
बेंगलुरु। कर्नाटक में भीषण सूखे से परेशान किसानों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत की घोषणा की है। उपमुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने बताया कि राज्य सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों की सहायता के लिए 1,250 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। इसके तहत पात्र किसानों को 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि अगले दो से तीन दिनों के भीतर सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा करने की तैयारी है। राज्य में अब तक 217 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है, जबकि शेष 23 तालुकों में सूखे की स्थिति का आकलन जारी है। सरकार के अनुसार, आने वाले दिनों में 10 से 15 अन्य तालुकों को भी सूखाग्रस्त क्षेत्रों की सूची में शामिल किया जा सकता है।
सूखे से प्रभावित मक्के के खेतों का किया निरीक्षण
उपमुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने बुधवार, 7 अक्टूबर को विजयनगर जिले के होसपेट तालुक स्थित पोथालाकट्टे गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सूखे से प्रभावित मक्के के खेतों का निरीक्षण किया और किसानों से बातचीत की।
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने फसलों को हुए नुकसान और किसानों की समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से सूखे की स्थिति और राहत कार्यों के संबंध में रिपोर्ट प्राप्त की।
परमेश्वर ने कहा कि राज्य सरकार सूखे से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि किसानों की तत्काल जरूरतों को देखते हुए पहली किस्त के रूप में 1,250 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
सरकार का प्रयास है कि निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र किसानों तक सहायता राशि जल्द पहुंचे।
किसानों को मिलेंगे 2500 रुपये
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सूखे से प्रभावित पात्र किसानों को पहली किस्त के तहत 2,500 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
यह रकम सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। किसानों को सहायता प्राप्त करने के लिए निर्धारित पात्रता और सरकारी नियमों का पालन करना होगा।
सरकार ने संबंधित अधिकारियों को भुगतान की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
परमेश्वर ने कहा कि राहत राशि अगले दो से तीन दिनों में किसानों के खातों में पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, सभी लाभार्थियों के खातों में राशि जमा होने की अंतिम पुष्टि भुगतान प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
217 तालुके सूखाग्रस्त घोषित
कर्नाटक में सूखे का असर लगातार बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने अब तक 217 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया है।
उपमुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में कुल 240 तालुके हैं। इनमें से शेष 23 तालुकों में भी वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर 10 से 15 अन्य तालुकों को जल्द सूखाग्रस्त घोषित किया जा सकता है।
राज्य सरकार सूखे से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान, पेयजल संकट और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता का आकलन कर रही है।
परमेश्वर ने कहा कि किसानों को राहत उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
50 से 60 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान
कर्नाटक में सूखे से कृषि और संपत्ति को व्यापक नुकसान होने का अनुमान है।
डॉ. जी. परमेश्वर के अनुसार, प्रारंभिक आकलन में राज्य में सूखे से 50 हजार करोड़ से 60 हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान होने की संभावना जताई गई है।
इससे पहले 177 तालुकों में हुए नुकसान का आकलन करीब 46 हजार करोड़ रुपये किया गया था। बाद में अन्य क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने से कुल अनुमानित नुकसान बढ़ने की संभावना सामने आई।
राज्य सरकार ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए हैं।
अंतिम रिपोर्ट के आधार पर राहत और पुनर्वास से जुड़े आगामी फैसले किए जाएंगे।
केंद्र सरकार से मांगी आर्थिक सहायता
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने सूखे से हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार से भी आर्थिक सहायता मांगी है।
राज्य ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष यानी एनडीआरएफ के निर्धारित नियमों के अंतर्गत करीब 10 हजार करोड़ से 11 हजार करोड़ रुपये की सहायता का अनुरोध किया है।
केंद्र सरकार की टीमें राज्य के कई सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुकी हैं। इन टीमों ने फसलों को हुए नुकसान और अन्य परिस्थितियों का निरीक्षण किया है।
परमेश्वर के अनुसार, केंद्रीय टीमों की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसानों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार अपने स्तर पर भी धनराशि उपलब्ध करा रही है।
पेयजल व्यवस्था पर खर्च किए 306 करोड़ रुपये
सूखे के कारण कई क्षेत्रों में पेयजल की समस्या भी सामने आई है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 306 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त आपातकालीन राहत कार्यों के लिए जिलाधिकारियों के व्यक्तिगत जमा खातों में 329 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
इस राशि का इस्तेमाल स्थानीय जरूरतों के अनुसार सूखे से संबंधित आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए किया जा सकेगा।
जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं करने के अधिकार दिए गए हैं।
पशुओं के चारे के लिए 25 करोड़ जारी
किसानों के साथ पशुपालकों की समस्याओं को देखते हुए सरकार ने चारा प्रबंधन के लिए भी अलग से धनराशि जारी की है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने हेतु 25 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं।
जिलाधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर गौशालाएं और चारा बैंक खोलने के अधिकार दिए गए हैं।
इसका उद्देश्य सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में चारे की कमी है, वहां स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तत्काल व्यवस्था की जाए।
सरकार ने किसानों को सहायता का भरोसा दिया
कर्नाटक में कम बारिश और सूखे के कारण बड़े पैमाने पर कृषि गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। कई क्षेत्रों में फसलों के नुकसान से किसानों के सामने आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं।
राज्य सरकार ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए पहली किस्त जारी की है। इसके साथ ही अतिरिक्त राहत के लिए केंद्र सरकार से आर्थिक सहयोग मांगा गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी रहेंगे।
अगले दो से तीन दिनों में भुगतान की तैयारी
फिलहाल किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण घोषणा 1,250 करोड़ रुपये की पहली राहत किस्त जारी किए जाने की है।
सरकार के अनुसार, पात्र किसानों को 2,500 रुपये सीधे बैंक खातों में दिए जाएंगे। इसके लिए अगले दो से तीन दिनों की समयसीमा बताई गई है।
वहीं शेष 23 तालुकों में सूखे का आकलन जारी है और 10 से 15 अन्य तालुकों को प्रभावित क्षेत्रों की सूची में शामिल किए जाने की संभावना है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि राहत राशि का वितरण निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा। अब किसानों की नजर बैंक खातों में सहायता राशि पहुंचने और सरकार की आगामी राहत घोषणाओं पर बनी हुई है।





