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हरदीप पुरी से ज्यादा अमीर हैं पत्नी लक्ष्मी पुरी, संपत्ति का खुलासा

भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की संपत्ति से जुड़ी जानकारी चर्चा में है। नामांकन पत्र के साथ दाखिल चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी पत्नी लक्ष्मी पुरी वार्षिक आय, चल संपत्ति और बैंक जमा के मामले में उनसे अधिक संपन्न हैं। चुनावी हलफनामे में उम्मीदवार और उनके जीवनसाथी की संपत्ति, आय तथा वित्तीय देनदारियों से संबंधित विवरण सार्वजनिक किए जाते हैं, ताकि मतदाताओं को उनकी आर्थिक स्थिति की जानकारी मिल सके।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, 74 वर्षीय हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को भोपाल में राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। यह उपचुनाव 12 नवंबर को प्रस्तावित बताया गया है। नामांकन के साथ जमा किए गए हलफनामे में उन्होंने अपनी और पत्नी लक्ष्मी पुरी की संपत्ति तथा आय का विवरण दिया है।
हलफनामे के अनुसार, हरदीप सिंह पुरी के पास लगभग 6.54 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है। इसके अतिरिक्त उनकी अचल संपत्ति का मूल्य करीब 20 करोड़ रुपये बताया गया है। अचल संपत्तियों में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के वेस्ट एंड इलाके में स्थित एक आवासीय संपत्ति भी शामिल है।
चुनावी हलफनामे में दर्ज जानकारी के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों के दौरान हरदीप सिंह पुरी की घोषित वार्षिक आय में बढ़ोतरी हुई है। पहले उनकी वार्षिक आय 63.36 लाख रुपये थी, जो बढ़कर 75.57 लाख रुपये हो गई। इस प्रकार उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर उनकी वार्षिक आय में लगभग 12.21 लाख रुपये की वृद्धि दर्ज हुई है।
नामांकन के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। पुरी ने विधानसभा परिसर पहुंचकर नामांकन प्रक्रिया पूरी की। उनका वर्तमान राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला बताया गया है।
हलफनामे में सबसे अधिक ध्यान लक्ष्मी पुरी की चल संपत्ति और आय के आंकड़ों ने खींचा है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, लक्ष्मी पुरी के पास 10.66 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है, जबकि हरदीप सिंह पुरी के पास 6.54 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है। इस प्रकार चल संपत्ति के मामले में लक्ष्मी पुरी अपने पति से लगभग 4.12 करोड़ रुपये आगे हैं।
इसके अलावा लक्ष्मी पुरी के नाम 2,90,658 अमेरिकी डॉलर की राशि भी घोषित की गई है। यह रकम यूनाइटेड नेशंस फेडरल क्रेडिट यूनियन के खाते में बताई गई है। विदेशी मुद्रा में घोषित इस राशि को भारतीय रुपये में जोड़ने के लिए संबंधित विनिमय दर को ध्यान में रखना होगा।
अचल संपत्ति के मामले में स्थिति अलग है। हरदीप सिंह पुरी के पास करीब 20 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति घोषित की गई है, जबकि लक्ष्मी पुरी के नाम लगभग नौ करोड़ रुपये की अचल संपत्ति के अतिरिक्त स्विट्जरलैंड में संपत्ति का विवरण दर्ज है। उनके नाम ग्रेटर नोएडा में एक मकान और स्विट्जरलैंड के तन्नाय में एक अपार्टमेंट होने की जानकारी सामने आई है। विदेशी अपार्टमेंट का मूल्य करीब 30 लाख स्विस फ्रैंक बताया गया है।
इस प्रकार केवल भारतीय रुपये में दर्ज अचल संपत्ति की तुलना करने पर हरदीप सिंह पुरी का आंकड़ा अधिक है। हालांकि, लक्ष्मी पुरी की विदेशी संपत्ति को शामिल किए बिना दोनों की कुल संपत्ति की सीधी तुलना करना अधूरा होगा।
