
बेंगलुरु। आम लोगों को बैंकिंग सुविधाओं, बीमा और पेंशन योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से कर्नाटक के बेंगलुरु शहरी जिले में विशेष वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 28 अक्टूबर से शुरू होकर 31 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगा। इसके तहत जिले की 85 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक सरकारी वित्तीय योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए बैंक, ग्राम पंचायतें और संबंधित सरकारी संस्थान मिलकर काम कर रहे हैं।
इस अभियान का समन्वय लीड बैंक कार्यालय, बेंगलुरु शहरी जिले की ओर से किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न बैंकों और ग्राम पंचायतों के साथ मिलकर विशेष जागरूकता गतिविधियां और सहायता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से पात्र नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ उनका पंजीकरण कराने और बैंकिंग से जुड़ी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में मदद की जाएगी।
चार प्रमुख सरकारी योजनाओं पर विशेष जोर
अभियान के तहत मुख्य रूप से केंद्र सरकार की चार प्रमुख वित्तीय योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। इनमें प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) शामिल हैं।
प्रधानमंत्री जन धन योजना का उद्देश्य उन लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना है, जिनके पास पहले से बैंक खाता नहीं है। इसके माध्यम से पात्र नागरिकों को बैंक खाता खोलने की सुविधा मिलती है। बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने के बाद लोगों के लिए सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे खाते में प्राप्त करना और औपचारिक वित्तीय सेवाओं का इस्तेमाल करना आसान हो सकता है।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत पात्र खाताधारकों को जीवन बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना दुर्घटना बीमा से संबंधित है। इन दोनों योजनाओं का उद्देश्य लोगों को अप्रत्याशित परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
अटल पेंशन योजना के माध्यम से पात्र नागरिकों को बुढ़ापे में नियमित आय की व्यवस्था के लिए पेंशन से जुड़ने का अवसर मिलता है। इन चारों योजनाओं के बारे में ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाना और पात्र लाभार्थियों का नामांकन कराना इस अभियान की प्रमुख प्राथमिकता है।
बैंक खातों की KYC और आधार लिंकिंग भी होगी
इस अभियान में केवल नए खाते खोलने और बीमा योजनाओं में नामांकन तक ही काम सीमित नहीं रहेगा। पहले से बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े लोगों के खातों को भी अपडेट किया जाएगा।
इसके लिए आधार सीडिंग, ई-केवाईसी (e-KYC) और री-केवाईसी (Re-KYC) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिन खाताधारकों के बैंक खातों में आवश्यक दस्तावेज अधूरे हैं या जिनकी जानकारी अपडेट नहीं है, उन्हें संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने में सहायता मिलेगी।
इसके अलावा जिन ग्राहकों का सेंट्रल केवाईसी (C-KYC) नंबर अभी तक जारी नहीं हुआ है, उनके लिए भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बचत खातों और बैंक लॉकर से संबंधित लंबित नॉमिनी विवरण को अपडेट करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव की भी मिलेगी जानकारी
आजकल ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई और डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही साइबर ठगी और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामले भी लोगों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए अभियान के दौरान वित्तीय साक्षरता और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं के सुरक्षित इस्तेमाल, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और सरकारी वित्तीय योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्गों, महिलाओं और पहली बार बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों को जागरूक करने पर जोर रहेगा। उन्हें संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल, OTP मांगने वाले लोगों और ऑनलाइन भुगतान से जुड़े संभावित जोखिमों के बारे में समझाया जाएगा।
इसके अलावा 'आपकी पूंजी, आपका अधिकार' अभियान के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इसके तहत लोगों को बैंक खातों, बीमा और अन्य वित्तीय संस्थानों में पड़ी लावारिस या दावा नहीं की गई रकम के बारे में जागरूक किया जाएगा।
किसानों को भी मिलेगा आर्थिक योजनाओं का लाभ
वित्तीय समावेशन अभियान में कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी शामिल किया गया है। इसके तहत पात्र प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि लाभार्थियों के किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) आवेदन प्राप्त करने पर जोर दिया जाएगा।
किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से पात्र किसानों को खेती और उससे संबंधित जरूरतों के लिए बैंकिंग ऋण सुविधा मिल सकती है। इसके अलावा आगामी रबी सीजन को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति जागरूकता और नामांकन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
इससे किसानों को वित्तीय सहायता और फसल संबंधी जोखिमों से सुरक्षा के लिए उपलब्ध सरकारी सुविधाओं की जानकारी मिल सकेगी।
31 दिसंबर तक चलेगा अभियान
बेंगलुरु शहरी जिले की 85 ग्राम पंचायतों में यह अभियान 31 दिसंबर 2026 तक संचालित होगा। जिले के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर विटाला गौड़ा बी ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी बैंक शाखाओं या निर्धारित सहायता शिविरों में पहुंचकर उपलब्ध योजनाओं की जानकारी लें।
उन्होंने पात्र लोगों से जरूरी दस्तावेज साथ लाने और नामांकन से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने का आग्रह किया है। अभियान का उद्देश्य यह है कि पात्र परिवारों तक बैंकिंग, बीमा, पेंशन और कृषि ऋण जैसी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
देशभर में भी चल रहा वित्तीय समावेशन अभियान
बेंगलुरु शहरी जिले की इस पहल के साथ केंद्र सरकार के वित्तीय सेवा विभाग ने देशव्यापी वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान भी शुरू किया है। यह राष्ट्रीय अभियान 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक देश की लगभग 2.70 लाख ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में संचालित किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं से वंचित पात्र नागरिकों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ना और सरकारी बीमा, पेंशन तथा बैंकिंग योजनाओं का दायरा बढ़ाना है।
कुल मिलाकर बेंगलुरु शहरी जिले की 85 ग्राम पंचायतों में शुरू किया गया यह अभियान ग्रामीण परिवारों को वित्तीय सुरक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अब 31 दिसंबर तक आयोजित होने वाले शिविरों के माध्यम से पात्र नागरिकों को बैंक खाते, बीमा, पेंशन, KYC और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाओं का लाभ लेने का अवसर मिलेगा।





