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मध्य प्रदेश
धीरेंद्र शास्त्री ने करवा चौथ को बताया 'खसम पूजन दिवस', बोले- एक दिन व्रत, बाकी 364 दिन पतियों को ताने! सुनें Video
Shubhra Nandy
29 Oct 2026 9:30 AM IST

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सात दिवसीय श्रीराम कथा
शिवपुरी : करवा चौथ के मौके पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक मजेदार बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने करवा चौथ को नया नाम देते हुए 'खसम पूजन दिवस' कह दिया। इतना ही नहीं, पति-पत्नी के रिश्ते पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि पत्नियां एक दिन पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं, लेकिन बाकी 364 दिन उन्हें ताने मारती हैं। उनका यह बयान सुनकर कथा में मौजूद लोगों के बीच हंसी का माहौल बन गया। हालांकि, इस मजाक के साथ उन्होंने वैवाहिक जीवन में पूरे साल प्यार और सम्मान बनाए रखने का संदेश भी दिया। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में 24 से 30 अक्टूबर 2026 तक आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने यह टिप्पणी की। 26 अक्टूबर को आयोजित 'सीधी बात' कार्यक्रम में एक श्रद्धालु ने उनसे करवा चौथ के व्रत को लेकर सवाल पूछा था। इसी सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में पति-पत्नी के रिश्ते पर बात की।
बाबा बागेश्वर ने क्यों कहा 'खसम पूजन दिवस'?
कथा के दौरान एक नवविवाहित श्रद्धालु ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से पूछा कि उसकी हाल ही में शादी हुई है। ऐसे में क्या उसकी पत्नी इस बार करवा चौथ का व्रत रख सकती है? श्रद्धालु का सवाल सुनकर धीरेंद्र शास्त्री ने हास्यपूर्ण अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने तो करवा चौथ का नया नाम ही 'खसम पूजन दिवस' रख दिया है। यह सुनते ही कथा में मौजूद लोगों के बीच हंसी की लहर दौड़ गई। शास्त्री ने इस टिप्पणी के जरिए पति-पत्नी के बीच होने वाली रोजमर्रा की नोकझोंक को हास्य के रूप में प्रस्तुत किया। धीरेंद्र शास्त्री ने करवा चौथ के व्रत और शादीशुदा जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाएं एक दिन अपने पति की लंबी उम्र के लिए पूरे विधि-विधान और श्रद्धा से व्रत रखती हैं। इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि बाकी 364 दिनों में पतियों को ताने भी सुनने पड़ते हैं। शास्त्री ने पति-पत्नी की नोकझोंक का उदाहरण देते हुए शादी के मुहूर्त और जीवनसाथी के चुनाव को लेकर होने वाली शिकायतों का जिक्र किया। उनकी इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो में उनका अंदाज हास्यपूर्ण है और वे वैवाहिक रिश्तों में होने वाले सामान्य मतभेदों को उदाहरण बनाकर अपनी बात समझाते दिखाई देते हैं।
प्यार और सम्मान सिर्फ एक दिन के लिए नहीं
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी टिप्पणी के साथ एक गंभीर संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि करवा चौथ पर जिस श्रद्धा, साधना और समर्पण के साथ पति की लंबी उम्र की प्रार्थना की जाती है, वैसी ही भावना पूरे साल बनी रहनी चाहिए। उन्होंने पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम, देखभाल, समर्पण और आपसी सम्मान को महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि त्योहारों का वास्तविक महत्व तभी सामने आता है, जब उनसे जुड़ी अच्छी भावनाओं को रोजमर्रा के जीवन में भी अपनाया जाए। इस तरह उन्होंने व्रत की धार्मिक परंपरा के साथ वैवाहिक रिश्तों में बेहतर व्यवहार और आपसी समझदारी पर जोर दिया।
शिवपुरी के करैरा में चल रही सात दिवसीय श्रीराम कथा
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा नगर में 24 अक्टूबर से सात दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक कार्यक्रम 30 अक्टूबर तक निर्धारित है। इस दौरान आयोजित 'सीधी बात' सत्र में श्रद्धालुओं को धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछने का अवसर दिया जाता है। इसी सत्र के दौरान एक नवविवाहित श्रद्धालु ने करवा चौथ से संबंधित प्रश्न पूछा था। धीरेंद्र शास्त्री के जवाब का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें उन्होंने करवा चौथ की परंपरा और पति-पत्नी के रिश्ते को जोड़ते हुए हास्यपूर्ण टिप्पणी की।
करवा चौथ का क्या है धार्मिक महत्व?
करवा चौथ हिंदू परंपरा में मनाया जाने वाला एक प्रमुख व्रत है। इस दिन कई विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। परंपरा के अनुसार, महिलाएं सुबह से व्रत रखती हैं और शाम को पूजा-अर्चना करती हैं। चंद्रमा के दर्शन और निर्धारित पूजा विधि के बाद व्रत खोलने की परंपरा है। देश के विभिन्न हिस्सों में करवा चौथ की पूजा की विधियां और स्थानीय रीति-रिवाज अलग-अलग हो सकते हैं। समय के साथ इस त्योहार में पति-पत्नी के आपसी प्रेम और साथ निभाने की भावना को भी महत्व दिया जाने लगा है।
सोशल मीडिया पर चर्चा में आया बयान
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने धार्मिक प्रवचनों और चुटीले अंदाज के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। करवा चौथ को 'खसम पूजन दिवस' कहने वाली उनकी टिप्पणी भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है। उनके बयान का हास्यपूर्ण हिस्सा विशेष रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जबकि पूरे वक्तव्य में उन्होंने पति-पत्नी के बीच प्रेम और सम्मान बनाए रखने की बात कही। धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी कहा कि भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना आवश्यक है। बहरहाल, करवा चौथ पर दिया गया धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का यह बयान चर्चा में है। एक ओर उन्होंने पति-पत्नी की नोकझोंक पर मजाक किया, वहीं दूसरी ओर पूरे साल रिश्ते में प्रेम, सम्मान और समर्पण बनाए रखने का संदेश दिया।
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