मध्य प्रदेश

प्रतिमा विसर्जन के दौरान बांध में डूबे पांच युवक, दो की मौत और तीन घायल

nidhi
22 Oct 2026 6:41 AM IST
प्रतिमा विसर्जन के दौरान बांध में डूबे पांच युवक, दो की मौत और तीन घायल
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बांध में डूबने से दो युवकों की मौत
पन्ना: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। देवेंद्रनगर थाना क्षेत्र के देवेंद्रनगर-बड़ागांव बांध में बुधवार, 21 अक्टूबर को विसर्जन के लिए पानी में उतरे पांच युवक डूबने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाव का प्रयास करते हुए तीन युवकों को बाहर निकाल लिया, लेकिन दो की जान नहीं बचाई जा सकी। बचाए गए तीनों युवकों को प्राथमिक उपचार के बाद पन्ना जिला अस्पताल रेफर किया गया। घटना के बाद देवेंद्रनगर क्षेत्र में शोक का माहौल है।
बांध पर दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा था। श्रद्धालु मां दुर्गा को विदाई देने पहुंचे थे। इसी दौरान प्रतिमा विसर्जन में शामिल युवक पानी में आगे बढ़े और गहराई में जाने से मुश्किल में पड़ गए। कुछ ही देर में पांच युवक डूबने लगे। उन्हें संकट में देखकर आसपास मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश शुरू की। स्थानीय लोगों की मदद से तीन युवकों को निकाल लिया गया, जबकि दो अन्य को बचाने के प्रयास सफल नहीं हो सके।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान 18 वर्षीय आयुष अग्रवाल और 25 वर्षीय कृष्णा सोनी के रूप में हुई है। दोनों देवेंद्रनगर के रहने वाले थे। प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंचे इन युवकों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में शोक छा गया। वहीं, पानी से बचाए गए युवकों में साहिल तिवारी, हरिओम द्विवेदी और करण सोनी शामिल हैं। घटना ने मृतकों के परिजनों के साथ नगर के लोगों को भी दुखी कर दिया है। प्रारंभिक विवरण के मुताबिक, युवक प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए बांध के पानी में उतरे थे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने और गहरे हिस्से में पहुंचने से स्थिति बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकालने के लिए पानी में उतरकर प्रयास किया। प्रतिमा विसर्जन के बीच अचानक हुए इस हादसे से वहां अफरा-तफरी मच गई। जिन युवकों को बाहर निकाला गया, उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रत्यक्षदर्शी रामकिशोर रैकवार के अनुसार, युवकों के डूबने की जानकारी मिलने पर उन्होंने पानी में उतरकर बचाव किया। दो अन्य मछुआरों ने भी उनकी मदद की। उनके मुताबिक, दो युवकों को प्रतिमा के नीचे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रतिमा के नीचे दबने की बात प्रत्यक्षदर्शी के बयान में सामने आई है। हादसे की परिस्थितियों को समझने के लिए यह विवरण महत्वपूर्ण है, हालांकि इसे अंतिम जांच निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू और तहसीलदार सुमित तिवारी सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल की स्थिति और बचाव से जुड़ी जानकारी ली। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, प्रतिमा विसर्जन के दौरान युवकों के पैर फिसलने अथवा अनजाने में गहरे पानी में चले जाने से हादसा हुआ। प्रारंभिक जानकारी में पानी की गहराई में पहुंचना घटना की प्रमुख परिस्थिति के रूप में सामने आया है।
तहसीलदार सुमित तिवारी ने बताया कि विसर्जन स्थल पर पुलिस, राजस्व विभाग और नगर परिषद के कर्मचारी तैनात थे। पांच युवकों के डूबने की सूचना मिलने के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। वहां दो युवकों को मृत घोषित किया गया, जबकि अन्य तीन को आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। बचाए गए युवकों की स्थिति को लेकर उपलब्ध शुरुआती विवरण में रेफर किए जाने की जानकारी दी गई है। उनकी वर्तमान हालत के बारे में स्पष्ट चिकित्सकीय विवरण सामने नहीं आया है।
हादसे के बाद विसर्जन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। प्रत्यक्षदर्शी ने मौके पर प्रशासन की ओर से गोताखोरों की व्यवस्था नहीं होने की बात कही है। दूसरी ओर, प्रशासन ने पुलिस, राजस्व और नगर परिषद के अमले की तैनाती बताई है। कर्मचारियों की मौजूदगी और प्रशिक्षित जल बचाव दल की उपलब्धता अलग विषय हैं। इसलिए इन बयानों के आधार पर किसी की जिम्मेदारी तय करना जल्दबाजी होगी। गोताखोरों की तैनाती से जुड़े सवाल पर अंतिम प्रशासनिक निष्कर्ष की जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह घटना सामूहिक विसर्जन के दौरान जल सुरक्षा की जरूरत को सामने लाती है। ऐसे आयोजनों में श्रद्धालुओं की भीड़ के साथ पानी की गहराई, फिसलन और प्रतिमा का भार भी ध्यान देने योग्य पहलू होते हैं। सुरक्षित सीमा की स्पष्ट पहचान, पानी में प्रवेश का नियंत्रण और तत्काल बचाव की तैयारी आयोजन की महत्वपूर्ण जरूरतें हैं। पन्ना की घटना में इन व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन संबंधित तथ्यों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
फिलहाल हादसे की सबसे दुखद तस्वीर दो युवकों की मौत और तीन अन्य के बचाए जाने की है। आयुष और कृष्णा के परिवारों के लिए प्रतिमा विसर्जन का दिन गहरे दुख का कारण बन गया। नगर में शोक के बीच लोगों का ध्यान घायल युवकों के स्वास्थ्य पर भी है। घटना से जुड़े प्रारंभिक बयानों में गहरे पानी में जाने और बचाव के प्रयासों का उल्लेख है; सुरक्षा संबंधी सवालों पर स्पष्टता के लिए आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
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