की रणनीति है कि पंचायत और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर इस मुद्दे को जन आंदोलन का रूप दिया जाए।

वहीं, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि खनिज और संसाधनों से जुड़े मुद्दे झारखंड की राजनीति में हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं। ऐसे में झामुमो द्वारा इस कानून के विरोध में आंदोलन शुरू करना आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।

पार्टी नेताओं ने कहा कि जनजागरण अभियान के दौरान लोगों की राय भी ली जाएगी और उनकी समस्याओं को आंदोलन का हिस्सा बनाया जाएगा। झामुमो का दावा है कि यह संघर्ष राज्य के अधिकारों और जनता के हितों की रक्षा के लिए किया जा रहा है।

फिलहाल झामुमो ने आंदोलन की शुरुआती रणनीति तैयार कर ली है। अब देखना होगा कि बूथ स्तर पर चलने वाला जनजागरण अभियान कितना प्रभावी रहता है और 7 सितंबर को होने वाले धरना-प्रदर्शन में कितनी भागीदारी होती है।

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