महाराष्ट्र

नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर शाम 6 बजे पहुंचेगा पुणे, राजकीय सम्मान के साथ होगी अंतिम विदाई

Kavita2
8 Oct 2026 5:52 PM IST
नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर शाम 6 बजे पहुंचेगा पुणे, राजकीय सम्मान के साथ होगी अंतिम विदाई
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पुणे। हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर है। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को गोवा में 75 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर गुरुवार शाम करीब छह बजे पुणे पहुंचने की संभावना जताई गई है। पुणे जिले के डोणजे गांव स्थित उनके फार्महाउस परिसर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने भारतीय सिनेमा और रंगमंच में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए राजकीय सम्मान देने का निर्णय लिया है। अंतिम दर्शन के लिए फिल्म जगत की हस्तियों, राजनीतिक नेताओं और प्रशंसकों के पहुंचने की संभावना है। अंतिम संस्कार को लेकर फार्महाउस परिसर में तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क है।

शाम छह बजे पुणे पहुंचेगा पार्थिव शरीर

नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर गोवा से पुणे लाए जाने की व्यवस्था की गई है।

ताजा रिपोर्ट के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर शाम करीब छह बजे पुणे पहुंचने की संभावना है। इसके बाद उसे अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।

हालांकि, पार्थिव शरीर के पहुंचने के समय को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। नाम फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गणेश थोराट ने पहले शाम करीब पांच बजे पहुंचने की जानकारी दी थी।

बाद की रिपोर्ट में शाम छह बजे का समय बताया गया है।

इसी कारण अंतिम संस्कार का समय भी आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है।

राजकीय सम्मान के साथ होगी अंतिम विदाई

महाराष्ट्र सरकार ने नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ कराने की घोषणा की है।

महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने सरकार के इस निर्णय की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि अभिनेता के हिंदी और मराठी सिनेमा के साथ रंगमंच में महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया जाएगा।

राजकीय सम्मान के अंतर्गत निर्धारित सरकारी प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम विदाई दी जाती है।

सरकार के इस फैसले को नाना पाटेकर के लंबे अभिनय करियर और सामाजिक कार्यों के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

डोणजे स्थित फार्महाउस में अंतिम संस्कार

नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे जिले के डोणजे गांव स्थित उनके फार्महाउस परिसर में किया जाएगा।

यह फार्महाउस पुणे शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित है और अभिनेता का इस स्थान से विशेष लगाव रहा है।

उनके सामाजिक संगठन नाम फाउंडेशन से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि अंतिम संस्कार की व्यवस्था फार्महाउस परिसर में की जा रही है।

यहां अंतिम संस्कार के लिए स्थान तैयार करने के साथ आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, तैयारियों में नाम फाउंडेशन के कार्यकर्ता भी सहयोग कर रहे हैं।

रात नौ से दस बजे के बीच अंतिम संस्कार की संभावना

पार्थिव शरीर के पुणे पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।

ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अंतिम संस्कार रात नौ से दस बजे के बीच होने की संभावना है।

हालांकि, पहले कुछ रिपोर्टों में शाम चार और पांच बजे का समय भी बताया गया था।

कार्यक्रम में हुए बदलाव को देखते हुए अंतिम संस्कार का निश्चित समय आधिकारिक व्यवस्था के अनुसार ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल पार्थिव शरीर के पुणे पहुंचने और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई की तैयारियां जारी हैं।

गोवा में गुरुवार सुबह हुआ निधन

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर निधन हुआ।

उन्हें सुबह अचेत अवस्था में पाया गया था। इसके बाद अस्पताल ले जाया गया।

गोवा के मणिपाल अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

अस्पताल से संबंधित जानकारी के अनुसार, चिकित्सकों ने लगभग 45 मिनट तक उन्हें पुनर्जीवित करने का प्रयास किया।

इसके बाद सुबह लगभग 5 बजकर 20 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

प्रारंभिक रिपोर्टों में कार्डियक अरेस्ट को मृत्यु का कारण बताया गया है।

पोस्टमार्टम के बाद पुणे लाया जा रहा पार्थिव शरीर

नाना पाटेकर के निधन के बाद आवश्यक चिकित्सकीय और कानूनी औपचारिकताएं शुरू की गई थीं।

उनके पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया था।

इसके बाद परिजनों को पार्थिव शरीर सौंपने और पुणे ले जाने की व्यवस्था की गई।

पुणे में अंतिम दर्शन के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

हालांकि, शाम छह बजे तक पार्थिव शरीर के वास्तव में पुणे पहुंच जाने की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

अंतिम दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं प्रशंसक

नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद उनके चाहने वालों में दुख का माहौल है।

कई दशकों तक फिल्मों में यादगार अभिनय करने वाले अभिनेता के प्रशंसक उन्हें अंतिम विदाई देना चाहते हैं।

फार्महाउस परिसर में पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखे जाने की योजना है।

समारोह में फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों और अन्य प्रमुख हस्तियों के पहुंचने की संभावना जताई गई है।

हालांकि, किन-किन कलाकारों की उपस्थिति सुनिश्चित हुई है, इसकी पूरी आधिकारिक सूची सामने नहीं आई है।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारी

नाना पाटेकर की अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार को देखते हुए पुणे में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

डोणजे स्थित फार्महाउस के आसपास पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है।

अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था की भी तैयारी की जा रही है।

संबंधित मार्गों पर आवश्यकता के अनुसार यातायात नियंत्रण लागू किया जा सकता है।

प्रशासन का उद्देश्य अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी कराना है।

दमदार अभिनय से बनाई अलग पहचान

नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के उन अभिनेताओं में शामिल थे, जिन्होंने अपनी विशिष्ट संवाद अदायगी और अभिनय शैली से पहचान बनाई।

उन्होंने हिंदी के साथ मराठी फिल्मों और रंगमंच में भी लंबे समय तक काम किया।

फिल्मों में गंभीर, भावनात्मक और हास्य भूमिकाओं को प्रभावशाली ढंग से निभाने के लिए उनकी विशेष पहचान रही।

उनका वास्तविक नाम विश्वनाथ पाटेकर था।

मराठी रंगमंच से शुरुआत करने के बाद उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

'परिंदा' और 'क्रांतिवीर' से मिली लोकप्रियता

नाना पाटेकर के अभिनय करियर में कई महत्वपूर्ण फिल्में शामिल हैं।

फिल्म 'परिंदा' में उनके दमदार अभिनय को दर्शकों और आलोचकों की सराहना मिली।

इसके बाद 'क्रांतिवीर' में उनके संवाद और अभिनय बेहद लोकप्रिय हुए।

उन्होंने 'तिरंगा', 'प्रहार', 'अग्नि साक्षी' और 'खामोशी' जैसी फिल्मों में भी यादगार भूमिकाएं निभाईं।

इन फिल्मों ने उन्हें ऐसे अभिनेता के रूप में स्थापित किया, जो कठिन और जटिल किरदारों को प्रभावशाली तरीके से निभाने की क्षमता रखते थे।

'वेलकम' में हास्य अभिनय ने जीता दिल

गंभीर भूमिकाओं के अलावा नाना पाटेकर ने हास्य फिल्मों में भी अपनी प्रतिभा दिखाई।

फिल्म 'वेलकम' में उदय शेट्टी के किरदार को दर्शकों ने विशेष रूप से पसंद किया।

इस फिल्म में उनके संवाद बोलने का अंदाज और हास्य अभिनय बेहद लोकप्रिय हुआ।

गंभीर फिल्मों से अलग इस भूमिका ने उनके अभिनय की विविधता को सामने रखा।

उनकी फिल्मों के कई संवाद आज भी दर्शकों के बीच याद किए जाते हैं।

राष्ट्रीय पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित

नाना पाटेकर को भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले।

उन्होंने अपने अभिनय के लिए तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त किए।

वर्ष 2013 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था।

हिंदी और मराठी सिनेमा में उनके योगदान को व्यापक पहचान मिली।

विभिन्न प्रकार के किरदारों को निभाने की उनकी क्षमता ने उन्हें भारतीय फिल्म जगत में विशेष स्थान दिलाया।

समाजसेवा में भी रहे सक्रिय

नाना पाटेकर केवल अभिनय तक सीमित नहीं रहे, बल्कि सामाजिक कार्यों से भी जुड़े थे।

उन्होंने नाम फाउंडेशन के माध्यम से महाराष्ट्र के किसानों और जल संरक्षण से संबंधित गतिविधियों में योगदान दिया।

फाउंडेशन किसानों और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में सहायता तथा जल संरक्षण के कार्यों से जुड़ा रहा है।

नाना पाटेकर ने विभिन्न अवसरों पर किसानों की समस्याओं को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की थी।

उनकी सामाजिक सक्रियता भी उनकी सार्वजनिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।

फिल्म और राजनीतिक जगत में शोक

नाना पाटेकर के निधन पर फिल्म जगत और राजनीति से जुड़े कई लोगों ने संवेदना व्यक्त की है।

अभिनेता अक्षय कुमार सहित फिल्मी हस्तियों ने उनके अभिनय और व्यक्तित्व को याद किया।

विभिन्न नेताओं ने भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए श्रद्धांजलि दी।

उनके निधन को हिंदी और मराठी फिल्म उद्योग के लिए बड़ी क्षति बताया जा रहा है।

पुणे में अंतिम विदाई की तैयारियां जारी

नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर को गुरुवार शाम पुणे लाने की तैयारी है।

डोणजे गांव स्थित फार्महाउस पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

अंतिम दर्शन के लिए प्रशंसकों और अन्य लोगों के पहुंचने की संभावना है।

महाराष्ट्र सरकार ने अभिनेता के फिल्मी और रंगमंचीय योगदान को सम्मान देने के लिए राजकीय अंतिम संस्कार की घोषणा की है।

नाना पाटेकर ने कई दशकों तक अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों में विशेष स्थान बनाया। उनकी आखिरी विदाई पुणे के उसी फार्महाउस परिसर में होगी, जिससे उनका गहरा लगाव था। गुरुवार शाम पार्थिव शरीर पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन और निर्धारित राजकीय औपचारिकताओं के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।

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