आय के मामले में भी लक्ष्मी पुरी के आंकड़े उल्लेखनीय हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में उनकी घोषित वार्षिक आय लगभग 1.69 करोड़ रुपये रही, जबकि हरदीप सिंह पुरी की आय 75.57 लाख रुपये दर्ज की गई। इस प्रकार लक्ष्मी पुरी की वार्षिक आय उनके पति की तुलना में दोगुने से अधिक रही।
पिछले पांच वित्त वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो लक्ष्मी पुरी की आय में काफी वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में उनकी घोषित आय करीब 15.39 लाख रुपये थी। अगले वित्तीय वर्ष 2022-23 में यह बढ़कर लगभग 1.02 करोड़ रुपये हो गई।
इसके बाद वित्तीय वर्ष 2023-24 में उनकी आय लगभग 1.07 करोड़ रुपये दर्ज की गई। वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर करीब 1.61 करोड़ रुपये पहुंच गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में उनकी आय लगभग 1.69 करोड़ रुपये हो गई। इस तरह पांच वित्त वर्षों के बीच उनकी घोषित वार्षिक आय लगभग 11 गुना हो गई है।
दूसरी ओर, हरदीप सिंह पुरी की वार्षिक आय में अपेक्षाकृत सीमित वृद्धि दर्ज हुई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में उनकी आय 63.36 लाख रुपये थी। वर्ष 2022-23 में यह 57.36 लाख रुपये और 2023-24 में 65.11 लाख रुपये दर्ज की गई।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में उनकी आय घटकर 50.56 लाख रुपये रही, जबकि 2025-26 में बढ़कर 75.57 लाख रुपये पहुंच गई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि उनकी आय में हर वर्ष लगातार वृद्धि नहीं हुई, बल्कि अलग-अलग वर्षों में उतार-चढ़ाव भी दर्ज हुआ।
लक्ष्मी पुरी का राजनयिक और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से जुड़ा लंबा पेशेवर अनुभव रहा है। वह भारतीय विदेश सेवा की पूर्व अधिकारी हैं और संयुक्त राष्ट्र में सहायक महासचिव के पद पर भी काम कर चुकी हैं। इसके अलावा वह कॉरपोरेट क्षेत्र से भी जुड़ी रही हैं। उनकी घोषित आय और संपत्ति के विवरण को इसी पेशेवर पृष्ठभूमि के संदर्भ में देखा जा रहा है।
चुनावी हलफनामे में उम्मीदवारों को अपनी चल और अचल संपत्ति के साथ जीवनसाथी तथा आश्रितों की संपत्ति का विवरण भी देना होता है। इसके अतिरिक्त आय, देनदारियों और अन्य निर्धारित जानकारियों का उल्लेख किया जाता है। इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
राज्यसभा चुनाव में आम चुनावों की तरह जनता सीधे मतदान नहीं करती। संबंधित राज्य के निर्वाचित विधायक निर्धारित चुनाव प्रक्रिया के अनुसार मतदान करते हैं। इसलिए मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए दाखिल नामांकन राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन के बाद उनके हलफनामे में घोषित संपत्ति और आय के आंकड़े सार्वजनिक चर्चा में हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी पुरी चल संपत्ति और वार्षिक आय के मामले में अपने पति से आगे हैं, जबकि भारतीय रुपये में घोषित अचल संपत्ति का मूल्य हरदीप सिंह पुरी के नाम अधिक है।
फिलहाल 12 नवंबर को प्रस्तावित राज्यसभा उपचुनाव से पहले दोनों की संपत्ति और आय का यह विवरण चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, हलफनामे में संपत्ति का मूल्यांकन और वार्षिक आय अलग-अलग वित्तीय अवधारणाएं हैं। केवल इन आंकड़ों से किसी व्यक्ति की वास्तविक नकद उपलब्धता या संपत्ति अर्जित करने के स्रोतों के बारे में निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।





