
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने यशवंतपुर APMC (कृषि उपज बाजार समिति) में बाल मजदूरी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाजार में बच्चों से काम करवाने की प्रथा को तुरंत रोका जाए और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को यशवंतपुर APMC के औचक दौरे के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बच्चों से मजदूरी करवाना गंभीर अपराध है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बाल मजदूरी कराने वालों पर दर्ज होगा केस
डी.के. शिवकुमार ने कहा, "यशवंतपुर APMC में बाल मजदूरी की प्रथा को तुरंत रोकने का निर्देश दिया गया है। मैंने जिला कलेक्टर और पुलिस को निर्देश दिया है कि जो लोग बाल मजदूरों से काम करवा रहे हैं, उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।"
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और किसी भी स्थिति में नाबालिगों से काम नहीं कराया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजार परिसर में नियमित निगरानी रखी जाए और यदि कहीं भी बाल मजदूरी दिखाई दे तो तुरंत कार्रवाई की जाए।
किसानों और व्यापारियों से की बातचीत
मुख्यमंत्री शिवकुमार मंगलवार सुबह यशवंतपुर APMC पहुंचे थे। उन्होंने बाजार का निरीक्षण किया और वहां मौजूद किसानों, व्यापारियों और मजदूरों से बातचीत की।
उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और बाजार में चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
इस दौरान किसानों ने फसल की कीमत, बिक्री व्यवस्था, बिजली और अन्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
अन्य APMC का भी करेंगे दौरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राज्य की अन्य कृषि उपज मंडियों का भी दौरा करेंगे और वहां की समस्याओं को समझकर समाधान के लिए कदम उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि APMC किसानों और व्यापारियों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसलिए यहां की व्यवस्था बेहतर होना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों और व्यापारियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
बेंगलुरु बाजार से किसान संतुष्ट: CM
डी.के. शिवकुमार ने कहा कि बेंगलुरु का कृषि बाजार देश के अन्य बाजारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान बेंगलुरु बाजार की व्यवस्था से काफी हद तक संतुष्ट हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से कृषि उत्पाद आते हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर जैसे प्रमुख बाजारों से भी प्याज और आलू जैसी फसलें यहां पहुंचती हैं।
कृषि उत्पादों की गुणवत्ता पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कृषि उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाली फसलों की गुणवत्ता और स्वाद में अंतर होता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ उत्पाद लंबे समय तक खराब नहीं होते, जबकि कुछ उत्पादों की शेल्फ लाइफ कम होती है।
उन्होंने कहा कि बाजार में गुणवत्ता बनाए रखना किसानों और व्यापारियों दोनों के हित में है।
APMC व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि बाजार व्यवस्था को मजबूत करने से किसानों को बेहतर अवसर मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उचित मूल्य दिलाना और बाजारों में पारदर्शिता बढ़ाना है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों और व्यापारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।
बाल श्रम के खिलाफ सरकार का रुख
कर्नाटक सरकार पहले भी बाल मजदूरी रोकने के लिए अभियान चलाती रही है। बाल श्रम कानूनों के तहत नाबालिग बच्चों से काम करवाना प्रतिबंधित है।
सरकार का कहना है कि बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए, न कि मजदूरी के लिए मजबूर किया जाना चाहिए।
निष्कर्ष
यशवंतपुर APMC के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बाल मजदूरी को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि बच्चों से काम करवाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने किसानों और व्यापारियों की समस्याएं सुनीं और राज्य की अन्य APMC का दौरा कर व्यवस्थाओं में सुधार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कृषि बाजार किसानों के हितों की रक्षा करने वाला मजबूत माध्यम होना चाहिए।





