
पलामू। झारखंड के पलामू जिले में सात साल पुराने एक कथित अपहरण मामले में नया खुलासा हुआ है। वर्ष 2019 में जिस महिला को अपहृत बताकर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया था, उसे पुलिस ने मध्यप्रदेश के भोपाल से बरामद कर लिया है। महिला ने पुलिस के सामने दिए बयान में बताया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि वह अपने पति की मारपीट और प्रताड़ना से परेशान होकर खुद घर छोड़कर चली गई थी।
महिला की बरामदगी के बाद इस पुराने मामले की पूरी कहानी बदल गई है। महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पति अक्सर शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करता था। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके पति ने चार शादियां की हैं और अब वह उसके साथ दोबारा रहने को तैयार नहीं है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019 में उंटारी रोड थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी प्रकाश नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के गायब होने के बाद अपहरण का मामला दर्ज कराया था। शिकायत में उसने गांव के तीन लोगों पर पत्नी के अपहरण का आरोप लगाया था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने महिला की तलाश शुरू की, लेकिन लंबे समय तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया।
इस मामले में जिन लोगों पर अपहरण का आरोप लगाया गया था, वे गांव में सामान्य जीवन जी रहे थे। समय बीतने के साथ यह मामला पुलिस के लिए चुनौती बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिश्रामपुर एसडीपीओ चिरंजीवी मंडल के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य जानकारियों के आधार पर महिला की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि महिला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बेरखेड़ी इलाके में रह रही है। इसके बाद पलामू पुलिस की एक टीम भोपाल पहुंची और महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस महिला को लेकर वापस पलामू पहुंची, जहां उसका बयान दर्ज किया गया।
महिला ने पुलिस को दिए लिखित बयान में बताया कि घटना वाले दिन उसके पति ने शराब के नशे में उसके साथ मारपीट की थी। पति के व्यवहार से परेशान होकर वह घर के पास स्थित बैंगन के खेत में जाकर छिप गई थी। इसके बाद अगले दिन उसने ट्रेन पकड़ी और भोपाल चली गई। वहां रहकर उसने अपने बच्चों की परवरिश शुरू कर दी।
महिला ने पुलिस को बताया कि वह इतने वर्षों से भोपाल में रह रही थी और अपनी जिंदगी खुद संभाल रही थी। उसने साफ तौर पर कहा कि वह अब अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती। महिला ने पति पर चार शादियां करने का आरोप भी लगाया है। उसके अनुसार, पति की अन्य पत्नियों में से दो बिहार में रहती हैं।
बिश्रामपुर एसडीपीओ चिरंजीवी मंडल ने महिला की बरामदगी की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया है। महिला के बयान के आधार पर मामले की जांच नए सिरे से की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वर्ष 2019 में दर्ज कराए गए अपहरण के मामले में वास्तविक स्थिति क्या थी और किन परिस्थितियों में महिला को घर छोड़ना पड़ा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस मामले ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों पर चर्चा तेज कर दी है। सात साल तक चले इस मामले में महिला के सामने आने के बाद अब जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई है।





