
Karnataka कर्नाटक : वन गश्ती कर्मियों को 2 अक्टूबर की देर रात मलाई महादेश्वर हिल्स (एमएम हिल्स) वन्यजीव अभयारण्य में एक मृत बाघ का आधा शरीर मिला।
हनूर क्षेत्र में मिले शव में केवल सिर, कंधे और अगला हिस्सा ही था, जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि यह अवैध शिकार का मामला था।
इस खबर ने न केवल वन विभाग के अधिकारियों को बल्कि वन्यजीव प्रेमियों को भी स्तब्ध कर दिया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने इस घटना का संज्ञान लिया है। यह घटना उसी वन्यजीव अभयारण्य में एक बाघिन और उसके चार शावकों को जहर देकर मारे जाने की खबर के दो महीने बाद हुई है। बाघिन और शावकों को 3 जुलाई, 2025 को जहर देकर मार दिया गया था। इस घटना पर टिप्पणी करते हुए, कर्नाटक के वन, पर्यावरण और पारिस्थितिकी मंत्री ईश्वर बी खंड्रे ने कहा कि यह घटना राज्य में 71वें वन्यजीव सप्ताह समारोह के पहले दिन और दशहरा उत्सव के दौरान हुई। उन्होंने कहा, "यह शिकार का मामला प्रतीत होता है और सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। यह घटना इस बात की पुष्टि करती है कि एमएम हिल्स वन्यजीव अभयारण्य में वन्यजीवों का शिकार हो रहा है।"
मंत्री ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्मिता बिजूर को घटनास्थल का दौरा करने और मामले की जाँच करने का आदेश दिया है। उन्होंने वन अधिकारियों को आठ दिनों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने और अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। खंड्रे ने पिछले तीन वर्षों में शिकार की घटनाओं और की गई कार्रवाई पर भी रिपोर्ट माँगी है। उन्होंने अधिकारियों को शिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
एक वरिष्ठ जाँच अधिकारी ने बताया कि कर्मचारियों को बाघ के शव के पास एक जोड़ी चप्पलें भी मिलीं। वन्यजीव अपराधों में विशेष रूप से प्रशिक्षित खोजी कुत्तों को 3 अक्टूबर को बांदीपुर टाइगर रिजर्व से तलाशी के लिए घटनास्थल पर लाया गया था। कुत्तों ने टीम को एक आरोपी के घर तक पहुँचाया। अधिकारी ने कहा कि बाघ के लिंग के बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अंतिम प्रयोगशाला विश्लेषण से ही इसका पता चल पाएगा।
वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बाघ की मौत के कई कारण हो सकते हैं और हर पहलू की बारीकी से जाँच की जा रही है।





