
गुमला। मानसून के दौरान गुमला जिले में सर्पदंश की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में गुरुवार को सर्पदंश की आठ घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं में आठ लोग घायल हो गए, जिन्हें परिजनों ने इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल में भर्ती कराया। सभी घायलों का अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार, पहली घटना गुमला थाना क्षेत्र के खोरा गांव की है। यहां 45 वर्षीय हरिहर कुमार अपने घर में बिस्तर पर सो रहे थे। इसी दौरान एक सांप ने उनके पैर में डस लिया। घटना के बाद परिजनों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
दूसरी घटना नवाडीह गांव में हुई, जहां रंथू उरांव खेत से लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में सांप ने उन्हें काट लिया। वहीं तीसरी घटना करौंदा गांव की है, जहां 30 वर्षीय अमिषा मिंज शौच के लिए जा रही थीं। इसी दौरान वह सर्पदंश का शिकार हो गईं।
चौथी घटना सिसई थाना क्षेत्र के सोगड़ा गांव में सामने आई। यहां 30 वर्षीय चंद्रपाल उरांव मेला देखकर घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में सांप ने उन्हें डस लिया। घटना के बाद आसपास के लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
पांचवीं घटना पालकोट थाना क्षेत्र के बागेसेरा गांव की है। यहां 50 वर्षीय पुनी देवी को घर के आंगन में सांप ने काट लिया। वहीं छठी घटना बरिसा गांव की है, जहां 20 वर्षीय असमती कुमार शौच के लिए जा रहे थे। इसी दौरान सांप के काटने से वह घायल हो गए।
सातवीं घटना रायडीह थाना क्षेत्र के परसा गांव की है। यहां 26 वर्षीय जगदीप उरांव मेले से लौट रहे थे, तभी रास्ते में सांप ने उन्हें डस लिया। आठवीं घटना घाघरा थाना क्षेत्र के अरंगी गांव की है, जहां 18 वर्षीय विलेंद्र उरांव सर्पदंश के शिकार हो गए।
सभी घटनाओं के बाद परिजनों ने घायलों को तत्काल गुमला सदर अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने सभी का इलाज शुरू किया और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बरसात के मौसम में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। खेतों, झाड़ियों और घरों के आसपास सांपों की आवाजाही बढ़ने के कारण लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग भी लोगों से अपील करता है कि सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें, ताकि समय पर उपचार मिल सके और जान बचाई जा सके।





