कर्नाटक

पूर्व डिप्टी CM केएस ईश्वरप्पा को जान से मारने की धमकी, दो अज्ञात लोगों के खिलाफ SP से शिकायत

Kavita2
19 Oct 2026 6:01 PM IST
पूर्व डिप्टी CM केएस ईश्वरप्पा को जान से मारने की धमकी, दो अज्ञात लोगों के खिलाफ SP से शिकायत
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शिवमोग्गा। कर्नाटक के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता केएस ईश्वरप्पा को फोन पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। ईश्वरप्पा ने आरोप लगाया है कि दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनके मोबाइल फोन पर कॉल करके अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद उन्होंने अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को ईश्वरप्पा ने राष्ट्रभक्त बलगा संगठन के सदस्यों के साथ शिवमोग्गा के पुलिस अधीक्षक निखिल से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने धमकी देने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और अपने परिवार को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

ईश्वरप्पा का कहना है कि उन्हें पहले भी धमकी भरे फोन आ चुके हैं, लेकिन पिछली घटनाओं में शामिल लोगों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। अब दोबारा ऐसी घटना होने से उन्हें अपनी और परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है। पुलिस अधीक्षक ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच कराने का भरोसा दिया है।

17 अक्टूबर की रात आए थे दो फोन कॉल

पूर्व उपमुख्यमंत्री केएस ईश्वरप्पा ने अपनी शिकायत में बताया कि 17 अक्टूबर की रात उन्हें दो अलग-अलग फोन कॉल आए थे। पहला फोन रात करीब 8 बजकर 49 मिनट पर आया।

शिकायत में कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम रिजवान बेग बताया गया है। ईश्वरप्पा के मुताबिक, कॉल करने वाले ने पहले उनकी पहचान पूछी और इसके बाद अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया।

उसी रात करीब 10 बजकर 49 मिनट पर एक दूसरा कॉल आया। शिकायत में दूसरे कॉल करने वाले की पहचान फरान रशीद के नाम से बताई गई है।

ईश्वरप्पा का आरोप है कि दूसरे व्यक्ति ने भी उनसे अभद्र तरीके से बातचीत की और धमकी दी। दोनों फोन कॉल अलग-अलग नंबरों से किए गए थे।

हालांकि, कॉल करने वाले व्यक्तियों की वास्तविक पहचान और धमकी देने के आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

परिवार के साथ फिल्म देख रहे थे ईश्वरप्पा

पुलिस अधीक्षक को शिकायत देने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ईश्वरप्पा ने घटना का विस्तार से जिक्र किया।

उन्होंने बताया कि 17 अक्टूबर की रात वह अपने परिवार के साथ सिनेमाघर में फिल्म देख रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर पहला फोन आया।

फोन करने वाले व्यक्ति ने पूछा कि क्या वह पूर्व उपमुख्यमंत्री केएस ईश्वरप्पा से बात कर रहा है। ईश्वरप्पा ने अपनी पहचान की पुष्टि की।

इसके बाद कॉल करने वाला व्यक्ति कथित तौर पर अभद्र भाषा में बात करने लगा। ईश्वरप्पा ने बताया कि सिनेमाघर में होने के कारण उन्हें बातचीत ठीक से सुनाई नहीं दे रही थी।

उन्होंने कॉल करने वाले से कहा कि वह बाद में फोन करे, लेकिन व्यक्ति कथित तौर पर लगातार अपशब्द बोलता रहा और फिर फोन काट दिया।

दूसरे कॉल में राजनीतिक बयान का हुआ जिक्र

ईश्वरप्पा ने बताया कि पहले फोन के लगभग दो घंटे बाद उन्हें दूसरा कॉल आया।

दूसरे कॉल करने वाले व्यक्ति ने भी उनकी पहचान पूछी। इसके बाद उसने कर्नाटक के मंत्री जमीर अहमद खान के बारे में ईश्वरप्पा की टिप्पणियों का उल्लेख किया।

ईश्वरप्पा के अनुसार, फोन करने वाले ने कहा कि वह उनके द्वारा दिए गए बयानों के संबंध में दस्तावेज उपलब्ध कराएगा।

इस पर ईश्वरप्पा ने दस्तावेज देने के लिए कहा, लेकिन इसके बाद फोन काट दिया गया।

ईश्वरप्पा ने दोनों कॉल को धमकीपूर्ण बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कॉल करने वालों के व्यवहार से उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता हुई है।

पुलिस अधीक्षक निखिल से की मुलाकात

सोमवार को ईश्वरप्पा राष्ट्रभक्त बलगा संगठन के सदस्यों के साथ शिवमोग्गा जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे।

उन्होंने पुलिस अधीक्षक निखिल को लिखित शिकायत देकर पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत में दोनों कॉल का समय और संबंधित मोबाइल नंबरों का विवरण भी दिया गया है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने पुलिस से अनुरोध किया कि कॉल करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

इसके अलावा उन्होंने अपनी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।

पुलिस अधीक्षक निखिल ने शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच करने की बात कही है।

पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां

ईश्वरप्पा ने दावा किया कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें फोन पर धमकी दी गई है। इससे पहले भी उन्हें इसी तरह के फोन कॉल प्राप्त हुए थे।

उन्होंने कहा कि पिछली घटनाओं में भी पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।

अप्रैल 2019 में भी ईश्वरप्पा को धमकी भरा फोन आने की घटना सामने आई थी। उस समय उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर सुरक्षा उपलब्ध कराने और कॉल करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी।

बार-बार धमकी भरे फोन आने के अपने दावे के आधार पर उन्होंने पुलिस से इस बार मामले की गंभीरता से जांच करने का अनुरोध किया है।

फोन कॉल की जांच से होगा खुलासा

ईश्वरप्पा की शिकायत के बाद पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि फोन करने वाले व्यक्ति कौन थे और उन्होंने किस उद्देश्य से संपर्क किया था।

मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड, संबंधित मोबाइल नंबरों की जानकारी और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्य महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

पुलिस जांच के माध्यम से यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में दर्ज नाम और फोन नंबर किन व्यक्तियों से जुड़े हैं।

इसके साथ ही धमकी देने के आरोपों की वास्तविकता और कॉल करने के पीछे के कारणों का भी पता लगाया जा सकेगा।

फिलहाल इस प्रकरण में किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठी मांग

कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे केएस ईश्वरप्पा राज्य के उपमुख्यमंत्री सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।

ऐसे में उन्हें धमकी भरे फोन आने की शिकायत के बाद उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा का मुद्दा सामने आया है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि धमकी देने वाले लोगों की जल्द पहचान की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका को दूर किया जा सके।

उनकी शिकायत के बाद अब पुलिस की जांच और सुरक्षा संबंधी निर्णय पर नजर बनी हुई है।

फिलहाल पुलिस अधीक्षक निखिल ने जांच कराने का भरोसा दिया है। आरोपियों की पहचान, संभावित कानूनी कार्रवाई और अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने के संबंध में आधिकारिक निर्णय आना बाकी है।

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