
भुवनेश्वर। ओडिशा में अवैध गांजे की खेती पर रोक लगाने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और राज्य की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में कंधमाल और बौध जिलों में ‘मिशन जीरो कैनबिस कल्टीवेशन’ की शुरुआत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य मार्च 2027 तक दोनों जिलों से अवैध गांजे की खेती को पूरी तरह समाप्त करना है। अभियान की शुरुआत के मौके पर कंधमाल जिले के काकेंद्री गांव में लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में की गई अवैध गांजे की खेती को भी नष्ट किया गया।
NCB के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि इस अभियान में ब्यूरो ने ओडिशा एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के साथ हिस्सा लिया। यह पहल नारकोटिक्स कंट्रोल से जुड़े 2026-29 के विजन डॉक्यूमेंट के तहत आगे बढ़ाई जा रही है। कंधमाल और बौध जिलों को अभियान के लिए चुना गया है, क्योंकि इन क्षेत्रों में राज्य की सबसे अधिक अवैध गांजे की खेती होने की जानकारी दी गई है।
मार्च 2027 तक खेती खत्म करने का लक्ष्य
NCB के अनुसार, ‘मिशन जीरो कैनबिस कल्टीवेशन’ का प्रमुख लक्ष्य मार्च 2027 तक कंधमाल और बौध जिलों में अवैध गांजे की खेती को पूरी तरह समाप्त करना है। इस दिशा में राज्य की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स और केंद्रीय एजेंसी मिलकर काम कर रही हैं।
अवैध गांजे की खेती पर रोक लगाने के लिए खेतों की पहचान, फसल को नष्ट करने और स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने जैसे प्रयास महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अभियान के तहत दोनों जिलों में ऐसी खेती को खत्म करने पर ध्यान दिया जाएगा, जिससे नशीले पदार्थों के अवैध उत्पादन को रोका जा सके।
NCB ने बताया कि यह मिशन निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मार्च 2027 तक अवैध खेती समाप्त करने की योजना के तहत संबंधित एजेंसियां अभियान को आगे बढ़ाएंगी। हालांकि, दोनों जिलों में कुल कितने क्षेत्र में गांजे की खेती की पहचान की गई है, इसका विस्तृत आंकड़ा उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
काकेंद्री गांव में 30 एकड़ फसल नष्ट
अभियान की शुरुआत के दौरान कंधमाल जिले के काकेंद्री गांव में लगभग 30 एकड़ जमीन पर की गई अवैध गांजे की खेती को नष्ट किया गया। यह कार्रवाई मिशन के शुरुआती चरण का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
अवैध गांजे की खेती को नष्ट करने की कार्रवाई का उद्देश्य नशीले पदार्थों के उत्पादन पर रोक लगाना है। कंधमाल और बौध जिलों में विशेष अभियान चलाकर ऐसे स्थानों की पहचान करने और वहां की अवैध फसल को नष्ट करने पर जोर दिया जा रहा है।
केंद्रीय और राज्य एजेंसियों की संयुक्त भागीदारी से अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की योजना है। काकेंद्री गांव में की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि मिशन के तहत अवैध खेती को सीधे नष्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
हालांकि, इस कार्रवाई में कितने लोग शामिल थे और फसल नष्ट करने के दौरान किन अन्य उपायों को अपनाया गया, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
नशामुक्त भारत के लिए 500 लोगों ने ली शपथ
अवैध गांजे की खेती के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ नशामुक्ति को लेकर जागरूकता बढ़ाने के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। NCB ने बताया कि सुद्रुकुम्पा में पंचायत सदस्यों सहित लगभग 500 लोगों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली।
इस पहल का उद्देश्य लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और समाज में नशामुक्त जीवन के संदेश को बढ़ावा देना है। स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी से यह संदेश समुदाय तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
अवैध खेती को नष्ट करने के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना अभियान का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू है। इससे नशीले पदार्थों के उत्पादन और इस्तेमाल के खिलाफ लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
NCB के मुताबिक, नशामुक्त भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम अभियान का हिस्सा हैं।
फुलबानी में 500 कॉलेज विद्यार्थियों की मिनी-मैराथन
नशामुक्ति अभियान के तहत फुलबानी में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां लगभग 500 कॉलेज विद्यार्थियों ने मिनी-मैराथन में हिस्सा लिया। इस आयोजन के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने और नशामुक्त जीवन के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।
युवाओं की भागीदारी को अभियान के सामाजिक पक्ष से जोड़कर देखा जा रहा है। मिनी-मैराथन के माध्यम से नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता फैलाने और नशामुक्त भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया।
एक ओर काकेंद्री गांव में अवैध गांजे की फसल नष्ट की गई, वहीं दूसरी ओर सुद्रुकुम्पा और फुलबानी में लोगों तथा विद्यार्थियों की भागीदारी से जागरूकता कार्यक्रम हुए। इन गतिविधियों के जरिए कार्रवाई और जनभागीदारी को एक साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
अवैध खेती पर रोक लगाने के लिए संयुक्त प्रयास
ओडिशा में ‘मिशन जीरो कैनबिस कल्टीवेशन’ के तहत NCB और राज्य की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स अवैध गांजे की खेती समाप्त करने के लक्ष्य पर काम कर रही हैं। अभियान के लिए मार्च 2027 की समयसीमा तय की गई है।
कंधमाल और बौध जिलों में अवैध गांजे की खेती को खत्म करने के साथ नशामुक्ति से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। लगभग 30 एकड़ फसल नष्ट किए जाने, 500 लोगों की शपथ और 500 विद्यार्थियों की मिनी-मैराथन इस अभियान की शुरुआती गतिविधियों में शामिल हैं।
अब आगे की कार्रवाई में दोनों जिलों में अवैध खेती की पहचान और उसे खत्म करने के प्रयास महत्वपूर्ण रहेंगे। मिशन का अंतिम लक्ष्य मार्च 2027 तक दोनों जिलों से अवैध गांजे की खेती को पूरी तरह समाप्त करना है।





