महाराष्ट्र

Pune : नशे पर शिकंजा, स्कूलों के पास तंबाकू बिक्री बंद

Kavita2
17 July 2026 12:22 PM IST
Pune : नशे पर शिकंजा, स्कूलों के पास तंबाकू बिक्री बंद
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पुणे: पुणे पुलिस ने शहर में नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं इस्तेमाल के खिलाफ सख्त अभियान चलाने का फैसला किया है। पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने स्कूलों और कॉलेजों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना पुलिस, शिक्षण संस्थानों और अभिभावकों की साझा जिम्मेदारी है।

गुरुवार को गणेश कला क्रीड़ा मंच में आयोजित नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस कमिश्नर ने कहा कि महाराष्ट्र को किसी भी स्थिति में ‘उड़ता पंजाब’ नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में नशीले पदार्थों के कारोबार को रोकने के लिए पुलिस सख्त कदम उठाएगी।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र, स्कूल-कॉलेजों के प्रतिनिधि और अन्य शिक्षण संस्थानों से जुड़े लोग मौजूद थे। इस दौरान पुलिस कमिश्नर ने युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

अमितेश कुमार ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों और कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने वाली दुकानों की पहचान के लिए अगले 24 घंटे के भीतर विशेष अभियान शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।

उन्होंने बताया कि सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 के तहत शिक्षण संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति या दुकान संचालक नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर छोटे स्तर से होती है और धीरे-धीरे यह युवाओं के जीवन को प्रभावित कर सकती है। इसलिए जरूरी है कि स्कूल और कॉलेज के आसपास ऐसे सभी स्रोतों को खत्म किया जाए, जहां से छात्रों को तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थ आसानी से उपलब्ध हो सकते हैं।

उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों पर ध्यान दें और उन्हें सही मार्गदर्शन दें। उन्होंने कहा कि केवल पुलिस कार्रवाई से ही नशे की समस्या को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।

कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने भी नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों का सेवन युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर असर डाल सकता है। छात्रों को नशे से बचने और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का संदेश दिया गया।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि नशीले पदार्थों की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह खुद भी सड़कों पर उतरकर अभियान का हिस्सा बनेंगे। उनका उद्देश्य पुणे को सुरक्षित और नशा-मुक्त शहर बनाना है, जहां युवा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकें।

पुलिस विभाग की ओर से आने वाले दिनों में स्कूल और कॉलेज क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करने की योजना बनाई गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए समय रहते कदम उठाना जरूरी है। शिक्षण संस्थानों के आसपास तंबाकू और नशीले पदार्थों की उपलब्धता कम होने से छात्रों को गलत आदतों से दूर रखने में मदद मिल सकती है।

पुणे पुलिस के इस अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाना भी है। पुलिस, स्कूल प्रशासन, अभिभावक और छात्र मिलकर काम करेंगे तो शहर को नशे के खतरे से बचाने में सफलता मिल सकती है।

कमिश्नर के निर्देश के बाद अब पुलिस की विशेष टीमें स्कूल-कॉलेज क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। प्रशासन की कोशिश है कि पुणे में युवाओं के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण तैयार किया जा सके।

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