
मांड्या। कर्नाटक के मांड्या जिले के के.आर. पेटा में आयोजित सरकारी समीक्षा बैठक के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब JDS विधायक एच.टी. मंजू ने चामुंडेश्वरी इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कॉरपोरेशन (CESC) के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
विधायक मंजू स्थानीय किसानों की बिजली से जुड़ी समस्याओं के समाधान में कथित लापरवाही से नाराज थे। उन्होंने बैठक में मौजूद अधिकारियों से जवाब मांगा और समस्याओं का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।
किसानों की शिकायतों को लेकर नाराज हुए विधायक
जानकारी के अनुसार, के.आर. पेटा में सरकारी विभागों के कामकाज की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
इसी दौरान बिजली आपूर्ति और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा शुरू हुई। विधायक एचटी मंजू ने CESC अधिकारियों से क्षेत्र के किसानों की समस्याओं को लेकर सवाल किए।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को बिजली आपूर्ति से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन संबंधित अधिकारी समय पर समाधान नहीं कर रहे हैं।
असिस्टेंट इंजीनियर से किया सवाल-जवाब
बैठक में चर्चा के दौरान जब मामला बढ़ा तो विधायक मंजू ने सीधे CESC के असिस्टेंट इंजीनियर से जवाब मांगा।
उन्होंने पूछा कि किसानों की समस्याओं के समाधान में देरी क्यों हो रही है और अधिकारियों की ओर से क्या कदम उठाए गए हैं।
विधायक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
बिजली समस्याओं को लेकर किसानों में नाराजगी
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है। सिंचाई, मोटर पंप और कृषि कार्यों के लिए लगातार बिजली की जरूरत होती है।
किसानों का कहना है कि बिजली आपूर्ति में बाधा आने से उनकी फसलों पर असर पड़ता है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इसी को देखते हुए विधायक ने अधिकारियों से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेने को कहा।
अधिकारियों को दिए समाधान के निर्देश
विधायक एचटी मंजू ने अधिकारियों से कहा कि केवल बैठक तक सीमित रहने के बजाय जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र का दौरा कर वास्तविक स्थिति समझने और किसानों की शिकायतों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में उठे कई मुद्दे
सरकारी समीक्षा बैठकों का उद्देश्य विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा करना और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना होता है।
के.आर. पेटा की बैठक में भी स्थानीय समस्याओं और विकास कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई। हालांकि, बिजली विभाग से जुड़े मुद्दे पर विधायक की नाराजगी बैठक का मुख्य विषय बन गई।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तालमेल पर जोर
विधायक ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर भी जोर दिया।
उनका कहना था कि सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ तभी लोगों तक पहुंचेगा, जब विभागीय अधिकारी सक्रिय रूप से काम करेंगे।
किसानों के हितों को लेकर सख्ती
कर्नाटक के ग्रामीण इलाकों में बिजली और सिंचाई से जुड़े मुद्दे अक्सर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चाओं का हिस्सा रहते हैं।
जनप्रतिनिधि लगातार अधिकारियों से किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग करते रहे हैं। ऐसे में समीक्षा बैठक के दौरान विधायक मंजू की नाराजगी को किसानों के मुद्दों से जोड़कर देखा जा रहा है।





